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अलीगढ़ : अवैध हिरासत में रखने पर फंसी गभाना पुलिस
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गभाना थाने की पुलिस एक व्यक्ति को अवैध रूप से हिरासत में रखने और गलत स्थान से गिरफ्तारी दिखाने के मामले में फंस गई है। मानवाधिकार आयोग में इसकी शिकायत हुई है। कोर्ट में भी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए आरोपी की जमानत के लिए इसे आधार बनाते हुए जमानत अर्जी दायर की गई है।
मामला 24 मार्च को पुलिस के नकबजनी गिरोह की गिरफ्तारी व खुलासे से जुड़ा हुआ है। इसमें पुलिस ने जिन छह आरोपियों की 23 मार्च को कटरा-बरौली मोड़ से गिरफ्तारी करना दर्शाया है उनमें से एक आरोपी सरदार गुरप्रीत उर्फ नीलू निवासी बैकुंठ नगर रानी वाली कोठी, सिविल लाइंस की बहन ने इसे चुनौती दी है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को आधार बनाते हुए पुलिस ने दर्शाए गए गिरफ्तारी स्थल और समय को गलत ठहराया है। उन्होंने इस मामले में मानवाधिकार आयोग में शिकायत की है। मानवाधिकार आयोग ने इस शिकायत को स्वीकार कर लिया है।
आरोपी गुरप्रीत के अधिवक्ता एचपी सिंह व मुकेश चौधरी ने बताया कि गभाना थाने के एसआई ने पुलिस फर्द में लिखा है कि वे साथी टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। तभी उनको 23 मार्च की शाम मुखबिर से सूचना मिली कि कटरा मोड़, बरौली की ओर से मोटर साइकिल से आ रहे हैं, जो खाली पड़े मकान, दुकान में नकबजनी करते हैं। इस पर मो. बदरूल निवासी नई आबादी, रामपुर, गभाना, दैनूल पुरैनी, भागलपुर, बिहार, रिजवान निवासी पुरैनी, जगदीशपुर, भागलपुर, बिहार, नूर मोहम्मद निवासी रजानगर, क्वार्सी, सरदार गुरप्रीत उर्फ नीलू निवासी बैकुंठ नगर रानी वाली कोठी, सिविल लाइंस, अनवर निवासी रामपुर, नई बस्ती, गभाना, जाकिर निवासी रामपुर, गभाना पकड़ा गया। पुलिस ने सभी की गिरफ्तारी का स्थान कटरा मोड़ दर्शाया है, जबकि आरोपी सरदार गुरप्रीत उर्फ नीलू की बहन सुदर्शन कौर का आरोप है कि पुलिस ने उसके भाई को बैकुंठ नगर स्थित कबाड़ गोदाम, जो उनके भाई का ही है, उससे 22 मार्च की दोपहर में पकड़ा था।
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इसके बाद पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्ज किया है। इस मुकदमे में गिरफ्तारी कटरा मोड़, बरौली से दर्शायी गई है। मुकदमा भी 23/24 मार्च की मध्य रात्रि को दर्ज किया गया है। इस प्रकार से 34 घंटे तक उनके भाई गुरप्रीत उर्फ नीलू को अवैध हिरासत में रखा गया और फर्जी मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है। इस प्रकरण में मानवाधिकार आयोग से भी शिकायत की गई है। इसी तथ्य को आधार बनाते हुए जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल की गई है। अधिवक्ता एचपी सिंह के अनुसार पुलिस जिस वक्त गुरप्रीत को कबाड़ गोदाम से ले जा रही थी उसके पास ही लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में पुलिस उसे ले जाती हुई दिख रही है।
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मामला 24 मार्च को पुलिस के नकबजनी गिरोह की गिरफ्तारी व खुलासे से जुड़ा हुआ है। इसमें पुलिस ने जिन छह आरोपियों की 23 मार्च को कटरा-बरौली मोड़ से गिरफ्तारी करना दर्शाया है उनमें से एक आरोपी सरदार गुरप्रीत उर्फ नीलू निवासी बैकुंठ नगर रानी वाली कोठी, सिविल लाइंस की बहन ने इसे चुनौती दी है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को आधार बनाते हुए पुलिस ने दर्शाए गए गिरफ्तारी स्थल और समय को गलत ठहराया है। उन्होंने इस मामले में मानवाधिकार आयोग में शिकायत की है। मानवाधिकार आयोग ने इस शिकायत को स्वीकार कर लिया है।
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आरोपी गुरप्रीत के अधिवक्ता एचपी सिंह व मुकेश चौधरी ने बताया कि गभाना थाने के एसआई ने पुलिस फर्द में लिखा है कि वे साथी टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। तभी उनको 23 मार्च की शाम मुखबिर से सूचना मिली कि कटरा मोड़, बरौली की ओर से मोटर साइकिल से आ रहे हैं, जो खाली पड़े मकान, दुकान में नकबजनी करते हैं। इस पर मो. बदरूल निवासी नई आबादी, रामपुर, गभाना, दैनूल पुरैनी, भागलपुर, बिहार, रिजवान निवासी पुरैनी, जगदीशपुर, भागलपुर, बिहार, नूर मोहम्मद निवासी रजानगर, क्वार्सी, सरदार गुरप्रीत उर्फ नीलू निवासी बैकुंठ नगर रानी वाली कोठी, सिविल लाइंस, अनवर निवासी रामपुर, नई बस्ती, गभाना, जाकिर निवासी रामपुर, गभाना पकड़ा गया। पुलिस ने सभी की गिरफ्तारी का स्थान कटरा मोड़ दर्शाया है, जबकि आरोपी सरदार गुरप्रीत उर्फ नीलू की बहन सुदर्शन कौर का आरोप है कि पुलिस ने उसके भाई को बैकुंठ नगर स्थित कबाड़ गोदाम, जो उनके भाई का ही है, उससे 22 मार्च की दोपहर में पकड़ा था।
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इसके बाद पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्ज किया है। इस मुकदमे में गिरफ्तारी कटरा मोड़, बरौली से दर्शायी गई है। मुकदमा भी 23/24 मार्च की मध्य रात्रि को दर्ज किया गया है। इस प्रकार से 34 घंटे तक उनके भाई गुरप्रीत उर्फ नीलू को अवैध हिरासत में रखा गया और फर्जी मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है। इस प्रकरण में मानवाधिकार आयोग से भी शिकायत की गई है। इसी तथ्य को आधार बनाते हुए जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल की गई है। अधिवक्ता एचपी सिंह के अनुसार पुलिस जिस वक्त गुरप्रीत को कबाड़ गोदाम से ले जा रही थी उसके पास ही लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में पुलिस उसे ले जाती हुई दिख रही है।