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Aligarh News: 22 साल से बांस-बल्लियों के सहारे हाईटेंशन लाइन
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क्षेत्र के गांव चमन नगरिया में 2004 में राजीव गांधी विद्युत योजना के तहत डाली गई हाईटेंशन लाइन अभी भी बांस-बल्लियों के सहारे है। कई बार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
गांव के बीच से होकर गुजर रही यह लाइन खुले तारों और जर्जर पोलों के चलते हादसों को न्योता दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बांस-बल्लियों के सहारे पड़ी केबलों से कई बार पशु, बच्चे और युवक झुलस चुके हैं। सुधार लगाने के लिए 27 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार होने के बावजूद भी कार्य शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से जल्द लाइन शिफ्ट कराने की मांग की है, अन्यथा बड़े हादसे की आशंका जताई है।
लाइन हटवाने के लिए किया था मतदान का बहिष्कार
ग्रामीणों ने बताया कि मध्यावधि चुनाव के दौरान हाईटेंशन लाइन को हटाने की मांग को लेकर गांव ने मतदान का बहिष्कार कर दिया था, जिससे करीब तीन घंटे तक मतदान प्रभावित रहा। बाद में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के आश्वासन पर मतदान शुरू हुआ।
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- बारिश के मौसम में मकानों की दीवार भीग जाती है। केबलों की वजह से अक्सर करंट दीवार में आ जाता है। कई बार करंट की चपेट में बच्चे व पशु भी आए हैं। - प्रेमपाल सिंह कुशवाह स्थानीय निवासी।
हाई टेंशन लाइन इतनी नीचे हैं कि बड़े वाहनों को गांव के रास्तों में से निकलने में काफी परेशानी होती है। लोगों को लकड़ी के सहारे केबल ऊपर उठानी पड़ती हैं। - देवेंद्र बघेल स्थानीय निवासी।
पूर्व में कई बार विद्युत लाइन को हटाने के लिए प्रयास किए हैं, किंतु कोई भी सफलता नहीं मिली है। लटकी हुई केबलों से गांव में हमेशा खतरे की स्थिति बनी रहती है। कई बार हादसे से भी हो चुके हैं, लेकिन विभाग के अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं है। - अर्चना बघेल, ग्राम प्रधान चमन नगरिया।
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गांव के बीच से होकर गुजर रही यह लाइन खुले तारों और जर्जर पोलों के चलते हादसों को न्योता दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बांस-बल्लियों के सहारे पड़ी केबलों से कई बार पशु, बच्चे और युवक झुलस चुके हैं। सुधार लगाने के लिए 27 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार होने के बावजूद भी कार्य शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से जल्द लाइन शिफ्ट कराने की मांग की है, अन्यथा बड़े हादसे की आशंका जताई है।
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लाइन हटवाने के लिए किया था मतदान का बहिष्कार
ग्रामीणों ने बताया कि मध्यावधि चुनाव के दौरान हाईटेंशन लाइन को हटाने की मांग को लेकर गांव ने मतदान का बहिष्कार कर दिया था, जिससे करीब तीन घंटे तक मतदान प्रभावित रहा। बाद में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के आश्वासन पर मतदान शुरू हुआ।
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- बारिश के मौसम में मकानों की दीवार भीग जाती है। केबलों की वजह से अक्सर करंट दीवार में आ जाता है। कई बार करंट की चपेट में बच्चे व पशु भी आए हैं। - प्रेमपाल सिंह कुशवाह स्थानीय निवासी।
हाई टेंशन लाइन इतनी नीचे हैं कि बड़े वाहनों को गांव के रास्तों में से निकलने में काफी परेशानी होती है। लोगों को लकड़ी के सहारे केबल ऊपर उठानी पड़ती हैं। - देवेंद्र बघेल स्थानीय निवासी।
पूर्व में कई बार विद्युत लाइन को हटाने के लिए प्रयास किए हैं, किंतु कोई भी सफलता नहीं मिली है। लटकी हुई केबलों से गांव में हमेशा खतरे की स्थिति बनी रहती है। कई बार हादसे से भी हो चुके हैं, लेकिन विभाग के अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं है। - अर्चना बघेल, ग्राम प्रधान चमन नगरिया।