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क्लस्टर बनाकर करें निर्यात, सरकार आपके साथ : डीएम
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जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट एनआईसी सभागार में उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति-2019 की बुधवार को बैठक हुई। कृषि उत्पादन के निर्यात को बढ़ावा देने, किसानों की आय को बढ़ाने पर इसमें चर्चा हुई। जिले में विभिन्न क्षेत्रों के क्लस्टर बनाते हुए कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए। कहा गया कि सभी संबंधित विभाग एक एफपीओ को गोद लेकर क्लस्टर के रूप में विकसित कर कार्य कराएं।
ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक भगवती प्रसाद ने बताया कि किसान एफ पीओ क्लस्टर बनाकर निर्यात कर सकेंगे। इसमें न्यूनतम 50 हेक्टेयर कृषि भूमि चयनित होगी, जिसका 20-20 हेक्टेयर की निरंतरता में निर्यात होना अनिवार्य है। क्लस्टर के पास खाद्य पदार्थ प्रसंस्करण इकाई भी स्थापित हो सकती है। नोडल एजेंसी क्लस्टर में उत्पादित कृषि उत्पाद के प्रसंस्करण के लिए स्थापित प्रसंस्करण इकाई, पैक हाउस, शीत ग्रह, राइपिनिंग चैंबर आदि को निर्यात की स्थिति में निर्यात प्रोत्साहन का लाभ प्रदान करेगी। यह प्रोत्साहन निर्यात के टर्नओवर के 10 प्रतिशत अथवा 25 लाख रूपये जो भी कम हो, निर्यात प्रारंभ करने के वर्ष से पांच वर्षों तक लिया जा सकेगा।
निजी क्षेत्र के लिए भी प्रोत्साहन की व्यवस्था की गयी है। 50-100 हेक्टेयर के क्लस्टर के लिए 10 लाख रुपयेे, 100-150 हेक्टेयर के लिए 16 लाख, 150-200 हेक्टेयर के लिए 22 लाख एवं 200-250 हेक्टेयर के लिए 28 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रथम वर्ष 40 प्रतिशत एवं अगले चार वर्षों में 15-15 प्रतिशत देय होगी। निर्यात अगले चार वर्ष में 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक करने का प्रयास किया जाएगा।
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अलीगढ़ के लिए चयनित फसलें एवं उत्पाद
अलीगढ़। जनपद में बासमती चावल, आलू, आम, अमरूद, हरी सब्जियां, ताजा दूध, स्किम्ड दूध, पनीर, घी, मांस आदि उत्पादों के क्लस्टर बनाए जा सकते हैं।
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ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक भगवती प्रसाद ने बताया कि किसान एफ पीओ क्लस्टर बनाकर निर्यात कर सकेंगे। इसमें न्यूनतम 50 हेक्टेयर कृषि भूमि चयनित होगी, जिसका 20-20 हेक्टेयर की निरंतरता में निर्यात होना अनिवार्य है। क्लस्टर के पास खाद्य पदार्थ प्रसंस्करण इकाई भी स्थापित हो सकती है। नोडल एजेंसी क्लस्टर में उत्पादित कृषि उत्पाद के प्रसंस्करण के लिए स्थापित प्रसंस्करण इकाई, पैक हाउस, शीत ग्रह, राइपिनिंग चैंबर आदि को निर्यात की स्थिति में निर्यात प्रोत्साहन का लाभ प्रदान करेगी। यह प्रोत्साहन निर्यात के टर्नओवर के 10 प्रतिशत अथवा 25 लाख रूपये जो भी कम हो, निर्यात प्रारंभ करने के वर्ष से पांच वर्षों तक लिया जा सकेगा।
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निजी क्षेत्र के लिए भी प्रोत्साहन की व्यवस्था की गयी है। 50-100 हेक्टेयर के क्लस्टर के लिए 10 लाख रुपयेे, 100-150 हेक्टेयर के लिए 16 लाख, 150-200 हेक्टेयर के लिए 22 लाख एवं 200-250 हेक्टेयर के लिए 28 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रथम वर्ष 40 प्रतिशत एवं अगले चार वर्षों में 15-15 प्रतिशत देय होगी। निर्यात अगले चार वर्ष में 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक करने का प्रयास किया जाएगा।
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अलीगढ़ के लिए चयनित फसलें एवं उत्पाद
अलीगढ़। जनपद में बासमती चावल, आलू, आम, अमरूद, हरी सब्जियां, ताजा दूध, स्किम्ड दूध, पनीर, घी, मांस आदि उत्पादों के क्लस्टर बनाए जा सकते हैं।