{"_id":"60316fb08ebc3ee95e7641e2","slug":"dr-kumar-vishvas-and-anja-sengar-perform-in-numaish-city-office-news-ali2568114139","type":"story","status":"publish","title_hn":"मैं अपने गीत गजलों से उसे पैगाम करता हूं, उसी की दी हुई दौलत उसी के नाम करता हूं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मैं अपने गीत गजलों से उसे पैगाम करता हूं, उसी की दी हुई दौलत उसी के नाम करता हूं
विज्ञापन
राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के कोहिनूर मंच पर आयोजित कवि सम्मेलन में मंचासीन कवि डॉ कुमा?
- फोटो : CITY OFFICE
राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के कोहिनूर मंच पर शनिवार को प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास का जादू सुनने वालों के सिर चढ़कर बोला। कुमार विश्वास की एक-एक पंक्ति पर सुनने वालों ने जमकर दाद दी। पंक्तियों के साथ-साथ कुमार विश्वास ने बीच-बीच में अपने कथन और संबोधन के माध्यम से सामाजिक, राजनीतिक और वैश्विक विसंगतियों पर जबरदस्त व्यंग प्रस्तुत किया।
उनके निशाने पर विपक्षी राजनीतिक दलों के साथ-साथ सत्ताधारी पार्टी और उसके नेता भी आ गए। सभी ने कुमार विश्वास के अंदाज का आनंद उठाया। कार्यक्रम में कवियत्री अंजना सेंगर, रमेश मुस्कान और डॉ. अरुण पांडे ने भी कविता पाठ किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद सतीश गौतम, आईजी पीयूष मोर्डिया, जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह, एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपानी ने दीप प्रज्वलित करके किया।
कविताओं की प्रस्तुति के दौरान मंच पर जब कुमार विश्वास ने अपने चिरपरिचित अंदाज में राजनीतिक और सामाजिक विसंगतियों के विषय में अपना शब्द विन्यास प्रस्तुत किया तो कोहिनूर पंडाल तालियों से गूंज उठा। कुमार विश्वास ने अपनी पंक्तियां पढ़ी, मैं अपने गीत गजलों से उसे पैगाम करता हूं, उसी की दी हुई दौलत उसी के नाम करता हूं, हवा का काम है चलना दिए का काम है जलना, वह अपना काम करती है मैं अपना काम करता हूं, इसे सुनकर पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा।
विज्ञापन
इसके बाद कुमार विश्वास ने किसी के दिल की मायूसी जहां से होकर गुजरी है, कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है, एशिया के हम सिकंदर हार हम अपनी न मानें, जैसी एक से बढ़कर एक पंक्तियां प्रस्तुत करके पूरी महफिल अपने नाम कर ली। इससे पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर अरुण पांडे ने अपनी पंक्तियां प्रस्तुत कीं। किसान आंदोलन पर राजनीति गरमाई है, जिसे सुनने वालों ने बेहद पसंद किया। उन्होंने भगवान श्री राम के संबंध में एक रचना प्रस्तुत की, हर जटिल प्रश्न के चिर समाधान हैं जिससे पूरा पंडाल राममय हो गया।
अंजना सेंगर ने अपनी पंक्तियां सुनाते हुए कहा कि अलग हैं जातियां सबकी मगर परिवार है भारत, हमारी धमनियों में रक्त का संचार है भारत, ना हिंदू है न मुसलमान है फकत हम हिंद के वासी, हमारी एकता का भव्यतम आधार है भारत। रमेश मुस्कान ने अपने अंदाज से दर्शकों को बहुत गुदगुदाया। उन्होंने कहा कि जीवन क्या है समझ ना पाए अब तक भैया, लेवे आए भैंसिया चल दिए लेकर गैया। इसके बाद रमेश मुस्कान ने कुमार विश्वास को मंच पर आमंत्रित किया जिसके बाद कुमार विश्वास की प्रस्तुति, पंक्तियां और अंदाज में पंडाल में बैठे सभी लोग खो गए। देर रात तक कुमार विश्वास के सम्मोहन के आकर्षण में लोग बंधे रहे।
