मानव तस्करी का दिखाया डर: छह दिन तक पूर्व प्रोफेसर को रखा डिजिटल अरेस्ट, 12 लाख ठगे, ऐसे हुआ ठगी का अहसास
सेवानिवृत्त प्रोफेसर के पास पहला कॉल 16 जून की दोपहर 3 बजे के आसपास आया। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए बुजुर्ग को मानव तस्करी में फंसा बताकर तत्काल बंगलूरू के पुलिस स्टेशन में बुलाया। बुजुर्ग ने जब आने से इंकार कर दिया, इसके बाद शुरू हो गया ठगों का खेल।
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साइबर ठगों ने पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के सेवानिवृत्त प्रोफेसर को मानव तस्करी में फंसा बताकर डिजिटल अरेस्ट कर 12 लाख रुपये ठग लिए। बुजुर्ग भी एक घंटे में ही ठगों के दबाव में आ गए। बैंक जाकर रकम ट्रांसफर कर दी। मगर एक सप्ताह बाद फिर से रकम मांगने के लिए कॉल आया तो उन्हें कुछ ठगी का अहसास हुआ। तब जाकर पुलिस के पास पहुंच मुकदमा दर्ज कराया है।
दोदपुर सिविल लाइंस के 72 वर्षीय बुजुर्ग लुधियाना की पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं। अब पत्नी बच्चों के साथ यहां रहते हैं। मुकदमे के अनुसार उनके पास पहला कॉल 16 जून की दोपहर 3 बजे के आसपास आया। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए बुजुर्ग को मानव तस्करी में फंसा बताकर तत्काल बंगलूरू के पुलिस स्टेशन में बुलाया। बुजुर्ग ने जब आने से इंकार कर दिया तो फिर दूसरे नंबर से व्हॉट्सएप कॉल आई और सीनियर अधिकारी से अकेले में जाकर बात करने का दबाव डाला।
इसके बाद कहा कि आपके नाम मुंबई की बैंक में खाता जून 2024 से चल रहा है। फिर संदीप राव नाम के व्यक्ति ने खुद को आईपीएस बताते हुए बुजुर्ग से उसके खातों की व निजी जानकारियां पूछीं। कहा कि अब किसी को कुछ नहीं बताना। आइसोलेशन में चले जाओ। अगर कुछ किसी को बताया तो कार्रवाई की जाएगी। साथ में कहा कि आपके खाते में मानव तस्करी के कमीशन की रकम है। इसकी जांच आरबीआई करेगी। जांच में अगर दोष पाया तो आपको जेल जाना होगा। अन्यथा बच जाओगे। इस डर से वे आनन फानन दोदपुर स्थित एचडीएफसी बैंक गए। अपने खाते से ठग द्वारा बताए गए पुणे के एक खाते में 12 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
इस बीच ठग उनसे वीडियो कॉल पर बात करता रहा। बाद में कॉल काटते समय कहा कि अकेले में ही रहना है। हम फिर फोन करेंगे। अपडेट लेते रहेंगे। इसके बाद से वे घर में अलग कमरे में रहने लगे। फिर उनके पास एक सप्ताह बाद कॉल आया। कहा कि अब आपके दूसरे खाते में 19 लाख रुपये हैं। उसकी जांच होगी। इस बार भी वे डर से रकम ट्रांसफर करने बैंक गए। ठग वीडियो कॉल पर ऑनलाइन रहा।
मगर इस बार बैंक प्रबंधक को इतनी रकम ट्रांसफर करने पर संदेह हुआ। उन्होंने बुजुर्ग को बैठाकर बात की तो वे समझ गए। इस बार रकम ट्रांसफर करने से बच गए। उन्होंने बुजुर्ग को समझाकर सीधे साइबर थाने पहुंचाया। तब मामले में मुकदमा दर्ज किया। एसएचओ साबर थाना सुरेंद्र कुमार के अनुसार पहली बार की रकम जिस खाते में गई थी। वहां से आगे कई खातों में निकाली गई है। मुकदमे में जांच जारी है।
शेयर निवेश के नाम पर डेंटिस्ट से ठगे 21.54 लाख
साइबर ठगों ने शेयर निवेश के नाम पर एक डेंटिस्ट से भी 21.54 लाख रुपये ठगे हैं। जिसका साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमा कराते हुए अनूपशहर रोड के डेंटिस्ट ने बताया कि वे बुलंदशहर में कार्यरत हैं। उनके पास 13 मई को एक कॉल आई। उधर से व्यक्ति ने खुद का नाम नीरज पटेल बताते हुए शेयर निवेश में मुनाफे का लालच देकर सत्यनारायण नाम के व्यक्ति का नंबर दिया। उसकी बातों के झांसे में आकर सत्यनारायण से संपर्क किया। जिसने आधार कार्ड व अकाउंट नंबर लेकर एकाउंट खुलवाने की बात कही। फिर निवेश के नाम पर कई बार में 21.54 लाख रुपये शक्ति इंटरप्राइजेज के नाम से आईडीबीडीआई बैंक के खाते में रकम डलवा ली। बाद में स्टॉक मार्केट में घाटा बताकर फिर से रकम मांगने लगे। अब ठगी का अहसास होने पर उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार ने बताया कि यह रकम गुजरात के खातों में निकाली गई है।
साइबर ठगी के मामलों में लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। साथ में हमारी टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। लोगों को सलाह यही है कि ऐसी ठगी से बचें। सजग रहें।-संजीव सुमन, एसएसपी