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गोशाला का 48 लाख का अनुदान लटकाने पर फंसीं तत्कालीन एसडीएम खैर
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आशीष श्रीवास्तव
खैर की तत्कालीन एसडीएम अंजुम बी जट्टारी की पंजीकृत गोशाला का 48 लाख रुपए का अनुदान लटकाने के मामले में फंस गई हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर कमिश्नर ने शासन को रिपोर्ट भेजते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी है। इस मामले में शहर विधायक संजीव राजा व कोल विधायक अनिल पाराशर ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। मुख्यमंत्री कार्यालय से कमिश्नर को जांच कराने के आदेश दिए गए थे।
जट्टारी में श्री श्याम पुरुषोत्तम गोशाला समिति के नाम से पंजीकृत गोशाला है। इसमें करीब 600 गोवंश हैं। संचालक शिवदत्त शर्मा ने बताया कि इन गोवंश के चारे पानी समेत अन्य व्यवस्थाओं पर हर माह करीब सात लाख रुपये का खर्च आता है। गोशाला के 48 लाख के अनुदान की फाइल कई माह से लटकी थी। इस साल उन्होंने 23 मार्च को सारी औपचारिकता पूर्ण कराने के बाद फाइल भुगतान के लिए तत्कालीन एसडीएम खैर अंजुम बी के समक्ष प्रस्तुत की। लेकिन एसडीएम कोरोना महामारी की आड़ में भुगतान से कतराती रहीं। इसके चलते फाइल जून 2020 तक लटकी रही। 16 जुलाई को उन्होंने फाइल वापस की। तब तक भुगतान की अवधि खत्म हो चुकी थी।
विधायक शहर व कोल की भी नहीं सुनी
अलीगढ़। संचालक शिवदत्त शर्मा ने बताया कि भुगतान न होने पर उन्होंने विधायक शहर संजीव राजा और विधायक कोल अनिल पाराशर से शिकायत की। अन्य वरिष्ठ नेताओं तक भी मामला पहुंचाया। दोनों विधायकों ने एसडीएम से बात भी की, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया।
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मुख्यमंत्री से की शिकायत
अलीगढ़। विधायक कोल अनिल पाराशर ने बताया कि उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। वहां से कमिश्नर को जांच के आदेश किए गए।
पंजीकृत श्री श्याम पुरुषोत्तम गोशाला समिति जट्टारी गोशाला का भुगतान लटकाने के मामले में शासन से तत्कालीन एसडीएम खैर अंजुम बी के खिलाफ जांच के निर्देश आए थे। जांच में वे बेवजह भुगतान की फाइल लटकाने की दोषी पाई गई हैं। उनके खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
- जीएस प्रियदर्शी, कमिश्नर अलीगढ़ मंडल
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खैर की तत्कालीन एसडीएम अंजुम बी जट्टारी की पंजीकृत गोशाला का 48 लाख रुपए का अनुदान लटकाने के मामले में फंस गई हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर कमिश्नर ने शासन को रिपोर्ट भेजते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी है। इस मामले में शहर विधायक संजीव राजा व कोल विधायक अनिल पाराशर ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। मुख्यमंत्री कार्यालय से कमिश्नर को जांच कराने के आदेश दिए गए थे।
जट्टारी में श्री श्याम पुरुषोत्तम गोशाला समिति के नाम से पंजीकृत गोशाला है। इसमें करीब 600 गोवंश हैं। संचालक शिवदत्त शर्मा ने बताया कि इन गोवंश के चारे पानी समेत अन्य व्यवस्थाओं पर हर माह करीब सात लाख रुपये का खर्च आता है। गोशाला के 48 लाख के अनुदान की फाइल कई माह से लटकी थी। इस साल उन्होंने 23 मार्च को सारी औपचारिकता पूर्ण कराने के बाद फाइल भुगतान के लिए तत्कालीन एसडीएम खैर अंजुम बी के समक्ष प्रस्तुत की। लेकिन एसडीएम कोरोना महामारी की आड़ में भुगतान से कतराती रहीं। इसके चलते फाइल जून 2020 तक लटकी रही। 16 जुलाई को उन्होंने फाइल वापस की। तब तक भुगतान की अवधि खत्म हो चुकी थी।
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विधायक शहर व कोल की भी नहीं सुनी
अलीगढ़। संचालक शिवदत्त शर्मा ने बताया कि भुगतान न होने पर उन्होंने विधायक शहर संजीव राजा और विधायक कोल अनिल पाराशर से शिकायत की। अन्य वरिष्ठ नेताओं तक भी मामला पहुंचाया। दोनों विधायकों ने एसडीएम से बात भी की, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया।
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मुख्यमंत्री से की शिकायत
अलीगढ़। विधायक कोल अनिल पाराशर ने बताया कि उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। वहां से कमिश्नर को जांच के आदेश किए गए।
पंजीकृत श्री श्याम पुरुषोत्तम गोशाला समिति जट्टारी गोशाला का भुगतान लटकाने के मामले में शासन से तत्कालीन एसडीएम खैर अंजुम बी के खिलाफ जांच के निर्देश आए थे। जांच में वे बेवजह भुगतान की फाइल लटकाने की दोषी पाई गई हैं। उनके खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
- जीएस प्रियदर्शी, कमिश्नर अलीगढ़ मंडल