{"_id":"61b8ebf94ce02b55c42c1b11","slug":"hathras-after-leaving-the-cowshed-the-cows-destroyed-ten-bighas-of-wheat-crop-mursan-news-ali2805811193","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : गोशाला से निकलकर गोवंश ने दस बीघा गेहूं की फसल उजाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : गोशाला से निकलकर गोवंश ने दस बीघा गेहूं की फसल उजाड़ी
विज्ञापन
हाथरस : गोवंश द्वारा उजाड़ी गई फसल। संवाद
- फोटो : MURSAN
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरसान (हाथरस)
क्षेत्र की सुरतिया ग्राम पंचायत के गांव सुखा में रविवार रात एक किसान के खेत में अस्थाई गोशाला से निकलकर दर्जनों गोवंश घुस गए। गोवंश ने किसान की करीब दस बीघा गेहूं की फसल को बर्बाद कर दिया। पीड़ित किसान ने अधिकारियों से मुआवजे के लिए गुहार लगाई है।
गांव सुखा निवासी किसान राजेंद्र सिंह ने बताया कि गांव के निकट अस्थाई गोशाला है। वहीं उसकी दस बीघा में गेहूं की फसल है। रविवार रात गोवंश गोशाला से निकलकर उसके खेतों में घुस गए और पूरी गेहूं की फसल को उजाड़ दिया। अगले दिन सुबह राजेंद्र खेतों पर पहुंचा तो देखा गोवंश फसल खा रहे हैं। काफी मशक्कत के बाद गोवंश को खेतों से बाहर निकाला। फसल में हुए नुकसान से राजेंद्र का रो रो कर बुरा हाल है।
राजेंद्र ने बताया कि उसने गांव के ही एक व्यक्ति से बाकी पर खेत लिया था। उसने लोगों से कर्ज लेकर गेहूं की फसल बोई थी। जिसे गोवंश ने बर्बाद कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान ने गोशाला की देखभाल के लिए दो लोगों को रखा है। लेकिन गोवंश को चारा नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण गोवंश गोशाला से निकलकर फसलों का नुकसान करते रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गोशाला की देखभाल के लिए रखे गए दोनों लोग मनमर्जी से काम करते हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्र की सुरतिया ग्राम पंचायत के गांव सुखा में रविवार रात एक किसान के खेत में अस्थाई गोशाला से निकलकर दर्जनों गोवंश घुस गए। गोवंश ने किसान की करीब दस बीघा गेहूं की फसल को बर्बाद कर दिया। पीड़ित किसान ने अधिकारियों से मुआवजे के लिए गुहार लगाई है।
गांव सुखा निवासी किसान राजेंद्र सिंह ने बताया कि गांव के निकट अस्थाई गोशाला है। वहीं उसकी दस बीघा में गेहूं की फसल है। रविवार रात गोवंश गोशाला से निकलकर उसके खेतों में घुस गए और पूरी गेहूं की फसल को उजाड़ दिया। अगले दिन सुबह राजेंद्र खेतों पर पहुंचा तो देखा गोवंश फसल खा रहे हैं। काफी मशक्कत के बाद गोवंश को खेतों से बाहर निकाला। फसल में हुए नुकसान से राजेंद्र का रो रो कर बुरा हाल है।
विज्ञापन
राजेंद्र ने बताया कि उसने गांव के ही एक व्यक्ति से बाकी पर खेत लिया था। उसने लोगों से कर्ज लेकर गेहूं की फसल बोई थी। जिसे गोवंश ने बर्बाद कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान ने गोशाला की देखभाल के लिए दो लोगों को रखा है। लेकिन गोवंश को चारा नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण गोवंश गोशाला से निकलकर फसलों का नुकसान करते रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गोशाला की देखभाल के लिए रखे गए दोनों लोग मनमर्जी से काम करते हैं। संवाद
विज्ञापन