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विधायक जी सुनो पुकार..‘बीमार’ अस्पतालों का कराओ उपचार
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डेंगू - मलेरिया और वायरल सहित अन्य मच्छर जनित बीमारियां लगातार पांव पसार रही हैं। ऐसे में डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिला मुख्यालय के दोनों प्रमुख अस्पताल ‘बीमार’ हैं। यहां के जिन डॉक्टरों के तबादले हो चुके हैं, उन्हें कार्यमुक्त करने का दबाव है। उनके स्थान पर अभी तक नई तैनाती नहीं हुई है। डाक्टरों की तैनाती के लिए अनुरोध करके स्वास्थ्य अधिकारी थक चुके हैं। ऐसे में जिले के विधायक और सांसदों से उम्मीद है कि वे शासन में वार्ता कर इस समस्या का हल निकल वाएं।
वायरल के कारण इन दिनों मरीजों की संख्या में प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। अकेले सोमवार को एक दिन में जिला मुख्यालय के दोनों जिला मलखान सिंह जिला अस्पताल और दीनदयाल संयुक्त अस्पताल में 4150 मरीजों की ओपीडी रही। जिला अस्पताल में 2150 तथा दीनदयाल में 2000 की मरीजों का उपचार हुआ। जिला अस्पताल में एक हजार से ऊपर मरीज एकमात्र फिजीशियन के सहारे थे। उनके पास सुबह से लगी कतार दोपहर बाद तक खत्म नहीं हुई थी। यहां जनरल वार्ड भी सोमवार को फुल थे। बच्चा वार्ड में जरूर सोमवार को कुछ राहत दिखी। इसी तरह दीनदयाल में सुबह से मरीजों की भीड़ रही।
कभी भी बंद हो सकती हैं कई सेवाएं
मलखान सिंह जिला अस्पताल में पहले से 33 के सापेक्ष मात्र 17 डॉक्टर थे। इनमें से अब एक सर्जन, एक एनेस्थेटिक, एक फिजीशियन, एक रेडियोलॉजिस्ट का तबादला हुआ है। इन्हें तत्काल रिलीव करने का आदेश मिला है। इनकी जगह दो ईएमओ व एक वरिष्ठ परामर्श दाता मिले हैं। मगर वे इनमें से किसी विषय के विशेषज्ञ नहीं है। इसलिए इनके जाने पर यहां ओपीडी सेवा, रेडियोलॉजी सेवा और किसी भी प्रकार के ऑपरेशन बंद हो जाएंगे। बच्चा वार्ड में एक डॉक्टर सीएमओ दफ्तर से संबद्ध हैं। जैसे तैसे काम चल रहा है। बाकी ईएनटी व आई में किसी तरह की परेशानी नहीं है। इधर, दीनदयाल संयुक्त अस्पताल में पहले से 18 नियमित व 14 संविदा डॉक्टर तैनात हैं। जिनमें से 8 डॉक्टरों में का तबादला हो गया है। इन्हें कार्यमुक्त करने का दबाव है। इनके जाने पर रेडियालॉजी, गायनी, सर्जरी, नेत्र आदि की सेवाएं यहां बंद होना तय है।
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-अस्पताल में डॉक्टरों की कमी पर लगातार शासन स्तर पर पत्राचार किया है। मगर अभी तक कोई समाधान नहीं दिखा है। जैसे तैसे ओपीडी व इमरजेंसी सेवाएं सुचारू कराई जा रही हैं।-डॉ.ईश्वर देवी बत्रा, सीएमएस, जिला अस्पताल
-अस्पताल में अगर डॉक्टरों को कार्यमुक्त करना पड़ा तो चार-पांच सेवाएं ऐसी हैं, जो बंद करनी पड़ जाएंगी। अभी तक किसी तरह की मदद नहीं मिलती दिख रही है।-डॉ.अनुपम भाष्कर, सीएमएस, दीनदयाल
विधायक बोले, लखनऊ में हैं, आज बात रखेंगे
