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अलीगढ़: शराब-गुस्सा और पैसे के कॉकटेल ने ली सौरभ की जान, सदमें में पत्नी ने छत से कूदने की कोशिश की

Tue, 18 Jun 2019 11:53 AM IST
Abhishek Singh अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़ Published by: Abhishek Singh Updated Tue, 18 Jun 2019 11:53 AM IST
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Here all about Saurabh Sharma Murder in Aligarh
मृतक सौरभ शर्मा - फोटो : अमर उजाला

सौरभ शर्मा की हत्या शराब और गुस्से के कॉकटेल में हुई है। पुलिस जांच में पता चला है कि हत्यारोपी भाई अभिषेक शर्मा उर्फ चंचल रिश्ते के चाचा दुष्यंत शर्मा उर्फ काका को लेकर सौरभ के पास उसकी हत्या करने के इरादे से ही गया था। यहां आने से पहले दोनों ने शराब पी थी। 

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सौरभ के पीली कोठी, जयगंज स्थित कारखाने से निकलते ही दोनों ने उसे गेट पर ही रोक लिया। इसके बाद अभिषेक और दुष्यंत ने सौरभ से हाथापाई शुरू कर दी। विरोध में उसने भी हाथ पैर फेंके। इसी दौरान वहीं मोड़ पर स्थित एक टेंट गोदाम से अभिषेक धारदार हथियार ले आया और सौरभ को घायल कर दिया। इसके बाद तो नशे में धुत अभिषेक ने टैंट गोदाम में रखे स्टैंड पंखा उठाकर उसके नीचे का तला सौरभ के सिर में दे मारा। 
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इसके बाद भी उसका दिल नहीं पसीजा और बेरहमी से उसने दूसरा वार भी कर दिया। जब सौरभ अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ा तो दोनों उसे वहीं छोड़कर पठान मोहल्ला की ओर भाग गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सौरभ के हाथ में एक कटने का निशान है और सिर में गंभीर रूप से चोटें हैं, जिनसे उसकी मौत हुई है।
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चार दिन पहले दोनों भाइयों में रखी गई थी खूनी रंजिश की नीव

इन दोनों भाइयों में पिछले करीब एक सप्ताह से तनातनी ज्यादा चरम पर थी। वाकया चार दिन पुराना बताया गया है, सौरभ ने अपने जिस दोस्त को 10 लाख रुपया उधार दे रखा था। उसी पर अभिषेक का भी चार लाख रुपया उधार है और क्षेत्र के अन्य लोगों का भी मिलाकर करीब 65 लाख रुपया उस पर बाजार का कर्ज है। वह अब तक छिपा फिर रहा था। 

चार दिन पहले उसे कुछ लोगों ने पकड़ लिया था और बात थाने तक पहुंची थी। जहां सौरभ और अभिषेक भी उससे अपने रुपये मांगने थाने गए थे। वहां दोनों में इस बात पर तनातनी हो गई थी कि उससे पहले कौन पैसे वसूलेगा। उस समय उसने ये भरोसा दिलाया था कि जल्द ही अपना मकान बेचकर सभी के रुपये लौटाएगा।

जिसके बाद दोनों भाई वहां से चले आए थे। मगर उसी समय अभिषेक ने उसे चेतावनी दी थी कि अगर वह उसके रास्ते से नहीं हटेगा तो उसे सबक सिखाएगा। रविवार को चाचा संग शराब पीकर उसने भाई को सबक सिखाने का प्लान बना लिया।

हिस्ट्रीशीटर है हत्यारोपी दुष्यंत, अभिषेक लग चुका है रासुका

भाई की हत्या के आरोपी अभिषेक का अपराध से पुराना नाता है। उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) सहित हमला, गुंडा एक्ट आदि के तीन मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, दुष्यंत उर्फ काका पुराना हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ सासनी गेट थाने में हिस्ट्रीशीट नंबर 35ए खुली हुई है। इसके साथ ही हमले आदि के 22 आपराधिक मामले थाने के रिकार्ड में उस पर दर्ज हैं।

इंस्पेक्टर सासनी गेट अनूप कुमार भारतीय के अनुसार ताला कारोबारी चंद्रशेखर शर्मा के बड़े बेटे अभिषेक शर्मा उर्फ चंचल के विषय में जानकारी मिली है कि वह शुरुआत से ही रंगबाजी का शौकीन रहा है। इस शौक को उसके रिश्ते के चाचा दुष्यंत ने बढ़ावा दिया। इस दौरान उस पर हमला आदि के मुकदमे दर्ज हुआ। 

