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जवाहर भवन गेट पर वकीलों-सफाईकर्मियों में मारपीट, हंगामा

Wed, 03 Jul 2019 01:33 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jul 2019 01:33 AM IST
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fight with advocate and muncipal corporation worker.
अधिवक्ता प्रदीप सक्सेना के साथ हुई मारपीट के बाद जाम लगाकर हंगामा करते अधिवक्ता। - फोटो : CITY OFFICE
थाना सिविल लाइन क्षेत्र में नगर निगम के जवाहर भवन के गेट पर बाइक निकालने के विवाद में मंगलवार को अधिवक्ताओं और वाल्मीकि समुदाय में मारपीट के बाद जमकर हंगामा हुआ। अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए दीवानी परिसर के बाहर अनूपशहर रोड पर जाम लगा दिया। जबकि वाल्मीकि समुदाय ने भी सफाई मजदूर संघ के कार्यालय में बैठक करने के बाद हमले के आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर सफाई व्यवस्था ठप करने की चेतावनी दी। देर शाम पुलिस ने अधिवक्ता की तहरीर पर पूर्व पार्षद ब्रह्मानंद शास्त्री के भाई आनंद शास्त्री सहित पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, लूटपाट और धमकाने का की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, सफाई कर्मचारी गौरव की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अधिवक्ता प्रदीप सक्सेना सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुक दमा दर्ज कर लिया है। एहतियातन मौके पर फोर्स तैनात है।
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दीवानी अदालत में आने वालों और अधिवक्ताओं के वाहन बाहर सड़क के दोनों ओर खड़े होते हैं। मंगलवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे अधिवक्ता प्रदीप सक्सेना का ड्राइवर उनकी कार को जवाहर भवन के गेट के पास से निकाल रहा था इस दौरान नगर निगम के कर्मचारी गौरव वाल्मीकि जवाहर भवन के गेट पर अपनी बाइक के साथ पहुंचे और बाइक निकालने के लिए कार को थोड़ा साइड में करने के लिए कहा। बताया जाता है कि इसी बात पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। जल्द ही यह मामला तूल पकड़ गया। इसके बाद कार में बैठे अधिवक्ता प्रदीप सक्सेना बाहर आ गए और मामले में हस्तक्षेप किया। दूसरी ओर गौरव वाल्मीकि ने जानकारी अपने अन्य साथियों को दी। सूचना मिलने पर कुछ ही देर में अन्य अधिवक्ता भी मौके पर पहुंच गए। साथ ही नगर सफाई मजदूर संघ के पदाधिकारियों सहित सफाई कर्मचारी व उनके समर्थक भी पहुंच गए। इस तरह दोनों पक्षों के लोग आमने सामने आ गए। दोनों पक्षों में हाथापाई और मारपीट होने लगी। गुस्साए अधिवक्ताओं ने दीवानी के बाहर अनूपशहर रोड पर जाम लगा दिया। इस कारण पुलिस ने एक ओर से घंटाघर पर और दूसरी ओर से तस्वीर महल चौराहे पर पुलिस ने रूट डायवर्जन कर दिया।
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दूसरी ओर वाल्मीकि समुदाय के लोग नगर सफाई मजदूर संघ के कार्यालय पर आगे की रणनीति पर विचार के लिए बैठक करने लगे। इस दौरान अधिवक्ता नारेबाजी और प्रदर्शन करते रहे। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट नलिनी कांत सिंह, थाना सिविल लाइन प्रभारी सहित कई थानों का पुलिस बल और पीएसी भी मौके पर पहुंच गए। अधिवक्ताओं की मांग थी कि आरोपी को गिरफ्तार किया जाए। जबकि गौरव वाल्मीकि ने कहा कि उस पर हमला हुआ है। मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने अधिवक्ताओं को समझाया और इसके बाद जाम खुला। प्रदीप सक्सेना की ओर से पुलिस को तहरीर दी है। दूसरी ओर वाल्मीकि समुदाय की ओर से भी पुलिस को तहरीर दे दी गई है। एहतियातन मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गाय है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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सफाई मजदूर संघ की सफाई ठप करने की चेतावनी
नगर सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रदीप भंडारी ने कहा है कि हमारे कर्मचारी के साथ मारपीट हुई है। उसके जिस्म में चोटें हैं। उसकी उंगली टूट गई हैं। कई गुम चोटे हैं। इसके बाद भी उसे ही आरोपी बनाया जा रहा है। सभी को मालूम है कि जवाहर भवन के आगे वाहनों को अराजक तरीके से खड़ा किया जाता है। निकलने की भी जगह नहीं रह जाती है। इसके अलावा आनंद शास्त्री मामले में हस्तक्षेप करने गए थे। उनको ही नामजद किया गया है। यह उचित नहीं है। हमने भी पुलिस को तहरीर दे दी है। हमारी मांग है कि गौरव वाल्मीकि पर हमले के आरोपी को गिरफ्तार किया जाए। अगर ऐसा नहीं होगा तो हम शहर की सफाई व्यवस्था को ठप कर देंगे।
‘गाड़ी निकालने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। अधिवक्ताओं को समझाया गया है। मामले की जांच कर आगे की कार्यवाही की जाएगी’
- नलिनीकांत सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
‘दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ एक राय होकर हमला करना, लूटपाट, मारपीट के आरोपों में तहरीर दी है। अधिवक्ता की तहरीर पर आनंद शास्त्री सहित पांच अज्ञात और गौरव की तहरीर के आधार पर प्रदीप सक्सेना सहित कुछ अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच कर आगे की कार्यवाही की जाएगी’

- अमित कुमार, इंस्पेक्टर सिविल लाइन
यह है अधिवक्ता का आरोप
अधिवक्ता प्रदीप सक्सेना की ओर से थाना सिविल लाइंस पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि वह दीवानी की पार्किंग में खड़ी कार को चालक बाहर निकाल रहा था। मैं कार के भीतर बैठा था। इसी दौरान एक अपाचे बाइक सवार तीन लोग आए और बाइक को कार के सामने लगा दिया। जब उनसे बाइक को हटाने को कहा तो बाइक सवार एक युवक ने गाली गलौच कर दी और विरोध करने पर ड्राइवर के साथ मारपीट कर दी। बीच बचाव करने पर मुझ पर भी हमला बोल दिया। मारपीट कर गले से सोने की जंजीर लूट ली। एक हमलावर ने जेब में रखे पांच हजार रुपये लूट लिए। अधिवक्ता के मुताबिक यह देख साथी अधिवक्ता वहां पहुंचे और उन्होंने हमलावरों से ड्राइवर और मेरी जान बचाई।
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