फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Founder of Pavana Group passed away

अलीगढ़ः पावना ग्रुप के संस्थापक पवन जैन का निधन, पंचतत्व में हुए विलीन

Fri, 03 Dec 2021 01:15 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 01:15 AM IST
विज्ञापन
Founder of Pavana Group passed away
अंतिम संस्कार करते बेटे स्वप्निल जैन। - फोटो : CITY OFFICE
शिक्षा और उद्योग जगत के दिग्गज पवन जैन (70) का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थे। सुबह तबियत ज्यादा बिगड़ गई थी। उनके निधन की खबर से शहर में शोक की लहर दौड़ हो गई। जैन शवदाह गृह में बेटे स्वप्निल जैन ने उनको मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान जिले की बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं। परिवार के सदस्य आशा जैन, अनिल जैन, सुनील जैन, प्रिया जैन, आर्जव जैन, आर्णव जैन का रो-रोकर बुरा हाल है। बुलंदशहर में जन्मे पवन जैन ने अलीगढ़ में कारोबार शुरू किया था। उनके द्वारा स्थापित पावना ग्रुप अब एक ब्रांड बन चुका है। पवन जैन लंबे समय तक एक दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार भी रहे थे। यह एक संयोग ही है कि वह दिसंबर महीने में पैदा हुए थे और दिसंबर में ही दुनिया को अलविदा कह गए।
विज्ञापन

1971 में रखी थी पावना ग्रुप की नींव
उद्योगपति पवन जैन का जन्म बुलंदशहर में 11 दिसंबर 1951 को हुआ था। पिता कैलाश चंद जैन की गहरी आध्यात्मिक रुचि होने के कारण बचपन से ही उन्हें धार्मिक संस्कार मिले थे। अपनी शिक्षा बुलंदशहर के डीएवी कॉलेज से पूरी की और कारोबार के सिलसिले में अलीगढ़ आ गए। यहां उन्होंने लघु उद्योग शुरू किया। हालांकि, शुरुआत इतनी अच्छी नहीं रही, जिसकी उम्मीद थी। कड़े संघर्षों और मजबूत इरादों के बलबूते उन्होंने 1971 में पावना ग्रुप ऑफ इंडस्ट्री की नींव रखी। एक के बाद एक कई नए उपक्रम से वह जुड़ते गए। इसके अलावा, शिक्षा, कला, खेलकूद व अध्यात्म जगत में भी काम किया। करीब 50 साल से ऑटोमोटिव पार्ट सॉल्यूसन्स के क्षेत्र में काम कर रहे पवन जैन ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और नेक इरादों से सभी के लिए मिसाल बन गए।
विज्ञापन

शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान
पवन जैन ने शिक्षा के क्षेत्र में न सिर्फ स्कूल-कॉलेज का निर्माण कराया, बल्कि शिक्षा को एक ऐसे तबके तक पहुंचाने का प्रयास किया, जहां उसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। सन् 1998 में पवन जैन ने डीपीएस जूनियर विंग के रूप में इस शिक्षा के मंदिर की नींव रखी। इसी विद्यालय के साथ एक और सामाजिक सरोकार के रूप में उन्होंने गरीब तबके केबच्चों के लिए उत्तम शिक्षा के लिए शिक्षा केंद्र की स्थापना की। आशा किरण के नाम से एक और शैक्षिक पहल की, जहां ऐसे बच्चों को सिखाया-पढ़ाया जाने लगा, जो शारीरिक रूप से कमजोर थे। सन् 2003 में आगरा रोड स्थित डीपीएस सीनियर विंग, सन् 2007 में तालानगरी स्थित डीपीएस सिविल लाइंस अलीगढ़ व सन् 2014 में डीपीएस हाथरस की नींव रखी गई। सन् 2007 में मथुरा रोड पर मंगलायतन विश्वविद्यालय की स्थापना की, जहां अलीगढ़-हाथरस आदि शहरों के अलावा देशभर से बच्चे उच्च शिक्षा के लिए आने लगे। यहां शिक्षा जगत की हस्तियां, प्रख्यात संगीतकार, कलाकार व राजनेताओं का तांता लगा रहता है। सन 2010 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री व वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बच्चों को विश्वविद्यालय में संबोधित भी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीर्थधाम मंगलायतन में आ चुके हैं लालकृष्ण आडवाणी
पवन जैन ने अपने पिताजी से ही धार्मिक संस्कार लिए। इन संस्कारों के फलस्वरूप सन् 2003 में आगरा रोड पर तीर्थधाम मंगलायतन की स्थापना की। इस सुंदर और मनोरम संकुल में तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी के अलावा राजनेता, खिलाड़ी, अध्यात्म गुरु व शिक्षा जगत से जुड़ी हस्तियों ने शिरकत की। तीर्थधाम मंगलायतन द्वारा संचालित भगवान श्री आदिनाथ विद्या निकेतन में पढ़ने वाले छात्र कला, विज्ञान, प्रशासन, पत्रकारिता आदि के क्षेत्र में अद्वितीय कार्य कर रहे हैं।

पवन जैन का फाइल फोटो ।

पवन जैन का फाइल फोटो ।- फोटो : CITY OFFICE

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed