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महाविद्यालय में सीसीटीवी कैमरे न होने पर नहीं बनेगा परीक्षा केंद्र
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राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय (आरएमपीयू) अलीगढ़ से जुड़े जिन महाविद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे और वाइस रिकॉर्डर नहीं होगा, उन्हें परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। इसकी चर्चा विवि परीक्षा समिति की बैठक में हुई। साथ ही, इस बार विश्वविद्यालय द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा कराएगा।
आरएमपीयू के शिविर कार्यालय में प्रवेश व परीक्षा समिति की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। पहले सेमेस्टर की परीक्षा डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा ने कराई थी। अब द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा आरएमपीयू कराएगी। परीक्षा नकल विहीन कराने पर जोर दिया गया। बैठक में यह बात भी उठी कि परीक्षा केेंद्र पर किसी शिक्षक को पर्यवेक्षक बनाने की जगह प्रशासनिक अधिकारी को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। इससे परीक्षा में और भी पारदर्शिता आने की संभावना होगी। जिन महाविद्यालय में सभी सुविधाएं हैं, उसे परीक्षा केंद्र बनने की अनुमति मिलनी चाहिए। आरएमपीयू की पहली प्राथमिकता नकल विहीन परीक्षा है। साथ ही, नए शैक्षिक सत्र में प्रवेश को लेकर भी मंथन किया गया। इसके लिए प्रवेश नियमावली भी बन रही है।
आरएमपीयू से अलीगढ़, हाथरस, कासगंज व एटा के 408 महाविद्यालय संबद्ध हैं। बैठक में कुलपति प्रो. चंद्रशेखर, समिति की सदस्य डॉ. कृष्णा अग्रवाल, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. हरीश कुमार शर्मा, डॉ. जय प्रकाश सिंह, डॉ. नगमा यास्मीन, डॉ. निशा गुप्ता, डॉ. कमल सिंह, डॉ. योगेंद्र सिंह, टीकाराम कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शर्मिला शर्मा, एसवी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार, डीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजकुमार वर्मा शामिल हुए। इस संबंध में कुलसचिव महेश कुमार ने बताया कि प्रवेश व परीक्षा समिति की बैठक में कई ऐसे सुझाव आए, जो आरएमपीयू के लिए लाभप्रद होंगे।
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आरएमपीयू के शिविर कार्यालय में प्रवेश व परीक्षा समिति की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। पहले सेमेस्टर की परीक्षा डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा ने कराई थी। अब द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा आरएमपीयू कराएगी। परीक्षा नकल विहीन कराने पर जोर दिया गया। बैठक में यह बात भी उठी कि परीक्षा केेंद्र पर किसी शिक्षक को पर्यवेक्षक बनाने की जगह प्रशासनिक अधिकारी को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। इससे परीक्षा में और भी पारदर्शिता आने की संभावना होगी। जिन महाविद्यालय में सभी सुविधाएं हैं, उसे परीक्षा केंद्र बनने की अनुमति मिलनी चाहिए। आरएमपीयू की पहली प्राथमिकता नकल विहीन परीक्षा है। साथ ही, नए शैक्षिक सत्र में प्रवेश को लेकर भी मंथन किया गया। इसके लिए प्रवेश नियमावली भी बन रही है।
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आरएमपीयू से अलीगढ़, हाथरस, कासगंज व एटा के 408 महाविद्यालय संबद्ध हैं। बैठक में कुलपति प्रो. चंद्रशेखर, समिति की सदस्य डॉ. कृष्णा अग्रवाल, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. हरीश कुमार शर्मा, डॉ. जय प्रकाश सिंह, डॉ. नगमा यास्मीन, डॉ. निशा गुप्ता, डॉ. कमल सिंह, डॉ. योगेंद्र सिंह, टीकाराम कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शर्मिला शर्मा, एसवी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार, डीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजकुमार वर्मा शामिल हुए। इस संबंध में कुलसचिव महेश कुमार ने बताया कि प्रवेश व परीक्षा समिति की बैठक में कई ऐसे सुझाव आए, जो आरएमपीयू के लिए लाभप्रद होंगे।
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