इस विषय में शहर क्षेत्र की विधायक मुक्ता संजीव राजा व कोल क्षेत्र के अनिल पाराशर से जब बात हुई तो वे स्वीकारते हैं कि विषय उनके संज्ञान में है। अनिल पाराशर का कहना है कि वे लखनऊ में हैं और आज यानि मंगलवार को डिप्टी सीएम से इस विषय पर हर संभव वार्ता कर हल कराने का प्रयास करेंगे । इसी तरह मुक्ता संजीव राजा का कहना है कि उच्च स्तर पर वार्ता की जाएगी।
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वायरल के कारण इन दिनों मरीजों की संख्या में प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। अकेले सोमवार को एक दिन में जिला मुख्यालय के दोनों जिला मलखान सिंह जिला अस्पताल और दीनदयाल संयुक्त अस्पताल में 4150 मरीजों की ओपीडी रही। जिला अस्पताल में 2150 तथा दीनदयाल में 2000 की मरीजों का उपचार हुआ। जिला अस्पताल में एक हजार से ऊपर मरीज एकमात्र फिजीशियन के सहारे थे। उनके पास सुबह से लगी कतार दोपहर बाद तक खत्म नहीं हुई थी। यहां जनरल वार्ड भी सोमवार को फुल थे। बच्चा वार्ड में जरूर सोमवार को कुछ राहत दिखी। इसी तरह दीनदयाल में सुबह से मरीजों की भीड़ रही।
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कभी भी बंद हो सकती हैं कई सेवाएं
मलखान सिंह जिला अस्पताल में पहले से 33 के सापेक्ष मात्र 17 डॉक्टर थे। इनमें से अब एक सर्जन, एक एनेस्थेटिक, एक फिजीशियन, एक रेडियोलॉजिस्ट का तबादला हुआ है। इन्हें तत्काल रिलीव करने का आदेश मिला है। इनकी जगह दो ईएमओ व एक वरिष्ठ परामर्श दाता मिले हैं। मगर वे इनमें से किसी विषय के विशेषज्ञ नहीं है। इसलिए इनके जाने पर यहां ओपीडी सेवा, रेडियोलॉजी सेवा और किसी भी प्रकार के ऑपरेशन बंद हो जाएंगे। बच्चा वार्ड में एक डॉक्टर सीएमओ दफ्तर से संबद्ध हैं। जैसे तैसे काम चल रहा है। बाकी ईएनटी व आई में किसी तरह की परेशानी नहीं है। इधर, दीनदयाल संयुक्त अस्पताल में पहले से 18 नियमित व 14 संविदा डॉक्टर तैनात हैं। जिनमें से 8 डॉक्टरों में का तबादला हो गया है। इन्हें कार्यमुक्त करने का दबाव है। इनके जाने पर रेडियालॉजी, गायनी, सर्जरी, नेत्र आदि की सेवाएं यहां बंद होना तय है।
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-अस्पताल में डॉक्टरों की कमी पर लगातार शासन स्तर पर पत्राचार किया है। मगर अभी तक कोई समाधान नहीं दिखा है। जैसे तैसे ओपीडी व इमरजेंसी सेवाएं सुचारू कराई जा रही हैं।-डॉ.ईश्वर देवी बत्रा, सीएमएस, जिला अस्पताल
-अस्पताल में अगर डॉक्टरों को कार्यमुक्त करना पड़ा तो चार-पांच सेवाएं ऐसी हैं, जो बंद करनी पड़ जाएंगी। अभी तक किसी तरह की मदद नहीं मिलती दिख रही है।-डॉ.अनुपम भाष्कर, सीएमएस, दीनदयाल
विधायक बोले, लखनऊ में हैं, आज बात रखेंगे
इस विषय में शहर क्षेत्र की विधायक मुक्ता संजीव राजा व कोल क्षेत्र के अनिल पाराशर से जब बात हुई तो वे स्वीकारते हैं कि विषय उनके संज्ञान में है। अनिल पाराशर का कहना है कि वे लखनऊ में हैं और आज यानि मंगलवार को डिप्टी सीएम से इस विषय पर हर संभव वार्ता कर हल कराने का प्रयास करेंगे । इसी तरह मुक्ता संजीव राजा का कहना है कि उच्च स्तर पर वार्ता की जाएगी।