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शादी में दिखावा नहीं, सादगी अपनाएं : मौलाना हसन
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ऊपरकोट जामा मस्जिद में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद इमाम। स्रोत : स्वयं
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शाही जामा मस्जिद में सीरतुन्नबी सम्मेलन हुआ। इसमें कासगंज के मौलाना इनामुल हसन ने कहा कि पैगंबर की सीरत हमें इंसानियत, रहमदिली और दुश्मनों तक को खाना खिलाने की शिक्षा देती है। उन्होंने कहा कि शादी में दिखावा से बचना चाहिए। लोग सादगी अपनाएं।
शाही जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मुफ्ती महमूदुल हसन कासमी ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम का जीवन मानवता के लिए सर्वोत्तम आदर्श है। समाज की समस्याओं और बुराइयों का समाधान पैगंबर की शिक्षाओं में है। फिरोजाबाद के मौलाना आदम मुस्तफा ने कहा कि पैगंबर से मोहब्बत का दावा तभी सच्चा है, जब उनकी सुन्नत और जीवन शैली भी हमें प्रिय हो।
डॉ. शारिक अकील ने कहा कि पैगंबर का जीवन हर क्षेत्र में मार्गदर्शन देती है। कारी मोहम्मद अकील ने कुरान की आयतों की तिलावत की। डॉ. मुजीब शहजर, मुफ्ती महबूबुर्रहमान और एहतिशाम ने नात-ए-नबी पेश की। सम्मेलन के संयोजक मोहम्मद अहमद शेवन, सीरत कमेटी के सदस्य हाजी अब्दुल मालिक, खुर्शीद अहमद खान, असद यार खान, तारिक अहमद खान आदि मौजूद रहे।
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शाही जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मुफ्ती महमूदुल हसन कासमी ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम का जीवन मानवता के लिए सर्वोत्तम आदर्श है। समाज की समस्याओं और बुराइयों का समाधान पैगंबर की शिक्षाओं में है। फिरोजाबाद के मौलाना आदम मुस्तफा ने कहा कि पैगंबर से मोहब्बत का दावा तभी सच्चा है, जब उनकी सुन्नत और जीवन शैली भी हमें प्रिय हो।
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डॉ. शारिक अकील ने कहा कि पैगंबर का जीवन हर क्षेत्र में मार्गदर्शन देती है। कारी मोहम्मद अकील ने कुरान की आयतों की तिलावत की। डॉ. मुजीब शहजर, मुफ्ती महबूबुर्रहमान और एहतिशाम ने नात-ए-नबी पेश की। सम्मेलन के संयोजक मोहम्मद अहमद शेवन, सीरत कमेटी के सदस्य हाजी अब्दुल मालिक, खुर्शीद अहमद खान, असद यार खान, तारिक अहमद खान आदि मौजूद रहे।
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