Potato: किसानों को राहत देने के लिए केवल एक ही रास्ता, कोल्ड स्टोर के भाड़े में 200 प्रति क्विंटल मिले अनुदान
कोल्ड स्टोर में मार्च से नवंबर तक शुगर फ्री आलू का किराया 300 रुपये प्रति क्विंटल और सादा आलू का किराया 263 रुपये क्विंटल है, अगर अनुदान मिल जाए तो किसानों पर लदा किराये का बड़ा बोझ हल्का हो जाएगा।
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इस बार पूरी साल आलू का भाव बढ़ने की उम्मीद नहीं है। अलीगढ़ कोल्ड स्टोर ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गिर्राज गोदानी कहते हैं कि अब किसानों को राहत देने के लिए केवल एक ही रास्ता है- कोल्ड स्टोर के भाड़े में अनुदान। एसोसिएशन ने इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मंडी, कृषि निर्यात एवं उद्यान मंत्री डॉ. दिनेश प्रताप सिंह को प्रस्ताव भेजा है, जिसमें 200 रुपये प्रति क्विंटल का अनुदान मांगा गया है। यह राहत पूरे प्रदेश के लिए मांगी गई है, ताकि किसानों को कुछ राहत दिलाई जा सके। सरकार को इस बारे में जल्द ही फैसला करना चाहिए।
दरअसल, वर्ष 2025 के मुकाबले इस बार आलू का उत्पादन 15 से 20 फीसदी ज्यादा हुआ है। जिले के सभी 135 कोल्ड स्टोर इससे भरे हुए हैं। 2.80 करोड़ बैग (50 किलो प्रति बैग) का भंडारण हुआ है। इसके बाद किसानों के पास जो आलू बचा, वह एक महीने चला। इस बार आलू की अधिकांश बड़ी प्रसंस्करण इकाइयों ने चिप्स आदि उत्पाद बनाने के लिए गुजरात का आलू खरीदा है, इसलिए आलू की इस बेल्ट में ज्यादा मांग नहीं हुई है। कोल्ड स्टोर में मार्च से नवंबर तक शुगर फ्री आलू का किराया 300 रुपये प्रति क्विंटल और सादा आलू का किराया 263 रुपये क्विंटल है, अगर अनुदान मिल जाए तो किसानों पर लदा किराये का बड़ा बोझ हल्का हो जाएगा।
अध्यक्ष ने कहा कि इसके साथ ही छोटा आलू सरकारी गोशाला और मिड डे मील के लिए दिया जाए, क्योंकि पिछले साल जून तक कोल्ड स्टोर से लगभग 20 प्रतिशत आलू निकल गया था, लेकिन इस बार केवल 10 प्रतिशत निकला है। भाव कम होने के कारण किसान अपना माल नहीं निकाल रहे हैं। अधिकांश किसान कोल्ड स्टोर संचालकों से उधार में रुपये ले चुके हैं, उसको वापस भी देने नहीं आ रहे हैं। इसलिए कोल्ड स्टोर वालों के लाखों रुपये भी फंस रहे हैं।