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रेजीडेंट डॉक्टराें और छात्रों में भिड़ंत, स्वास्थ्य सेवाएं ठप
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Mon, 24 Apr 2017 01:50 AM IST
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एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में छात्रों व रेजीडेंट डॉक्टरों के बीच रविवार देर शाम भिड़ंत के बाद स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। रेजीडेंट डॉक्टर काम छोड़कर चले गए हैं। इसकी वजह से नए मरीजों की भर्ती रोक दी गई है। मेडिकल कॉलेज का हालात देख परिजन पहले से भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पतालों में ले जाने लगे हैं।
वहीं छात्रों की ओर से चार डॉक्टरों के खिलाफ और डॉक्टरों की ओर से छात्रों के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में तहरीर दी गई है। घटना की सूचना के बाद एएमयू के रजिस्ट्रार, प्रॉक्टर, डीन एवं अधीक्षक समेत तमाम अधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचकर रेजीडेंट डॉक्टरों को हड़ताल पर जाने से रोकने के प्रयास में जुटे हैं। ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहें। मगर देर रात तक डॉक्टर हड़ताल पर जाने की तैयारी में जुटे थे।
रविवार को एएमयू छात्र संघ के उपाध्यक्ष नदीम अंसारी डीएसडब्लू छात्र फरहान जुबैरी को दिखाने जेएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी नंबर 5 (आर्थोपेडिक) में गए थे। आरोप है कि वहां पर मौजूद रेजीडेंट डॉक्टरों ने फरहान एवं छात्र संघ उपाध्यक्ष के साथ बदतमीजी और मारपीट की।
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आरोप है कि पहले डॉक्टर की ओर से मारपीट शुरू की गई। उसके बाद बहुत से छात्र वहां पहुंच गए और देखते-देखते डॉक्टर एवं छात्रों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इसकी वजह से मेडिकल में भगदड़ मच गई। रेजीडेंट डॉक्टरों की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि छात्र संघ उपाध्यक्ष एक डॉक्टर की कुर्सी पर बैठ गए थे और चिकित्सकों के साथ बदतमीजी की। हालांकि रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन की ओर से तमाम प्रयास के बाद भी देर रात समाचार लिखे जाने तक कोई बयान नहीं दिया गया है।
वहीं मारपीट एवं हंगामे का सारा दृश्य सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हो गया है। चर्चा है कि डॉ. साद एवं डॉ. अब्दुल्ला समेत तीन छात्रों के साथ मारपीट हुई है। छात्रसंघ उपाध्यक्ष नदीम अंसारी का कहना है कि मौके पर पहुंचे अध्यक्ष फैजुल हसन के साथ भी डॉक्टरों ने बदतमीजी की। उनका यह भी आरोप है कि उपचार कराने गए फरहान को डॉक्टरों ने लात से मारा।
उपाध्यक्ष का कहना है कि छात्रों की ओर से थाना सिविल लाइन में आरडीए अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्ला, डॉ. साद, डॉ. अरशद एवं डॉ. जफर के खिलाफ तहरीर दी गई है। छात्र व डॉक्टरों के बीच संग्राम की सूचना के बाद एएमयू के रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर, प्रॉक्टर प्रो. मोहसिन खान समेत मेडिकल कॉलेज के तमाम बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि मरीजों को कोई परेशानी नहीं हो।
रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर ने बताया कि छात्र एवं रेजीडेंट डॉक्टर एक-दूसरे पर मारपीट एवं अभद्रता का आरोप लगा रहे हैं। वीडियो रिकार्डिंग देखकर एसएसपी से बात करेंगे और किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि वह इमरजेंसी में भर्ती मरीजों की चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था करें। रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर न जाएं, इसके लिए उनसे बातचीत चल रही है।
कल वीसी के आने के बाद पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया जाएगा। शाम पौने छह बजे से लेकर रात 11 बजे तक आरडीए के सदस्य काम पर नहीं लौटे हैं।
