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Lok Adalat: बिखरते रिश्तों को मिली नई जिंदगी, 19 दंपतियों ने फिर थामे हाथ, 24 मामलों को हुआ निस्तारण
Sun, 10 May 2026 01:09 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sun, 10 May 2026 01:09 PM IST
सार
सुलह-समझौते की मेज पर जब पति-पत्नी बैठे, तो काउंसलरों और न्यायाधीशों की समझाइश ने उनके बीच की कड़वाहट को खत्म कर दिया। इस सार्थक प्रयास से कुल 119 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें से 19 जोड़े हंसी-खुशी अपने घर वापस लौटे।
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फिर से थामा एक-दूसरे का हाथ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जहां रिश्तों की डोर कमजोर पड़ रही थी और विवादों की दीवारें ऊंची हो गई थीं, वहां 9 मई को अलीगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत उम्मीद की एक नई किरण बनकर आई। जिले के परिवार न्यायालय में उस वक्त भावुक कर देने वाले दृश्य दिखाई दिए, जब आपसी मनमुटाव भुलाकर 19 दंपतियों ने एक-दूसरे को फिर से अपना लिया।
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प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय संजीव फौजदार की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य केवल मुकदमों का निपटारा करना नहीं, बल्कि उजड़ते परिवारों को फिर से बसाना था। सुलह-समझौते की मेज पर जब पति-पत्नी बैठे, तो काउंसलरों और न्यायाधीशों की समझाइश ने उनके बीच की कड़वाहट को खत्म कर दिया। इस सार्थक प्रयास से कुल 119 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें से 19 जोड़े हंसी-खुशी अपने घर वापस लौटे।
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मौके पर अपर प्रधान न्यायाधीश, प्रथम पारूल अत्री, अपर प्रधान न्यायाधीश, द्वितीय अर्चना रानी, अपर प्रधान न्यायाधीश, चतुर्थ रचना शामिल रहीं। काउंसलर एडवोकेट योगेश सारस्वत ने बताया कि पारिवारिक विवादों को कानूनी जटिलताओं के बजाय आपसी सहमति और संवाद से समाप्त कराना ही हमारी प्राथमिकता है।
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24 मामले सुलझाकर 1.19 करोड़ रुपये दिए
अलीगढ़ जिला न्यायालय में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान स्थायी लोक अदालत ने आपसी सुलह और समझौते की मिसाल पेश करते हुए कुल 24 लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण कर 1.19 करोड़ रुपये प्रदान किए।
पीठ की अध्यक्षता पूर्व जिला जज शंकर लाल ने की। उनके साथ सदस्य सत्यदेव उपाध्याय और आरती मौजूद रहीं। अदालत ने विभिन्न विवादों को सुलझाते हुए एक करोड़ 19 लाख 10 हजार 46 रुपये की धनराशि दे दी। साथ ही, मौके पर ही पक्षकारों को 93 लाख रुपये के चेक वितरित कर उन्हें राहत प्रदान की गई।