मंच पर आते ही नीरज को याद किया
कोहिनूर मंच पर आए कुमार विश्वास ने मंच पर आते ही पद्मभूषण गोपालदास नीरज को याद किया। इसके साथ ही रविंद्र भ्रमर, सुरेंद्र सुकुमार, प्रेम किशोर पटाखा, शहरयार आदि कवियों व साहित्यकारों को याद करते हुए कहा कि उनके लिए अलीगढ़ हमेशा ही पूज्यनीय धरती रहा है।
मुंह से आवाज निकाल कर अपराधी को दहशत में कर देती है यूपी पुलिस
उत्तर प्रदेश पुलिस के संबंध में व्यंग करते हुए कुमार विश्वास ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पुलिस अपराधियों को अपने साथ कार में ले जाती है, लेकिन अपराधी कहते हैं नहीं नहीं हम खुले में ही अच्छे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश पुलिस का ही कमाल है कि अगर हाथ में अत्याधुनिक हथियार न भी हो तो मुंह से ही ठाएं ठाएं की आवाज निकाल कर अपराधी को दहशत में कर देते हैं। बदले में अपराधी भी व्हाट्सएप पर मैसेज भेज देता है अब हम मर गए हैं।
अलीगढ़ में कोई उपद्रव समझो सांसद ने बयान दिया है
कुमार विश्वास ने अपने व्यंग के निशाने पर सांसद सतीश गौतम को भी ले लिया। उन्होंने कहा कि जब भी वह टीवी पर अलीगढ़ के संबंध में कोई उपद्रव पूर्ण बयान या स्थिति को देखते हैं तो समझ जाते हैं कि सतीश गौतम ने कुछ किया होगा। कुमार के इस अंदाज का सांसद सहित वहां मौजूद सभी अधिकारियों और जनता के लोगों ने खूब आनंद उठाया।
यह नारियल कब टपक कर गिर पड़े
कुमार विश्वास ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आजकल उनको सुनने के लिए भारतीय जनता पार्टी के लोग भारी संख्या में कार्यक्रमों में आते हैं। साथ ही कार्यक्रम में उनके काव्य की प्रशंसा भी खूब करते हैं। उन्हें लगता है कि यह नारियल पता नहीं कब टूट कर गिर पड़े। इस पर पंडाल में जमकर ठहाके लगे।
विज्ञापन
उनके निशाने पर विपक्षी राजनीतिक दलों के साथ-साथ सत्ताधारी पार्टी और उसके नेता भी आ गए। सभी ने कुमार विश्वास के अंदाज का आनंद उठाया। कार्यक्रम में कवियत्री अंजना सेंगर, रमेश मुस्कान और डॉ. अरुण पांडे ने भी कविता पाठ किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद सतीश गौतम, आईजी पीयूष मोर्डिया, जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह, एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपानी ने दीप प्रज्वलित करके किया।
विज्ञापन
कविताओं की प्रस्तुति के दौरान मंच पर जब कुमार विश्वास ने अपने चिरपरिचित अंदाज में राजनीतिक और सामाजिक विसंगतियों के विषय में अपना शब्द विन्यास प्रस्तुत किया तो कोहिनूर पंडाल तालियों से गूंज उठा। कुमार विश्वास ने अपनी पंक्तियां पढ़ी, मैं अपने गीत गजलों से उसे पैगाम करता हूं, उसी की दी हुई दौलत उसी के नाम करता हूं, हवा का काम है चलना दिए का काम है जलना, वह अपना काम करती है मैं अपना काम करता हूं, इसे सुनकर पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा।
विज्ञापन
