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AMU: मरीज को खाना निगलने में हो रही थी परेशानी, भोजन की नली के कैंसर की हुई पहली सर्जरी
Sun, 08 Dec 2024 05:20 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sun, 08 Dec 2024 05:20 PM IST
सार
प्रो. अफजल अनीस ने कहा कि पहले मरीजों को ऐसी सर्जरी के लिए दिल्ली जाना पड़ता था। अब जेएन मेडिकल कॉलेज में काफी कम लागत पर ऐसा इलाज हो सकेगा।
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ऑपरेशन करने वाली चिकित्सकों की टीम
- फोटो : विवि
विस्तार
एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में भोजन की नली के कैंसर की पहली (न्यूनतम इनवेसिव) सर्जरी हुई है। मरीज को छुट्टी दे गई है। इसको पहली उन्नत सर्जरी माना जा रहा है। मरीज को कुछ दिनों से भोजन निगलने में दुश्वारी हो रही थी। जांच में भोजन की नली में कैंसर का पता चला। गेस्ट्रो-सर्जन टीम के प्रो. अफजल अनीस, डॉ. मेराज अहमद और डॉ. एस कामरान हबीब की टीम ने भोजन की नली के कैंसर की सर्जरी की। नली में बने ट्यूमर को न्यूनतम इनवेसिव तकनीक से हटा दिया गया। सर्जरी के बाद मरीज ठीक होने लगा और खाना भी खाने लगा।
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सर्जिकल गेस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. मेराज अहमद ने बताया कि भोजन की नली के कैंसर की सर्जरी चुनौतीपूर्ण होती है। इसमें न्यूनतम इनवेसिव तकनीक का इस्तेमाल हुआ। जिसका इस्तेमाल देश में चुनिंदा केंद्रों पर किया जा रहा है। इसमें मरीज के सीने में छोटे-छोटे छेद करके ट्यूमर को हटाया गया है, इस तकनीकी में बड़ा चीरा लगाने की जरूरत नहीं होती है। इसमें मरीज की हालत में तेजी से सुधार होता है।
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प्रो. अफजल अनीस ने कहा कि पहले मरीजों को ऐसी सर्जरी के लिए दिल्ली जाना पड़ता था। अब जेएन मेडिकल कॉलेज में काफी कम लागत पर ऐसा इलाज हो सकेगा। कॉलेज की प्राचार्य प्रो. वीणा माहेश्वरी ने टीम को बधाई दी।
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