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अनियमितता के चलते परीक्षा से सैकड़ों छात्र वंचित, हंगामा
Sun, 23 Dec 2018 01:50 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sun, 23 Dec 2018 01:50 AM IST
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हंगामा करते छात्रों को शांत करते सिटी मजिस्ट्रेट।
- फोटो : Rupesh
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उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ की सम्मिलित ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी और समाज कल्याण पर्यवेक्षक प्रतियोगात्मक परीक्षा 2018 के तहत शनिवार को अनियमितता के चलते शहर के एक केंद्र पर सैकड़ों विद्यार्थी परीक्षा से वंचित हो गए। महेशपुर में बने सेंटर कोड 162 ब्लैकडेल पब्लिक इंटर कालेज पर जब परीक्षार्थियों को केंद्र के अंदर घुसने नहीं दिया गया तो अभ्यर्थियों ने हंगामा काटा। इस दौरान पुलिस फोर्स ने जैसे-तैसे मामले को काबू पाया। सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट ने पहुंचकर हंगामा कर रहे अभ्यर्थियों को शांत किया था।
परीक्षा केंद्र के बाहर हंगामा कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि एडमिट कार्ड पर लिखा सेंटर का नाम व वास्तव में स्कूल के नाम में बहुत अंतर है। जिससे केंद्र ढूंढने में काफी दिक्कतें हुईं। सिटी मजिस्ट्रेट से छात्रों ने कहा कि ब्लैकडेल इंटर कालेज की जगह ब्लैकडेल पब्लिक स्कूल के हर जगह साइन बोर्ड लगे हैं। वहीं गूगल पर सेंटर देखने से ब्लैक डेल नाम से तीन स्कूलों के नाम आ रहे हैं।
जिनमें एक भी ब्लैकडेल पब्लिक इंटर कालेज नहीं था। वहीं स्कूल के बाहर कहीं भी इंटर कालेज नहीं लिखा हुआ है। इसके बावजूद जैसे तैसे हम साढ़े नौ बजे तक केंद्र पर पहुंचे, लेकिन अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। इस दौरान कई छात्रों ने तो यहां तक आरोप लगाए कि वह 9.25 तक गेट पर ही थे।
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सामान रखने के दौरान उन्हें बाहर कर दिया गया। पेपर नहीं देने दिया। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट नलिनी कांत ने छात्रों को समझाकर शांत किया और आयोग के अलीगढ़ परीक्षा प्रभारी से वार्ता की। लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने सभी छात्रों से एप्लीकेशन लेकर डीएम के समक्ष रखने की बात कही।
जबकि इस प्रकरण में जाहिद स्क्योरिटी के फैजान अली ने बताया कि उन्होंने 9.31 पर समय से गेट बंद किया था। उस समय गेट पर कोई अभ्यर्थी मौजूद नहीं था। वहीं द्वितीय पाली में भी इसी सेंटर पर देर से आने के कारण 30 से 40 अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित हो गए।
12809 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
पहली पाली में 9848 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 6256 ने परीक्षा दी। जबकि 3592 अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली में 9648 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 6553 ने परीक्षा दी। जबकि 3095 अनुपस्थित रहे।
जेवरात उतारे, फिर भी घुसने नहीं दिया
प्रवेश के दौरान मैं अपने कुंडल उतारने बाहर आ गई थी। कुंडल बाहर परिचित को देकर जैसे ही अंदर गई। मुझे घुसने नहीं दिया गया।
- चंचल कुमारी, खैर बाईपास।
हम समय से परीक्षा केंद्र पर थे। अंदर घुसने के दौरान निर्देश दिए गए कि अपने मंगलसूत्र, कुंडल, चूड़ियां आदि उतारकर अंदर आओ। हम जैसे ही सामान परिजनों को देकर अंदर घुसे। हमें घुसने से मना कर दिया गया।
- नीरज रानी, बुलंदशहर
समय पर थे, फिर भी नहीं घुसने दिया
मैं पौने नौ बजे सेंटर पर आ गई थी। नौ बजे के दौरान मैं गेट पर ही रिवीजन करने लग गई। सभी लोग बाहर थे। फिर गेट बंद कर दिया गया। मैंने अंदर जाने की गुजारिश की, लेकिन किसी ने घुसने नहीं दिया।
- सपना, मैनपुरी।
गेट समय से बंद हुआ, अच्छा गया पेपर
मैंने 9.25 पर प्रवेश लिया था। पेपर अच्छा आया। काफी हद तक ठीक भी गया है।
- शिल्पी, मैनपुरी।
मैंने नौ बजे प्रवेश लिया था। पेपर थोड़ा कठिन था। फिर भी जितना हो सका, हल किया।
- सिप्पी गोयल, फिरोजाबाद।