इसके बाद कुमार विश्वास ने किसी के दिल की मायूसी जहां से होकर गुजरी है, कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है, एशिया के हम सिकंदर हार हम अपनी न मानें, जैसी एक से बढ़कर एक पंक्तियां प्रस्तुत करके पूरी महफिल अपने नाम कर ली। इससे पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर अरुण पांडे ने अपनी पंक्तियां प्रस्तुत कीं। किसान आंदोलन पर राजनीति गरमाई है, जिसे सुनने वालों ने बेहद पसंद किया। उन्होंने भगवान श्री राम के संबंध में एक रचना प्रस्तुत की, हर जटिल प्रश्न के चिर समाधान हैं जिससे पूरा पंडाल राममय हो गया।
अंजना सेंगर ने अपनी पंक्तियां सुनाते हुए कहा कि अलग हैं जातियां सबकी मगर परिवार है भारत, हमारी धमनियों में रक्त का संचार है भारत, ना हिंदू है न मुसलमान है फकत हम हिंद के वासी, हमारी एकता का भव्यतम आधार है भारत। रमेश मुस्कान ने अपने अंदाज से दर्शकों को बहुत गुदगुदाया। उन्होंने कहा कि जीवन क्या है समझ ना पाए अब तक भैया, लेवे आए भैंसिया चल दिए लेकर गैया। इसके बाद रमेश मुस्कान ने कुमार विश्वास को मंच पर आमंत्रित किया जिसके बाद कुमार विश्वास की प्रस्तुति, पंक्तियां और अंदाज में पंडाल में बैठे सभी लोग खो गए। देर रात तक कुमार विश्वास के सम्मोहन के आकर्षण में लोग बंधे रहे।
मंच पर आते ही नीरज को याद किया
कोहिनूर मंच पर आए कुमार विश्वास ने मंच पर आते ही पद्मभूषण गोपालदास नीरज को याद किया। इसके साथ ही रविंद्र भ्रमर, सुरेंद्र सुकुमार, प्रेम किशोर पटाखा, शहरयार आदि कवियों व साहित्यकारों को याद करते हुए कहा कि उनके लिए अलीगढ़ हमेशा ही पूज्यनीय धरती रहा है।
मुंह से आवाज निकाल कर अपराधी को दहशत में कर देती है यूपी पुलिस
उत्तर प्रदेश पुलिस के संबंध में व्यंग करते हुए कुमार विश्वास ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पुलिस अपराधियों को अपने साथ कार में ले जाती है, लेकिन अपराधी कहते हैं नहीं नहीं हम खुले में ही अच्छे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश पुलिस का ही कमाल है कि अगर हाथ में अत्याधुनिक हथियार न भी हो तो मुंह से ही ठाएं ठाएं की आवाज निकाल कर अपराधी को दहशत में कर देते हैं। बदले में अपराधी भी व्हाट्सएप पर मैसेज भेज देता है अब हम मर गए हैं।
अलीगढ़ में कोई उपद्रव समझो सांसद ने बयान दिया है
कुमार विश्वास ने अपने व्यंग के निशाने पर सांसद सतीश गौतम को भी ले लिया। उन्होंने कहा कि जब भी वह टीवी पर अलीगढ़ के संबंध में कोई उपद्रव पूर्ण बयान या स्थिति को देखते हैं तो समझ जाते हैं कि सतीश गौतम ने कुछ किया होगा। कुमार के इस अंदाज का सांसद सहित वहां मौजूद सभी अधिकारियों और जनता के लोगों ने खूब आनंद उठाया।
यह नारियल कब टपक कर गिर पड़े
कुमार विश्वास ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आजकल उनको सुनने के लिए भारतीय जनता पार्टी के लोग भारी संख्या में कार्यक्रमों में आते हैं। साथ ही कार्यक्रम में उनके काव्य की प्रशंसा भी खूब करते हैं। उन्हें लगता है कि यह नारियल पता नहीं कब टूट कर गिर पड़े। इस पर पंडाल में जमकर ठहाके लगे।

राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के कोहिनूर मंच पर आयोजित कवि सम्मेलन में प्रस्तुति देते कवि ?- फोटो : CITY OFFICE