जेएन मेडिकल कॉलेज में छात्रों व रेजीडेंट डॉक्टरों के बीच हुए झगड़े में एएमयू प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से कुल आठ तहरीरें मिली हैं, जिनमें पांच छात्रों की ओर से व तीन डॉक्टरों की ओर से हैं। जिन पर सीसीटीवी फुटेज व जांच के आधार पर कार्रवाई होगी। फिलहाल कैंपस में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
-सुनील कुमार वर्मा,इंस्पेक्टर सिविल लाइंस
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वहीं छात्रों की ओर से चार डॉक्टरों के खिलाफ और डॉक्टरों की ओर से छात्रों के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में तहरीर दी गई है। घटना की सूचना के बाद एएमयू के रजिस्ट्रार, प्रॉक्टर, डीन एवं अधीक्षक समेत तमाम अधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचकर रेजीडेंट डॉक्टरों को हड़ताल पर जाने से रोकने के प्रयास में जुटे हैं। ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहें। मगर देर रात तक डॉक्टर हड़ताल पर जाने की तैयारी में जुटे थे।
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रविवार को एएमयू छात्र संघ के उपाध्यक्ष नदीम अंसारी डीएसडब्लू छात्र फरहान जुबैरी को दिखाने जेएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी नंबर 5 (आर्थोपेडिक) में गए थे। आरोप है कि वहां पर मौजूद रेजीडेंट डॉक्टरों ने फरहान एवं छात्र संघ उपाध्यक्ष के साथ बदतमीजी और मारपीट की।
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आरोप है कि पहले डॉक्टर की ओर से मारपीट शुरू की गई। उसके बाद बहुत से छात्र वहां पहुंच गए और देखते-देखते डॉक्टर एवं छात्रों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इसकी वजह से मेडिकल में भगदड़ मच गई। रेजीडेंट डॉक्टरों की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि छात्र संघ उपाध्यक्ष एक डॉक्टर की कुर्सी पर बैठ गए थे और चिकित्सकों के साथ बदतमीजी की। हालांकि रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन की ओर से तमाम प्रयास के बाद भी देर रात समाचार लिखे जाने तक कोई बयान नहीं दिया गया है।
वहीं मारपीट एवं हंगामे का सारा दृश्य सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हो गया है। चर्चा है कि डॉ. साद एवं डॉ. अब्दुल्ला समेत तीन छात्रों के साथ मारपीट हुई है। छात्रसंघ उपाध्यक्ष नदीम अंसारी का कहना है कि मौके पर पहुंचे अध्यक्ष फैजुल हसन के साथ भी डॉक्टरों ने बदतमीजी की। उनका यह भी आरोप है कि उपचार कराने गए फरहान को डॉक्टरों ने लात से मारा।
उपाध्यक्ष का कहना है कि छात्रों की ओर से थाना सिविल लाइन में आरडीए अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्ला, डॉ. साद, डॉ. अरशद एवं डॉ. जफर के खिलाफ तहरीर दी गई है। छात्र व डॉक्टरों के बीच संग्राम की सूचना के बाद एएमयू के रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर, प्रॉक्टर प्रो. मोहसिन खान समेत मेडिकल कॉलेज के तमाम बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि मरीजों को कोई परेशानी नहीं हो।
रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर ने बताया कि छात्र एवं रेजीडेंट डॉक्टर एक-दूसरे पर मारपीट एवं अभद्रता का आरोप लगा रहे हैं। वीडियो रिकार्डिंग देखकर एसएसपी से बात करेंगे और किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि वह इमरजेंसी में भर्ती मरीजों की चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था करें। रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर न जाएं, इसके लिए उनसे बातचीत चल रही है।
कल वीसी के आने के बाद पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया जाएगा। शाम पौने छह बजे से लेकर रात 11 बजे तक आरडीए के सदस्य काम पर नहीं लौटे हैं।
जेएन मेडिकल कॉलेज में छात्रों व रेजीडेंट डॉक्टरों के बीच हुए झगड़े में एएमयू प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से कुल आठ तहरीरें मिली हैं, जिनमें पांच छात्रों की ओर से व तीन डॉक्टरों की ओर से हैं। जिन पर सीसीटीवी फुटेज व जांच के आधार पर कार्रवाई होगी। फिलहाल कैंपस में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
-सुनील कुमार वर्मा,इंस्पेक्टर सिविल लाइंस