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आए दिन उठ रही एक अर्थी
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Mon, 03 Oct 2016 01:46 AM IST
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दाउदगढ़ी के लोग भी अर्थियों को कंधा दे देकर टूट चुके हैं। आए दिन गांव से एक अर्थी उठ रही है। रविवार को गांव में एक और बुखार पीड़ित की मौत हो गई। अब तक नौ जाने बुखार से जा चुकी हैं। इन मौतों से प्रशासनिक बेखबरी को लेेकर लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग से बेहतर उपचार न मिलने से डरे सहमे ग्रामीण निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। बता दें कि गांव दाऊदगढ़ी में बुखार, डेंगू और चिकनगुनिया से ग्रामीण पीड़ित हैं। घर घर चारपाई पर बीमार पड़े हैं। मरीज लगातार मर रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग कुछ नहीं कर पा रहा है।
रविवार को गांव के हरप्रसाद पुत्र टोड़ी सिंह की मौत हो गई। वह कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। इससे पहले आठ लोग बुखार से काल के गाल में समा चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई लोग अभी भी बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग इस बुखार पर कंट्रोल नहीं कर पा रहा है।
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ग्रामीणों के अनुसार लगभग हर खानदान से एक मौत हो चुकी है। पूरा गांव शोक में डूबा है। इन मौतों से परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए रिश्तेदार, मिलने वालों का तांता लगा है।
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स्वास्थ्य विभाग से बेहतर उपचार न मिलने से डरे सहमे ग्रामीण निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। बता दें कि गांव दाऊदगढ़ी में बुखार, डेंगू और चिकनगुनिया से ग्रामीण पीड़ित हैं। घर घर चारपाई पर बीमार पड़े हैं। मरीज लगातार मर रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग कुछ नहीं कर पा रहा है।
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रविवार को गांव के हरप्रसाद पुत्र टोड़ी सिंह की मौत हो गई। वह कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। इससे पहले आठ लोग बुखार से काल के गाल में समा चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई लोग अभी भी बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग इस बुखार पर कंट्रोल नहीं कर पा रहा है।
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ग्रामीणों के अनुसार लगभग हर खानदान से एक मौत हो चुकी है। पूरा गांव शोक में डूबा है। इन मौतों से परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए रिश्तेदार, मिलने वालों का तांता लगा है।