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ब्लैक फंगस को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज में दिशा निर्देश जारी
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जेएन मेडिकल कॉलेज में मौजूदा समय में ब्लैक फंगस के खतरे को ध्यान में रखते हुए मेडिकल स्टाफ से उच्च स्तर का हाइजीन और स्वच्छता उपाय करने की अपील की गई है।
मेडिकल कॉलेज में 250 से अधिक बेड पर ऑक्सीजन पोर्ट हैं। निर्देशित किया गया है कि सभी पोर्ट में रिवर्स ऑस्मोसिस का पानी ही प्रयोग किया जाए। इसके अलावा मरीजों द्वारा इस्तेमाल किए जाने उपकरणों को भी समय-समय पर सैनिटाइज करना सुनिश्चित किया जाए।
मेडिकल कॉलेज में अभी तक तो ब्लैक फंगस का कोई मामला नहीं मिला है, लेकिन यहां पर कोविड-19 वार्ड में 30 से अधिक मरीज भर्ती हैं, जिनका उपचार चल रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं कि ब्लैक फंगस के मामले स्वच्छता से जुड़े हैं।
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अक्सर मरीज को ऑक्सीजन देते समय लापरवाही के कारण ब्लैक फंगस की स्थिति बन जाती है। इसलिए मेडिकल कॉलेज के सभी पैरामेडिकल स्टाफ कर्मचारियों को इस संबंध में विधिवत दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 वार्ड में मरीज भर्ती हैं, उनकी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। ब्लैक फंगस की जांच से लेकर उपचार तक की सारी व्यवस्था मेडिकल कॉलेज में मौजूद है। इसकी आहट को देखते हुए हमने अपनी माइक्रोबायोलॉजी की लैब में पूरी जांच कराई थी। उसे फंगस से पूरी तरह मुक्त पाया गया। इसके अलावा और जरूरी सावधानियां भी बरती जा रही हैं।
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मेडिकल कॉलेज में 250 से अधिक बेड पर ऑक्सीजन पोर्ट हैं। निर्देशित किया गया है कि सभी पोर्ट में रिवर्स ऑस्मोसिस का पानी ही प्रयोग किया जाए। इसके अलावा मरीजों द्वारा इस्तेमाल किए जाने उपकरणों को भी समय-समय पर सैनिटाइज करना सुनिश्चित किया जाए।
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मेडिकल कॉलेज में अभी तक तो ब्लैक फंगस का कोई मामला नहीं मिला है, लेकिन यहां पर कोविड-19 वार्ड में 30 से अधिक मरीज भर्ती हैं, जिनका उपचार चल रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं कि ब्लैक फंगस के मामले स्वच्छता से जुड़े हैं।
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अक्सर मरीज को ऑक्सीजन देते समय लापरवाही के कारण ब्लैक फंगस की स्थिति बन जाती है। इसलिए मेडिकल कॉलेज के सभी पैरामेडिकल स्टाफ कर्मचारियों को इस संबंध में विधिवत दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 वार्ड में मरीज भर्ती हैं, उनकी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। ब्लैक फंगस की जांच से लेकर उपचार तक की सारी व्यवस्था मेडिकल कॉलेज में मौजूद है। इसकी आहट को देखते हुए हमने अपनी माइक्रोबायोलॉजी की लैब में पूरी जांच कराई थी। उसे फंगस से पूरी तरह मुक्त पाया गया। इसके अलावा और जरूरी सावधानियां भी बरती जा रही हैं।