सिटी मजिस्ट्रेट ने भी माना प्रवेश पत्र पर वास्तव में केंद्र का नाम है अलग-अलग
सिटी मजिस्ट्रेट को छात्रों ने जैसे ही अपने प्रवेश पत्र दिखाए और स्कूल का बोर्ड दिखाया तो उन्होंने भी माना दोनों में अंतर है। सिटी मजिस्ट्रेट नलिनी कांत ने कहा कि वाकई में दोनों में अंतर है। चूंकि प्रवेश पत्र पर ब्लैकडेल पब्लिक इंटर कालेज लिखा था। जबकि स्कूल का नाम ब्लैकडेल पब्लिक स्कूल था। उन्होंने इस संबंध में डीएम व आयोग से वार्ता करने की बात कही।
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परीक्षा केंद्र के बाहर हंगामा कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि एडमिट कार्ड पर लिखा सेंटर का नाम व वास्तव में स्कूल के नाम में बहुत अंतर है। जिससे केंद्र ढूंढने में काफी दिक्कतें हुईं। सिटी मजिस्ट्रेट से छात्रों ने कहा कि ब्लैकडेल इंटर कालेज की जगह ब्लैकडेल पब्लिक स्कूल के हर जगह साइन बोर्ड लगे हैं। वहीं गूगल पर सेंटर देखने से ब्लैक डेल नाम से तीन स्कूलों के नाम आ रहे हैं।
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जिनमें एक भी ब्लैकडेल पब्लिक इंटर कालेज नहीं था। वहीं स्कूल के बाहर कहीं भी इंटर कालेज नहीं लिखा हुआ है। इसके बावजूद जैसे तैसे हम साढ़े नौ बजे तक केंद्र पर पहुंचे, लेकिन अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। इस दौरान कई छात्रों ने तो यहां तक आरोप लगाए कि वह 9.25 तक गेट पर ही थे।
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सामान रखने के दौरान उन्हें बाहर कर दिया गया। पेपर नहीं देने दिया। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट नलिनी कांत ने छात्रों को समझाकर शांत किया और आयोग के अलीगढ़ परीक्षा प्रभारी से वार्ता की। लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने सभी छात्रों से एप्लीकेशन लेकर डीएम के समक्ष रखने की बात कही।
जबकि इस प्रकरण में जाहिद स्क्योरिटी के फैजान अली ने बताया कि उन्होंने 9.31 पर समय से गेट बंद किया था। उस समय गेट पर कोई अभ्यर्थी मौजूद नहीं था। वहीं द्वितीय पाली में भी इसी सेंटर पर देर से आने के कारण 30 से 40 अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित हो गए।
12809 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
पहली पाली में 9848 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 6256 ने परीक्षा दी। जबकि 3592 अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली में 9648 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 6553 ने परीक्षा दी। जबकि 3095 अनुपस्थित रहे।
जेवरात उतारे, फिर भी घुसने नहीं दिया
प्रवेश के दौरान मैं अपने कुंडल उतारने बाहर आ गई थी। कुंडल बाहर परिचित को देकर जैसे ही अंदर गई। मुझे घुसने नहीं दिया गया।
- चंचल कुमारी, खैर बाईपास।
हम समय से परीक्षा केंद्र पर थे। अंदर घुसने के दौरान निर्देश दिए गए कि अपने मंगलसूत्र, कुंडल, चूड़ियां आदि उतारकर अंदर आओ। हम जैसे ही सामान परिजनों को देकर अंदर घुसे। हमें घुसने से मना कर दिया गया।
- नीरज रानी, बुलंदशहर
समय पर थे, फिर भी नहीं घुसने दिया
मैं पौने नौ बजे सेंटर पर आ गई थी। नौ बजे के दौरान मैं गेट पर ही रिवीजन करने लग गई। सभी लोग बाहर थे। फिर गेट बंद कर दिया गया। मैंने अंदर जाने की गुजारिश की, लेकिन किसी ने घुसने नहीं दिया।
- सपना, मैनपुरी।
गेट समय से बंद हुआ, अच्छा गया पेपर
मैंने 9.25 पर प्रवेश लिया था। पेपर अच्छा आया। काफी हद तक ठीक भी गया है।
- शिल्पी, मैनपुरी।
मैंने नौ बजे प्रवेश लिया था। पेपर थोड़ा कठिन था। फिर भी जितना हो सका, हल किया।
- सिप्पी गोयल, फिरोजाबाद।
सिटी मजिस्ट्रेट ने भी माना प्रवेश पत्र पर वास्तव में केंद्र का नाम है अलग-अलग
सिटी मजिस्ट्रेट को छात्रों ने जैसे ही अपने प्रवेश पत्र दिखाए और स्कूल का बोर्ड दिखाया तो उन्होंने भी माना दोनों में अंतर है। सिटी मजिस्ट्रेट नलिनी कांत ने कहा कि वाकई में दोनों में अंतर है। चूंकि प्रवेश पत्र पर ब्लैकडेल पब्लिक इंटर कालेज लिखा था। जबकि स्कूल का नाम ब्लैकडेल पब्लिक स्कूल था। उन्होंने इस संबंध में डीएम व आयोग से वार्ता करने की बात कही।