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Aligarh News: 26 वर्ष पुराने एक और मुकदमे में पूर्व विधायक वीरेश बरी, चाय पी रहे ग्रामीण पर हमले का था आरोप
Wed, 09 Aug 2023 01:03 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Wed, 09 Aug 2023 01:03 AM IST
सार
घटना 27 मई 1997 की है। वादी मुकदमा सांकरा के शिवकुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था कि वे घटना के समय चीना की चाय की दुकान पर चाय पी रहे थे। तभी नामजद पूर्व विधायक वीरेश यादव अपने अन्य साथियों के साथ गाड़ी में सवार होकर आए और आते ही फायरिंग करते हुए हमला कर दिया। बचाव में बगल की पुलिस चौकी से पुलिस आई, तब हमलावरों से उसे बचाया गया।
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पूर्व विधायक वीरेश यादव
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक वीरेश यादव पर दर्ज मुकदमों की फेहरिस्त के क्रम में 26 वर्ष पुराने एक और मुकदमे में वे अदालत से बरी किए गए हैं। हालांकि इस मुकदमे में सुलह समझौते के आधार पर अन्य आरोपी पूर्व में बरी हो चुके हैं। मगर वीरेश यादव के अदालत में हाजिर न होने के कारण उनकी पत्रावली अब तक विचाराधीन थी। अब एडीजे विशेष एमपी, एमएलए कोर्ट ने उन्हें बचाव पक्ष की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर बरी किया है।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता चंद्रशेखर दीक्षित के अनुसार ये घटना 27 मई 1997 की है। वादी मुकदमा सांकरा के शिवकुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था कि वे घटना के समय चीना की चाय की दुकान पर चाय पी रहे थे। तभी नामजद पूर्व विधायक वीरेश यादव अपने अन्य साथियों के साथ गाड़ी में सवार होकर आए और आते ही फायरिंग करते हुए हमला कर दिया। बचाव में बगल की पुलिस चौकी से पुलिस आई, तब हमलावरों से उसे बचाया गया। पुलिस ने दोनों ओर से मुकदमा दर्ज किया गया।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार इस मामले में दोनों पक्षों में सुलह समझौते के चलते वर्ष 2010 में बाकी सभी आरोपी बरी किए गए थे। खुद शिवकुमार ने उस समय अदालत में मौके पर वीरेश यादव के मौजूद न होने की गवाही दी थी। बाद में शिवकुमार की मौत हो गई। उस समय तक वीरेश यादव अदालत में हाजिर नहीं हुए थे। इसलिए उनकी पत्रावली अलग चल रही थी।
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पिछले वर्ष मई माह में वीरेश यादव के खिलाफ अदालत से गैर जमानती और कुर्की वारंट जारी हुए। तब वे अदालत में हाजिर हुए। उन्हें जेल तक जाना पड़ा, बाद में जमानत पर रिहा हुए। मुकदमे का ट्रायल शुरू हुआ। बचाव पक्ष ने उसी समय की गवाही के संबंध में दलील पेश की। चंद्रशेखर दीक्षित के अनुसार उसी दलील के आधार पर अदालत ने पूर्व विधायक वीरेश यादव को बरी किया है। इसी तरह कुछ अन्य मुकदमों में वीरेश यादव पूर्व में भी बरी हो चुके हैं।