{"_id":"5fef656f95a97b073229b797","slug":"higher-education-examination-should-not-be-taken-from-objective-questions","type":"story","status":"publish","title_hn":"वस्तुनिष्ठ प्रश्नों से न ली जाए उच्च शिक्षा की परीक्षा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वस्तुनिष्ठ प्रश्नों से न ली जाए उच्च शिक्षा की परीक्षा
Sat, 02 Jan 2021 12:09 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sat, 02 Jan 2021 12:09 AM IST
विज्ञापन
dr bhimrao ambedkar university agra
डॉ. भीमराव आंबेडकर शिक्षक संघ (औटा) के अध्यक्ष डॉ. ओमवीर सिंह व महामंत्री डॉ. भूपेंद्र कुमार चिकारा ने कुलपति के माध्यम से कुलाधिपति को उच्च शिक्षा की परीक्षा के संबंध में ज्ञापन प्रेषित किया है। इसके माध्यम से निवेदन किया गया है कि कोरोना संक्रमण काल के चलते अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं से आवश्यक और वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर लिए गए। लेकिन अगर यह प्रणाली आगे जारी रहती है तो इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
औटा अध्यक्ष डॉ. ओमवीर सिंह ने बताया कि अगर वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की प्रणाली जारी रखी जाती है तो इससे छात्रों की शिक्षण अधिगम की गणवत्ता पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। साथ ही दीर्घकालिक लेखन और विश्लेषण की क्षमताओं पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह प्रणाली विद्यार्थियों के भविष्य में सेवायोजन की उपयोगिता को भी कम करेगा।
सभी शिक्षकों का यही मत है और निवेदन है कि बहुविकल्पीय प्रश्नों के साथ विषय से जुड़े हुए प्रश्नों के उत्तर देने की प्रणाली लागू की जाए। उन्होंने कहा कि सीधे सीधे पूर्व की भांति परीक्षा कराई जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
औटा अध्यक्ष डॉ. ओमवीर सिंह ने बताया कि अगर वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की प्रणाली जारी रखी जाती है तो इससे छात्रों की शिक्षण अधिगम की गणवत्ता पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। साथ ही दीर्घकालिक लेखन और विश्लेषण की क्षमताओं पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह प्रणाली विद्यार्थियों के भविष्य में सेवायोजन की उपयोगिता को भी कम करेगा।
विज्ञापन
सभी शिक्षकों का यही मत है और निवेदन है कि बहुविकल्पीय प्रश्नों के साथ विषय से जुड़े हुए प्रश्नों के उत्तर देने की प्रणाली लागू की जाए। उन्होंने कहा कि सीधे सीधे पूर्व की भांति परीक्षा कराई जाएं।
विज्ञापन