फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Didn't get paid, didn't see the rules, misbehavior and deceit in the deed

अलीगढ़ : न मुनादी करवाई, न नियम देखा, डीड में बदनीयती और धोखा

Sat, 17 Sep 2022 12:28 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 17 Sep 2022 12:28 AM IST
सार

क्षेत्रीय खादी आश्रम बन्नादेवी द्वारा हरदुआगंज स्थित बेशकीमती भूमि की डीड (किरायेनामा) बदनीयत से की गई थी।बेनीराम का नाम उक्त भूमि में बतौर दखीलकार काश्तकार दर्ज है।एसडीएम ने यह भी खोला है कि सुरेशचंद अग्रवाल ने बेनीराम की मृत्यु के बाद मुख्तारनामे से ये बैनामा किया था।

विज्ञापन
Didn't get paid, didn't see the rules, misbehavior and deceit in the deed

विस्तार

क्षेत्रीय खादी आश्रम बन्नादेवी द्वारा हरदुआगंज स्थित बेशकीमती भूमि की डीड (किरायेनामा) बदनीयत से की गई थी। साथ ही, व्यक्ति विशेष को लाभ देने के लिए सरकारी कार्यालयों/सिस्टम को भी धोखे में रखा गया। इन तथ्यों का खुलासा 26 दिन बाद पूरी हुई एसडीएम कोल ने अपनी जांच में हुआ है। उन्होंने जांच पूरी करते हुए साढ़े चार पन्नों की रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है, जिसमें अमर उजाला की खबर को पुष्ट करते हुए साफ कहा है कि ये नॉन जेडए श्रेणी 6 की भूमि है। इस रिपोर्ट में क्षेत्रीय समिति को इसके लिए जिम्मेदार माना है। अब इस पर जिलाधिकारी स्तर से आगे निर्णय लिए जाने का इंतजार है।
विज्ञापन

एसडीएम कोल ने रिपोर्ट में सभी पक्षों की दलीलों को शामिल किया है। रिपार्ट में स्पष्ट किया कि मौके पर आसपास की दुकान का किराया 3 से 5 हजार रुपये प्रतिमाह है। खुद क्षेत्रीय श्रीगांधी आश्रम संस्था ने अपनी एक दुकान 1200 रुपये प्रतिमाह किराये पर दे रखी है। इसके बावजूद लोरिक राज को 11 दुकानें, 1 हॉल और 3692.40 वर्गगज भूमि मात्र 2 करोड़ 2 लाख रुपये एकमुश्त व 1 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर दे दी गईं। इसके लिए न तो कोई मुनादी कराई और न कोई विज्ञापन आदि कराया और न ही खादी ग्रामोद्योग आयोग की अनुमति ली गई, जबकि संस्था के संविधान में ये उल्लेख है कि यदि आयोग का कोई देय शेष है तो संस्था की चल अचल सम्पत्तियों पर पहला भार आयोग का ही होगा, बिना आयोग की अनुमति और भार का भुगतान के कोई बिक्री या लीज नहीं की जा सकती। इसलिए संस्था व मंत्री ने अपने ही संविधान का तो उल्लंघन किया है। लीज की विधिक प्रक्रिया का भी अनुसरण नहीं किया। ये सब व्यक्ति विशेष को लाभ देने की बदनीयत से किया गया है।
विज्ञापन

सरकारी कार्यालयों को दिया धोखा
जांच रिपोर्ट में खादी ग्रामोद्योग आयोग मेरठ के मंडलीय निदेशक द्वारा डीएम को लीज निरस्त करने के लिए 2 सितंबर को भेजे गए पत्र का भी उल्लेख है। जिसमें कहा गया था कि यह पट्टा सरकारी कार्यालयों को धोखा देकर किया गया है। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया कि उप निबंधक कोल स्तर से ये लीज तभी निरस्त हो सकती है जब दोनों पक्ष सहमति से कराएं। अन्यथा क्षुब्ध पक्ष सिविल न्ययालय से लीज निरस्त करा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खोली बैनामे से लीज तक की कहानी
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि नॉन जेडए श्रेणी 6 की ये भूमि बैनामे से क्षेत्रीय श्रीगांधी आश्रम को मिली थी। बेनीराम का नाम उक्त भूमि में बतौर दखीलकार काश्तकार दर्ज है। बेनीराम के मुंबई निवासी बेटे सुरेशचंद अग्रवाल ने 26 मार्च 1982 को ये बैनामा किया था। एसडीएम ने यह भी खोला है कि सुरेशचंद अग्रवाल ने बेनीराम की मृत्यु के बाद मुख्तारनामे से ये बैनामा किया था। यह भी कहा है कि यहां सर्किल रेट 40 हजार रुपये प्रतिवर्ग गज है।

- इस प्रकरण में अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। जिसमें तीन तथ्य सबसे महत्वपूर्ण हैं। पहले बिना अनुमति और ऋण का भुगतान किए डीड करना, कम किराये पर डीड करना और बिना मुनादी के गुपचुप डीड करना। इससे नीयत व मंशा साफ उजागर होती है। अब निर्णय जिलाधिकारी स्तर से लिया जाएगा। - संजीव ओझा, एडीएम कोल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed