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बढ़ती महंगाई व खाद की किल्लत से आक्रोशित किसानों ने किया प्रदर्शन
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कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन के बाद ओसी को ज्ञापन देते भाकियू के पदाधिकारी।
- फोटो : MURSAN
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरसान।
भारतीय किसान यूनियन हरपाल गुट ने डीएपी की किल्लत, बढ़ती महंगाई व अन्य मांगों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उर्वरक मंत्री, पेट्रोलियम मंत्री व मुख्यमंत्री के नाम डीएम हाथरस को ज्ञापन दिया है।
धरना-प्रदर्शन में राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त किसान नेता राष्ट्रीय महासचिव रामबाबू सिंह चौहान ने कहा कि आज बेरोजगारी, भुखमरी, जमाखोरी, डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस की बढ़ी कीमतों ने किसान, मजदूर, आम नागरिकों की कमर तोड़ दी है। खेती पर कब्जा किया जा रहा है। रासायनिक खाद किसानों को नहीं मिल पा रही है।
सरकार पूंजीपतियों के मुनाफाखोरी के लिए बनाए कृषि कानूनों को विश्व के सबसे बड़े किसान आंदोलन के बावजूद वापस नहीं ले रही है। किसान संगठन के लोगों ने मांग की है कि धान में बरसात से क्षति हुई है मुआवजा शीघ्र मिलना चाहिए। आवारा गोवंश से फसलों को बचाना सुनिश्चित किया जाए।
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मच्छरों से बचाव के लिए छिड़काव किया जाए। कृषि कानून समाप्त कर एमएसपी पर फसल खरीद का कानून बनाया जाए। सड़कों के निर्माण में घपला रोककर मजबूती बढ़ाई जाए। मकानों के ऊपर से होकर निकल रहे विद्युत तारों को हटाया जाए।
देश के अधिकांश विभागों को प्राइवेट सेक्टरों को दे दिया है शीघ्र वापस लाए जाएं। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह, राष्ट्रीय मुख्य महासचिव भारतीय किसान यूनियन विनोद कुमार सिंह पुंडीर, विवेक सिंह, अंकित सिंह, भीम सैन, राममूर्ति आदि थे।
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भारतीय किसान यूनियन हरपाल गुट ने डीएपी की किल्लत, बढ़ती महंगाई व अन्य मांगों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उर्वरक मंत्री, पेट्रोलियम मंत्री व मुख्यमंत्री के नाम डीएम हाथरस को ज्ञापन दिया है।
धरना-प्रदर्शन में राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त किसान नेता राष्ट्रीय महासचिव रामबाबू सिंह चौहान ने कहा कि आज बेरोजगारी, भुखमरी, जमाखोरी, डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस की बढ़ी कीमतों ने किसान, मजदूर, आम नागरिकों की कमर तोड़ दी है। खेती पर कब्जा किया जा रहा है। रासायनिक खाद किसानों को नहीं मिल पा रही है।
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सरकार पूंजीपतियों के मुनाफाखोरी के लिए बनाए कृषि कानूनों को विश्व के सबसे बड़े किसान आंदोलन के बावजूद वापस नहीं ले रही है। किसान संगठन के लोगों ने मांग की है कि धान में बरसात से क्षति हुई है मुआवजा शीघ्र मिलना चाहिए। आवारा गोवंश से फसलों को बचाना सुनिश्चित किया जाए।
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मच्छरों से बचाव के लिए छिड़काव किया जाए। कृषि कानून समाप्त कर एमएसपी पर फसल खरीद का कानून बनाया जाए। सड़कों के निर्माण में घपला रोककर मजबूती बढ़ाई जाए। मकानों के ऊपर से होकर निकल रहे विद्युत तारों को हटाया जाए।
देश के अधिकांश विभागों को प्राइवेट सेक्टरों को दे दिया है शीघ्र वापस लाए जाएं। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह, राष्ट्रीय मुख्य महासचिव भारतीय किसान यूनियन विनोद कुमार सिंह पुंडीर, विवेक सिंह, अंकित सिंह, भीम सैन, राममूर्ति आदि थे।