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बेटी से दुष्कर्म में बाप को दस साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Tue, 22 Dec 2015 01:25 AM IST
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बेटी से दुष्कर्म और विरोध पर पत्नी व बेटी से मारपीट से आजिज पत्नी ने तीनों बेटियों संग जहर खाकर जान देने के पालीमुकीमपुर क्षेत्र क एक गांव के चर्चित मामले में अदालत ने फैसला सुना दिया है।
आरोपी दुष्कर्म बाप को अदालत ने दस साल की सजा और जुर्माने से दंडित किया है। यह फैसला एडीजे फास्ट ट्रैक जमशेद अली के न्यायालय से सात साल बाद सुनाया गया है। इस फैसले को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं रहीं।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी महाराज सिंह के अनुसार पालीमुकीमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 25 जुलाई 2007 को हुए घटनाक्रम के तहत एक महिला ने अपनी जवान बेटी के अलावा दो किशोरी बेटियों सहित जहर खाकर जान दे दी।
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एक साथ परिवार में चार मौतों को लेकर पुलिस प्रशासनिक अमला हिल गया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने दो किशोरी बेटियों को तो मृत पाया था, जबकि मां व बड़ी बेटी को अस्पताल तक पहुंचाया था।
इस दौरान पुलिस पूछताछ में महिला ने अपने पति को इस सुसाइड का जिम्मेदार करार देते हुए कहा था कि उसका पति बड़ी बेटी संग गलत काम करता था।
विरोध पर मारपीट करता था। बाद में पुलिस जांच में भी आरोपी पर यह आरोप सामने आए। इस आधार पर पुलिस ने आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। बाद में वह जमानत पर रिहा हो गया।
इधर, सत्र परीक्षण के लिए प्रकरण अदालत में शुरू हुआ। साक्ष्यों व गवाही आदि के आधार पर अदालत ने आरोपी पिता को दुष्कर्म व सुसाइड के लिए प्रेरित करने का दोषी करार देते हुए पति को दस साल की सजा और 15 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
इसमें सुसाइड के लिए प्रेरित करने में 5 साल और दुष्कर्म में 10 साल की सजा हैं, जो कि साथ-साथ चलेंगी।
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आरोपी दुष्कर्म बाप को अदालत ने दस साल की सजा और जुर्माने से दंडित किया है। यह फैसला एडीजे फास्ट ट्रैक जमशेद अली के न्यायालय से सात साल बाद सुनाया गया है। इस फैसले को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं रहीं।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी महाराज सिंह के अनुसार पालीमुकीमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 25 जुलाई 2007 को हुए घटनाक्रम के तहत एक महिला ने अपनी जवान बेटी के अलावा दो किशोरी बेटियों सहित जहर खाकर जान दे दी।
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एक साथ परिवार में चार मौतों को लेकर पुलिस प्रशासनिक अमला हिल गया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने दो किशोरी बेटियों को तो मृत पाया था, जबकि मां व बड़ी बेटी को अस्पताल तक पहुंचाया था।
इस दौरान पुलिस पूछताछ में महिला ने अपने पति को इस सुसाइड का जिम्मेदार करार देते हुए कहा था कि उसका पति बड़ी बेटी संग गलत काम करता था।
विरोध पर मारपीट करता था। बाद में पुलिस जांच में भी आरोपी पर यह आरोप सामने आए। इस आधार पर पुलिस ने आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। बाद में वह जमानत पर रिहा हो गया।
इधर, सत्र परीक्षण के लिए प्रकरण अदालत में शुरू हुआ। साक्ष्यों व गवाही आदि के आधार पर अदालत ने आरोपी पिता को दुष्कर्म व सुसाइड के लिए प्रेरित करने का दोषी करार देते हुए पति को दस साल की सजा और 15 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
इसमें सुसाइड के लिए प्रेरित करने में 5 साल और दुष्कर्म में 10 साल की सजा हैं, जो कि साथ-साथ चलेंगी।