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Aligarh News: विपरीत परिस्थितियों से न डरें, वहीं से निकलता है सफलता का रास्ता
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खैर में अमर उजाला द्वारा आयोजित नारी शक्ति कार्यक्रम में सम्मानित लखपति दीदियां साथ में अतिथि व
- फोटो : samvad
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित अमर उजाला नारी शक्ति कार्यक्रमों की शृंखला के तहत शुक्रवार को तहसील खैर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लखपति दीदियों ने अपनी सफलता की कहानियों से हॉल में मौजूद हर शख्स को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों से डरें नहीं, वहीं से सफलता का रास्ता निकलता है।
कस्बे के खुशीराम कन्या महाविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाओं और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।लखपति दीदियों ने अपने शून्य से शिखर तक पहुंचने के संघर्ष और बाधाओं को साझा किया, तो वहां मौजूद छात्राएं और महिलाएं भावुक हो गईं।
लखपति दीदियों ने बताया कि कैसे छोटे-छोटे प्रयासों और दृढ़ निश्चय से उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति सुधारी, बल्कि समाज में एक नई पहचान भी बनाई। छात्राओं ने इन सफल महिलाओं के जीवन से सीख लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
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मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद प्रसिद्ध महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमा गौड़ ने महिलाओं के स्वास्थ्य पर जोर देते हुए कहा कि अच्छा स्वास्थ्य ही सफलता की पहली सीढ़ी है। महिलाओं को अपनी शारीरिक सेहत के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहना चाहिए। आज के दौर में जंक फूड युवाओं को आकर्षित जरूर करता है, लेकिन भविष्य में यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करता है। एनसीसी स्कूल की एकेडमिक प्रमुख वर्षा शर्मा ने कहा कि शिक्षा ही वह एकमात्र हथियार है, जिसके दम पर वे अपनी सफलता की कहानी स्वयं लिख सकती हैं।
श्रीराम कन्या इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल रचना भारद्वाज ने अमर उजाला के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि संघर्ष को मंच देने से महिलाओं का मनोबल बढ़ता है। प्राथमिक विद्यालय चौधाना की प्रधानाध्यापक प्रेरणा ने सीख दी कि विपरीत परिस्थितियां जीवन का हिस्सा हैं, उनसे विचलित होने के बजाय उन्हीं के बीच से रास्ता निकालना चाहिए।
महाविद्यालय में नारी शक्ति सम्मान कार्यक्रम का आयोजन बेहद गौरव की बात है। यहां पर जिन महिलाओं का सम्मान हुआ है, उनसे छात्राओं ने प्रेरणा ली है। मेरी अपील है कि छात्राएं इसी प्रकार जीवन में सफलता हासिल करें।
- नरेंद्र भारद्वाज, प्रबंधक, खुशीराम कन्या महाविद्यालय, खैर
इन लखपति दीदियों का हुआ सम्मान
गांव मथना से निकेश, गांव नगोला से चंद्रकला, सोफा से रीमा, अर्राना से राजरानी, जरारा से मनोज, खेड़ा से सरिता, लक्ष्मण गढ़ी से बिजिला, पीपल गांव से गिरिजा कुमारी, अंडला से हेमलता, गोमत से धर्मवीर।
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कैंसर का मतलब जिंदगी का अंत नहीं
प्राथमिक विद्यालय चौधाना की प्रधानाध्यापक प्रेरणा ने कैंसर को हराने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में जब उन्हें कैंसर का पता चला तो अचानक सब कुछ बदल गया। कुछ दिन बेहद तनाव भरे थे। इसके बाद स्कूल के बच्चों को देखकर उनको जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। दिल्ली में सर गंगाराम हॉस्पिटल में उपचार की लंबी प्रक्रिया के बाद कैंसर को मात दी है। अब वह अपने अनुभव अन्य महिलाओं के साथ साझा करती हैं तो जीवन में सकारात्मक अहसास होता है।
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कस्बे के खुशीराम कन्या महाविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाओं और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।लखपति दीदियों ने अपने शून्य से शिखर तक पहुंचने के संघर्ष और बाधाओं को साझा किया, तो वहां मौजूद छात्राएं और महिलाएं भावुक हो गईं।
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लखपति दीदियों ने बताया कि कैसे छोटे-छोटे प्रयासों और दृढ़ निश्चय से उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति सुधारी, बल्कि समाज में एक नई पहचान भी बनाई। छात्राओं ने इन सफल महिलाओं के जीवन से सीख लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
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मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद प्रसिद्ध महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमा गौड़ ने महिलाओं के स्वास्थ्य पर जोर देते हुए कहा कि अच्छा स्वास्थ्य ही सफलता की पहली सीढ़ी है। महिलाओं को अपनी शारीरिक सेहत के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहना चाहिए। आज के दौर में जंक फूड युवाओं को आकर्षित जरूर करता है, लेकिन भविष्य में यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करता है। एनसीसी स्कूल की एकेडमिक प्रमुख वर्षा शर्मा ने कहा कि शिक्षा ही वह एकमात्र हथियार है, जिसके दम पर वे अपनी सफलता की कहानी स्वयं लिख सकती हैं।
श्रीराम कन्या इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल रचना भारद्वाज ने अमर उजाला के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि संघर्ष को मंच देने से महिलाओं का मनोबल बढ़ता है। प्राथमिक विद्यालय चौधाना की प्रधानाध्यापक प्रेरणा ने सीख दी कि विपरीत परिस्थितियां जीवन का हिस्सा हैं, उनसे विचलित होने के बजाय उन्हीं के बीच से रास्ता निकालना चाहिए।
महाविद्यालय में नारी शक्ति सम्मान कार्यक्रम का आयोजन बेहद गौरव की बात है। यहां पर जिन महिलाओं का सम्मान हुआ है, उनसे छात्राओं ने प्रेरणा ली है। मेरी अपील है कि छात्राएं इसी प्रकार जीवन में सफलता हासिल करें।
- नरेंद्र भारद्वाज, प्रबंधक, खुशीराम कन्या महाविद्यालय, खैर
इन लखपति दीदियों का हुआ सम्मान
गांव मथना से निकेश, गांव नगोला से चंद्रकला, सोफा से रीमा, अर्राना से राजरानी, जरारा से मनोज, खेड़ा से सरिता, लक्ष्मण गढ़ी से बिजिला, पीपल गांव से गिरिजा कुमारी, अंडला से हेमलता, गोमत से धर्मवीर।
कैंसर का मतलब जिंदगी का अंत नहीं
प्राथमिक विद्यालय चौधाना की प्रधानाध्यापक प्रेरणा ने कैंसर को हराने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में जब उन्हें कैंसर का पता चला तो अचानक सब कुछ बदल गया। कुछ दिन बेहद तनाव भरे थे। इसके बाद स्कूल के बच्चों को देखकर उनको जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। दिल्ली में सर गंगाराम हॉस्पिटल में उपचार की लंबी प्रक्रिया के बाद कैंसर को मात दी है। अब वह अपने अनुभव अन्य महिलाओं के साथ साझा करती हैं तो जीवन में सकारात्मक अहसास होता है।