इंस्पेक्टर के अनुसार अब तक उस पर हमला, गुंडा और रासुका का मुकदमा रिकार्ड में मिला है। बाकी और भी मुकदमों की जानकारी है, जिन्हें जुटाया जा रहा है। हालांकि उसकी हरकतों से तंग आकर घर वालों ने उसे बैंग्लोर भेज दिया था। वहां कुछ दिन रहने के बाद परिवार वालों ने उसे वापस बुला लिया था। एक बार दुष्यंत और अभिषेक के बीच भी कहासुनी हुई थी। जिसमें अभिषेक ने दुष्यंत का सिर फाड़ दिया था। इसके बाद दोनों में टकराव की स्थिति बन गई। 

बाद में समझौता होने पर फिर से एक साथ रहने लगे। उनकी इसी दबंगई की वजह है कि कारखाने के आसपास जब पुलिस लोगों से पूछताछ करने गई तो वहां कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं था। इसके पीछे अभिषेक और दुष्यंत की दहशत ही बड़ी वजह बताई जा रही है। कुछ लोगों ने दबी आवाज में बताया कि इन लोगों ने मोहल्ले में आतंक मचा रखा था। डर है कि मुंह खोलेंगे तो उनके परिवार को कोई नुकसान पहुंचाया जा सकता है। 

इधर, सौरभ शर्मा की जिस टेंट गोदाम से पंखा निकालकर उसकी लोहे की रॉड से हत्या की गई वह गोदाम सोमवार को ताले में बंद रहा। इधर, बजरंग दल संगठन से मिली जानकारी के अनुसार अभिषेक को कुछ माह पहले एक कार्यक्रम के लिए प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई थी जो कि अस्थायी थी। अब संगठन में उस पर कोई जिम्मेदारी नहीं है।

बदहवास पत्नी ने खुद भी छत से कूदने की कोशिश की

साढ़ू सौरभ की हत्या की खबर पर पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय अपनी धर्मपत्नी हाथरस से चेयरमैन का चुनाव लड़ चुकीं ऋतु उपाध्याय संग सुबह ही यहां पहुंच गए थे। सुबह से पूरे समय पोस्टमार्टम आदि की औपचारिकताओं कराने के बाद शव को साथ लेकर जयगंज स्थित घर पहुंचे। जहां पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय भी पहुंच गए थे। 

इस दौरान शव को देखकर पत्नी लिली का हाल बेहाल हो गया। बमुश्किल उसे संभाला गया। उसने छत से कूदने तक की कोशिश की। बाद में उसने अंतिम संस्कार के लिए शमशान तक जाने की जिद की। इस पर उसे पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय और उसके बहनोई मुकुल उपाध्याय ने जैसे तैसे संभाला। 

अंतिम संस्कार के बाद लिली को उसके मायके वाले ये कहकर बच्चों सहित हाथरस साथ ले गए कि यहां उसकी जान को खतरा है। यहां उसके साथ कुछ भी हो सकता है। अब यहां उसका कोई रक्षक नहीं है।

मामा की गोद में मासूम ने सकपकाते हाथों से दी पिता को मुखाग्नि

सौरभ शर्मा के शव का रिश्तेदारों ने सासनी गेट स्थित शमशान घाट में अंतिम संस्कार किया। यहां सौरभ के चार वर्षीय बेटे अर्व ने पिता के शव को मामा पवन पाठक की गोद में रहकर मुखाग्नि दी। इस मंजर को देख हर किसी की आंखें नम हो गई। 

एक समय तो ऐसा आया कि मासूम के हाथ में रिश्तेदारों ने मुखाग्नि के लिए हाथ में आग लगी लकड़ी दी तो वह सकपका उठा और आग से डरकर रोने लगा। जैसे-तैसे रिश्तेदारों ने मासूम को शांत किया और उसके हाथों सौरभ के शव का अंतिम संस्कार कराया। 

सौरभ की मौत से उनके दो बच्चों चार वर्षीय अर्व और छह माह के मासूम रोमियो के सिर से पिता का साया उठ गया है। बस्ती-मोहल्ले के लोग बच्चों और पत्नी लीली की हालत को देख सहम गए।

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