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Medicine: एक अप्रैल से महंगी होंगी जरूरी दवाएं, दवाओं के दाम में 1.74 फीसदी तक होगी बढ़ोतरी

Sun, 30 Mar 2025 02:32 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sun, 30 Mar 2025 02:32 PM IST
सार

वर्ष 2023 में भी 12 फीसदी तक की वृद्धि की गई थी, जिससे पहले से ही महंगाई से जूझ रहे मरीजों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा था।

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Essential medicines will become costlier from April 1
दवाएं - फोटो : Freepik.com

विस्तार

कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और एंटीबायोटिक्स जैसी जरूरी 800 दवाएं 1 अप्रैल से महंगी हो जाएंगी। सरकार ने जरूरी दवाओं की लिस्ट यानी एनएलईएम (नेशनल लिस्ट ऑफ एसेंशियल मेडिसिंस) में शामिल दवाओं के दाम में 1.74 फीसदी तक बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। 

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वर्ष 2023 में भी 12 फीसदी तक की वृद्धि की गई थी, जिससे पहले से ही महंगाई से जूझ रहे मरीजों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा था। इनमें पैरासिटामाल, एज़िथ्रोमाइसीन, एंटी-एलर्जी, एंटी-एनीमिया, और विटामिन्स और मिनरल्स की दवाएं शामिल हैं। ये दवाएं आम बीमारियों के लिए इस्तेमाल होती हैं।

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मधुमेह जैसी बीमारियों में रोजाना दवाइयों की जरूरत होती है। कीमतों में यह बढ़ोतरी मरीजों के मासिक बजट को प्रभावित कर सकती है। हालांकि यह वृद्धि ज्यादा नहीं है, लेकिन ऐसे ही बढ़ोतरी होती रही तो यह समस्या बन सकती है। सरकार को जन औषधि केंद्रों का विस्तार कर सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना चाहिए।-डॉ. संजय तायल, वरिष्ठ फिजिशियन

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एंटीबायोटिक्स दवाओं की कीमतों में वृद्धि से गरीब मरीजों के इलाज पर असर पड़ सकता है। अगर कीमतें बढ़ती हैं तो लोग बिना डॉक्टर की सलाह से कम प्रभावी दवाओं का इस्तेमाल करेंगे। सरकार को एंटीबायोटिक्स दवाओं को लेकर ठोस नीति बनानी चाहिए।-डॉ. मयंक मनी, वरिष्ठ फिजिशियन।
दवाओं की कीमतों में प्रस्तावित वृद्धि थोक मूल्य सूचकांक में बदलाव के अनुरूप है, मगर हमें यह ध्यान रखना होगा कि बड़ी संख्या में लोग निम्न और मध्यम वर्ग से आते हैं। ऐसे में जरूरी दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी उनके लिए आर्थिक बोझ बढ़ा सकती है। सरकार को मूल्य नियंत्रण पर ध्यान देना चाहिए।-डॉ. भरत कुमार वार्ष्णेय, प्रेसिडेंट आईएमए।

हर साल कुछ दवाओं की कीमतों में बढ़ोत्तरी तो कुछ में कमी होती है। इसकी पूरी सूची जारी होने के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी। फार्मा कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल की कीमतें, यानी दवा बनाने वाले कंपोनेंट्स के दाम पिछले कुछ समय से बढ़ रहे थे, इसकी वजह से लागत बढ़ गई है।-शैलेंद्र सिंह टिल्लू, अध्यक्ष जिला अलीगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन।


वर्तमान में दवाओं की दरें
दवाएं दरें
पैरासिटामाॅल 10 रुपये
एजिथ्रोमाइसिन 78 रुपये
एंटी एलर्जी 48 रुपये
एंटी एनीमिया 90 रुपये
मल्टी विटामिन्स 90 रुपये
नोट : दस टेबलेट के पत्ते की कीमत।

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