Aligarh: बीमार मरीज की छुट्टी, दूसरे अस्पताल में मौत, गैर इरादतन हत्या में डॉक्टर दंपती पर मुकदमा
घटना में पहले मरीज पक्ष पर डॉक्टर पक्ष की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। यह मुकदमा उसी के क्रास में लिखवाया गया है।
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बीमार मरीज की छुट्टी के बाद दूसरे अस्पताल में मौत पर परिवार ने अब वृंदा अस्पताल संचालक डॉक्टर दंपती पर मुकदमा दर्ज कराया है। रोरावर थाना पुलिस ने ये मुकदमा न्यायालय के आदेश पर गैर इरादतन हत्या व ठगी की धारा में दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
बता दें कि जुलाई की घटना में पहले मरीज पक्ष पर डॉक्टर पक्ष की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। यह मुकदमा उसी के क्रास में लिखवाया गया है। मुकदमा दर्ज कराते हुए जलालपुर रोरावर के जयप्रकाश ने बताया कि जुलाई में उनके बुलंदशहर निवासी ससुर तुलसी सिंह बीमारी के चलते यहां लाए गए और खैर रोड के वृंदा अस्पताल में भर्ती कराया। आरोप है कि बिना जांच के संचालक डॉ.अमित वार्ष्णेय व डॉ.अरुणिमा दयाल ने उन्हें वेंटिलेटर पर रख लिया। कई दिन के उपचार, दवा व जांच के साढ़े पांच लाख रुपये ले लिए। जब उनसे मरीज को वार्ड में लेने को कहा तो मरीज को जबरन छुट्टी दे दी। इस पर वे उन्हें दीनदयाल अस्पताल ले गए। जहां मरीज ने बताया कि वे ठीक थे। जबरन वेंटिलेटर पर डाल रखा था। चुप रहने की धमकी दी थी। बाद में तुलसी सिंह की मौत हो गई।
इस मामले में डीएम एसएसपी से शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने पर अब अदालत की शरण ली। अदालत ने मामले में मुकदमे का आदेश दिया है। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। एसएचओ सुशील कुमार योगी के अनुसार जिस समय मरीज को यहां से परिजन ले गए थे। तब उन्होंने अस्पताल पर हंगामा किया था। जिसका मुकदमा डॉक्टर की ओर से कराया गया था। उसकी विवेचना चल रही है। अब यह अदालत के आदेश पर लिखा गया है। जांच में जो सही होगा। वही किया जाएगा।
इस मामले में उसी समय हुई शिकायत की जांच में साफ हुआ था कि इतने बिल का आरोप गलत है। मरीज से 70 हजार उपचार के लिए गए थे, जिसके बिल ही वे दिखा पाए। मरीज को परिजन अपनी मर्जी से लेकर गए थे। सीएमओ स्तर से जांच में आरोप सही नहीं पाए गए। उल्टा अस्पताल पर इन्होंने हंगामा किया। उस समय हमने मुकदमा कराया था। जिसकी पुलिस जांच कर रही है। ये आरोप झूठे हैं। अब हम अपना पक्ष न्यायालय में रखेंगे।-डा.अमित वार्ष्णेय, संचालक वृंदा अस्पताल