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एंबुलेंस सेवा में गड़बड़ी के अंदेशे पर ब्यौरा तलब
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गर्भवती महिलाओं, बच्चों व मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए शुरू की गई 102 व 108 एंबुलेंस सेवा अब गड़बड़ी की भेंट चढ़ गई है। जिले की कुल 79 एंबुलेंस में शासन स्तर से गड़बड़ी पकड़ी गई है। इसको लेकर शासन स्तर से अलीगढ़ सहित 50 जिलों के सीएमओ को पत्र लिखकर ब्यौरा मांगा गया है।
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और समय से उपचार दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई 108 और 102 एंबुलेंस सेवा में शासन ने गड़बड़ी पकड़ी है। मॉनिटरिंग के दौरान पाया गया कि एंबुलेंस कर्मचारी निर्धारित टारगेट से ज्यादा चक्कर लगा रहे हैं। जिससे विभाग को चूना लग रहा है। एडी हेल्थ डॉ. वी के सिंह ने बताया कि एनएचएम की निदेशक ने रिकार्ड के सत्यापन का ब्यौरा मांगा है। जिले में 79 एबुंलेंस हैं। अप्रैल के डाटा में पाया गया है कि कि इनके चक्करों की संख्या पचास प्रतिशत ज्यादा है। जांच में गड़बड़ी सामने आई है। अब जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। जांच में ड्राइवर, पैरा मेडिकल स्टॉफ सहित अन्य कर्मचारियों की सूचना मांगी है। सूचना में उनका मोबाइल नंबर, आईडी सहित सभी डिटेल मांगी हैं। कौन सी एंबुलेंस कितने डीजल की खपत करती है, कुल कितने चक्कर लगाती है सहित पूरी मॉनिटरिंग की जानकारी मांगी हैं। अब विभाग इस जुगत में जुट गया है। जल्द ही पूरी रिपोर्ट बनाकर निदेशालय भेजनी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार मार्च में एंबुलेंसों ने 13 हजार 318 चक्कर लगाए हैं। 108 एंबुलेंस ने चार हजार 722 चक्कर लगाए। वहीं 102 एंबुलेंस ने कुल आठ हजार 596 चक्कर लगाए। जिसमें 108 का रेस्पोंस टाइम 11 मिनट 23 सेकेंड रहा। वहीं 102 का रेस्पोंस टाइम 6 मिनट 36 सैकेंड का रहा।
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मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और समय से उपचार दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई 108 और 102 एंबुलेंस सेवा में शासन ने गड़बड़ी पकड़ी है। मॉनिटरिंग के दौरान पाया गया कि एंबुलेंस कर्मचारी निर्धारित टारगेट से ज्यादा चक्कर लगा रहे हैं। जिससे विभाग को चूना लग रहा है। एडी हेल्थ डॉ. वी के सिंह ने बताया कि एनएचएम की निदेशक ने रिकार्ड के सत्यापन का ब्यौरा मांगा है। जिले में 79 एबुंलेंस हैं। अप्रैल के डाटा में पाया गया है कि कि इनके चक्करों की संख्या पचास प्रतिशत ज्यादा है। जांच में गड़बड़ी सामने आई है। अब जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। जांच में ड्राइवर, पैरा मेडिकल स्टॉफ सहित अन्य कर्मचारियों की सूचना मांगी है। सूचना में उनका मोबाइल नंबर, आईडी सहित सभी डिटेल मांगी हैं। कौन सी एंबुलेंस कितने डीजल की खपत करती है, कुल कितने चक्कर लगाती है सहित पूरी मॉनिटरिंग की जानकारी मांगी हैं। अब विभाग इस जुगत में जुट गया है। जल्द ही पूरी रिपोर्ट बनाकर निदेशालय भेजनी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार मार्च में एंबुलेंसों ने 13 हजार 318 चक्कर लगाए हैं। 108 एंबुलेंस ने चार हजार 722 चक्कर लगाए। वहीं 102 एंबुलेंस ने कुल आठ हजार 596 चक्कर लगाए। जिसमें 108 का रेस्पोंस टाइम 11 मिनट 23 सेकेंड रहा। वहीं 102 का रेस्पोंस टाइम 6 मिनट 36 सैकेंड का रहा।
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