फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Doctor couple booked for culpable homicide

Aligarh: बीमार मरीज की छुट्टी, दूसरे अस्पताल में मौत, गैर इरादतन हत्या में डॉक्टर दंपती पर मुकदमा

Sat, 25 Jan 2025 03:17 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 25 Jan 2025 03:17 PM IST
सार

घटना में पहले मरीज पक्ष पर डॉक्टर पक्ष की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। यह मुकदमा उसी के क्रास में लिखवाया गया है।

विज्ञापन
Doctor couple booked for culpable homicide
मुकदमा दर्ज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीमार मरीज की छुट्टी के बाद दूसरे अस्पताल में मौत पर परिवार ने अब वृंदा अस्पताल संचालक डॉक्टर दंपती पर मुकदमा दर्ज कराया है। रोरावर थाना पुलिस ने ये मुकदमा न्यायालय के आदेश पर गैर इरादतन हत्या व ठगी की धारा में दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

विज्ञापन


बता दें कि जुलाई की घटना में पहले मरीज पक्ष पर डॉक्टर पक्ष की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। यह मुकदमा उसी के क्रास में लिखवाया गया है। मुकदमा दर्ज कराते हुए जलालपुर रोरावर के जयप्रकाश ने बताया कि जुलाई में उनके बुलंदशहर निवासी ससुर तुलसी सिंह बीमारी के चलते यहां लाए गए और खैर रोड के वृंदा अस्पताल में भर्ती कराया। आरोप है कि बिना जांच के संचालक डॉ.अमित वार्ष्णेय व डॉ.अरुणिमा दयाल ने उन्हें वेंटिलेटर पर रख लिया। कई दिन के उपचार, दवा व जांच के साढ़े पांच लाख रुपये ले लिए। जब उनसे मरीज को वार्ड में लेने को कहा तो मरीज को जबरन छुट्टी दे दी। इस पर वे उन्हें दीनदयाल अस्पताल ले गए। जहां मरीज ने बताया कि वे ठीक थे। जबरन वेंटिलेटर पर डाल रखा था। चुप रहने की धमकी दी थी। बाद में तुलसी सिंह की मौत हो गई। 
विज्ञापन


इस मामले में डीएम एसएसपी से शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने पर अब अदालत की शरण ली। अदालत ने मामले में मुकदमे का आदेश दिया है। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। एसएचओ सुशील कुमार योगी के अनुसार जिस समय मरीज को यहां से परिजन ले गए थे। तब उन्होंने अस्पताल पर हंगामा किया था। जिसका मुकदमा डॉक्टर की ओर से कराया गया था। उसकी विवेचना चल रही है। अब यह अदालत के आदेश पर लिखा गया है। जांच में जो सही होगा। वही किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस मामले में उसी समय हुई शिकायत की जांच में साफ हुआ था कि इतने बिल का आरोप गलत है। मरीज से 70 हजार उपचार के लिए गए थे, जिसके बिल ही वे दिखा पाए। मरीज को परिजन अपनी मर्जी से लेकर गए थे। सीएमओ स्तर से जांच में आरोप सही नहीं पाए गए। उल्टा अस्पताल पर इन्होंने हंगामा किया। उस समय हमने मुकदमा कराया था। जिसकी पुलिस जांच कर रही है। ये आरोप झूठे हैं। अब हम अपना पक्ष न्यायालय में रखेंगे।-डा.अमित वार्ष्णेय, संचालक वृंदा अस्पताल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed