Aligarh: बेटी से दुष्कर्म में पिता को दस वर्ष की कैद, बच्चियों से छेड़खानी के दोषी को सात साल की सजा
बेटी संग दुष्कर्म के मामले में पिता को 10 साल की सजा सुनाई गई है। बच्चियों से छेड़खानी के दोषी को सात साल की सजा हुई है। मानसिक दिव्यांग किशोरी से दुष्कर्म के दोषी की जमानत खारिज कर दी गई है।
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अलीगढ़ के खैर क्षेत्र में खुद की मासूम बेटी संग दुष्कर्म के मुकदमे में अदालत ने पिता को दोषी करार देकर दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है। साथ में पचास हजार रुपये अर्थदंड भी नियत किया है। यह फैसला एडीजे पाक्सो द्वितीय प्रदीप कुमार राम की अदालत से सुनाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मुकदमा 23 मार्च 2019 को खैर में दर्ज कराया गया। महिला द्वारा कहा गया कि वह अपने मायके में थी। जहां उसका पति आया और साढ़े तीन वर्ष की बेटी को जंगल घुमाने के बहाने बुलाकर ले गया। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। जब वह लौटकर आया तो उसकी बेटी बेहोश थी। कपड़े सने हुए थे। उसके कुछ देर बाद ही पति लापता हो गया। इस मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की।
मामले में मेडिकल परीक्षण, बयान आदि की प्रक्रिया हुई। मुकदमे में मां के अलावा बच्ची व उसकी ताई को गवाह बनाया गया। चार्जशीट पर जब न्यायालय में सत्र परीक्षण शुरू हुआ। इस दौरान तीनों गवाह गवाही से मुकर गए। उन्हें न्यायालय ने पक्षद्रोही घोषित कर दिया। मगर अभियोजन पक्ष द्वारा रखी गई मेडिकल रिपोर्ट व मेडिकल करने वाली चिकित्सक के बयानों पर दुष्कर्म होना मानते हुए पिता को दोषी करार दिया है। साथ में तय किया है कि अर्थदंड की राशि नियम के अनुसार पीड़ित को मिली सहायता राशि में समायोजित की जाए।
बच्चियों से छेड़खानी के दोषी को सुनाई सजा
अलीगढ़ के लोधा क्षेत्र में दो वर्ष पहले पड़ोस की बच्चियों से छेड़खानी के दोषी को सात वर्ष कैद की सजा सुनाई है। यह फैसला एडीजे पाक्सो तृतीय वीरेंद्रनाथ पांडेय की अदालत ने सुनाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार लोधा में 25 अक्तूबर 2022 को मुकदमा दर्ज कराया गया। जिसमें कहा गया कि उनका पड़ोसी उनकी बच्चियों को खिलाने पिलाने के बहाने बुलाता है और उनके साथ गंदी हरकत करता है। जिसमें बच्चियों की उम्र क्रमश: तीन, चार, पांच व आठ वर्ष है। मामले में मुकदमे के आधार पर पुलिस ने चार्जशीट दायर की। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर इसे छेड़खानी का दोषी करार देकर सात वर्ष कैद व पंद्रह हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
मानसिक दिव्यांग से दुष्कर्म में जमानत खारिज
एडीजे विशेष पाक्सो सुरेंद्र मोहन सहाय की अदालत से मानसिक दिव्यांग किशोरी से दुष्कर्म के दोषी की जमानत खारिज की गई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार गभाना के गांव हीसैल के सचिन पर पड़ोस की किशोरी संग उस समय दुष्कर्म का आरोप लगा, जब वह अकेली थी। परिजन काम से गए हुए थे। मामले में मुकदमे के आधार पर आरोपी को जेल भेजा गया, जिसकी जमानत खारिज की गई है।