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Aligarh News: किसानों के जख्म हरे..कर्ज लेकर बोई फसल, अब चुकाने की चिंता

Fri, 10 Apr 2026 03:09 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़ Updated Fri, 10 Apr 2026 03:09 AM IST
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Farmers' wounds remain fresh. They sowed crops by taking loans, now worry about repayment
अतरौली क्षेत्र में ओलावृष्टि और बारिश के बाद खेत में पड़ी गेहूं की फसल को उठाते किसान। - फोटो : samvad
आसमान तो साफ हो गया, लेकिन खेतों में बिखरी तबाही अब भी कहानी कह रही है। मिट्टी में सनी मेहनत और उम्मीदें बारिश के साथ बह गईं। यह दर्द अतरौली के किसान पुष्पेंद्र लोधी की आवाज में साफ झलकता है।
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नुकसान के बारे में पूछने पर वह बस इतना ही कह पाते हैं, फसल नहीं, किसानों के सपने भीग गए। बेमौसम बारिश के बाद खेतों में फैली तबाही ने किसानों की उम्मीदों को तोड़ दिया है। कहीं फसल सड़ गई है, तो कहीं गेहूं की बालियां काली पड़ने लगी हैं। खेतों में भरे पानी के बीच किसान अपनी बर्बादी को बेबस होकर देख रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को अलीगढ़ की मंडी पहुंचे बिरनेर गांव के किसान अमरीष कुमार ने कहा कि पूरी फसल खराब हो गई है। अब सबसे बड़ी चिंता कर्ज चुकाने की है। उन्होंने कहा कि जो कुछ उम्मीद थी, वह भी खत्म हो गई। वहीं, छर्रा के सिंहावली गांव के कौशल चौधरी के खेतों में अभी भी पानी भरा है।
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उनका कहना है कि गेहूं की बालियां झुककर सड़ रही हैं और अगर मौसम जल्द सामान्य नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ जाएगा। फिलहाल किसान प्रशासन से सही सर्वे और जल्द मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते राहत नहीं मिली, तो आर्थिक स्थिति और बिगड़ सकती है।


फसल गई, घर का बजट बिगड़ा
रूखाला गांव की महिला किसान सत्यवती देवी मिलीं। उन्होंने यहां तक कहा कि बच्चों की पढ़ाई से लेकर घर का खर्च तक पूरे साल का बजट इसी फसल पर टिका था। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाएगा। चितनगला गांव के किसान देवेंद्र चौधरी बताते हैं कि गेहूं बेचकर बच्चों की स्कूल फीस जमा करनी थी और घर के लिए भैंस खरीदने की योजना थी, लेकिन अब सब अधूरा रह गया है। उनका कहना है कि मौसम की अनिश्चितता अब सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। हर साल कभी ओलावृष्टि तो कभी बेमौसम बारिश मेहनत पर पानी फेर देती है।
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