{"_id":"629d06616591ef312b26e2b9","slug":"demand-for-ban-on-friday-prayers-letter-to-the-president-written-with-blood-aligarh-news-ali29322028","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुमे की नमाज पर प्रतिबंध की मांग, खून से लिखा राष्ट्रपति के नाम पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुमे की नमाज पर प्रतिबंध की मांग, खून से लिखा राष्ट्रपति के नाम पत्र
विज्ञापन
खून से लिखा ज्ञापन अधिकारी को सौंपती राष्ट्रीय सचिव डॉ. पूजा शकुन पाण्डेय।
- फोटो : CITY OFFICE
कानपुर उपद्रव के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा ने देश में जुमे की नमाज पर प्रतिबंध की मांग उठाकर नया शिगूफा छेड़ दिया है। रविवार को महासभा की राष्ट्रीय सचिव महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती उर्फ डॉ. पूजा शकुन पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने खून से राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखकर यह मांग उठाई है। राष्ट्रपति के नाम संबोधित यह पत्र एसीएम को सौंपा है। इस दौरान संगठन कार्यालय पर जुमे की नमाज को लेकर अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर पंफलेट भी लगाए गए और विरोध दर्ज कराया गया।
कानपुर में जुमे की नमाज के बाद हुई घटना को लेकर रविवार दोपहर हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. पूजा शकुन पांडे, राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पांडे व अन्य कार्यकर्ताओं ने खून से राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखा है। पत्र में पूजा शकुन पांडे ने जुमे की नमाज पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए पूजा शकुन पांडे ने अपने कार्यालय में विवादित पोस्टर भी लगाए। पूजा शकुन पांडे ने देश में पुराने समय से लेकर आज तक होने वाली घटनाओं में जुमे की नमाज के बाद होने वाली तकरीर को जिम्मेदार ठहराया है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने कटुता फैलाने वालों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है।
पूजा शकुन पांडे ने कहा कि कानपुर में हुई घटना ने हमारी सहनशक्ति को तोड़ दिया है। चाहें आजादी से पहले की बात हो या फिर आजादी के बाद की। इतिहास इस बात का गवाह है। देश में हिंदुओं के हो रहे नुकसान को ध्यान में रखते हुए तत्काल जुमे की नमाज पर रोक लगनी चाहिए। साथ में, कहा कि छोटी मस्जिदों में 10 और बड़ी में 25 लोगों से ज्यादा एकत्रित होने पर रोक लगाई जाए। एसीएम के पी सिंह ने बताया कि हिंदू महासभा ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है, ज्ञापन को जिला अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर राजीव भोला, जय वीर शर्मा, अनिल वर्मा, अभिषेक गुप्ता, हरिशंकर शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
ज्ञापन में इन घटनाओं का दिया गया उदाहरण
ज्ञापन में उदाहरण के तौर पर 16 अगस्त 1946 को मुस्लिम लीग के नेता सोहरावर्दी द्वारा कत्लेआम की घोषणा। 11 अक्तूबर सन 1946 को नोआखाली में घटना। 25 अक्तूबर 1946 को बिहार के मुंगेर की घटना। 25 अक्तूबर 1989 को भागलपुर बिहार में घटना। 19 जनवरी 1990 कश्मीर में घटना। 02 मई 2003 में केरल के काशीपुर में घटना। 7 सितंबर 2012 को मुंबई के आजाद मैदान में घटना। 2013 में मुजफ्फरनगर कांड। 11 अप्रैल 2017 को अलीगढ़ में और अब कानपुर में हुई घटना।
विज्ञापन
कानपुर में जुमे की नमाज के बाद हुई घटना को लेकर रविवार दोपहर हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. पूजा शकुन पांडे, राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पांडे व अन्य कार्यकर्ताओं ने खून से राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखा है। पत्र में पूजा शकुन पांडे ने जुमे की नमाज पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए पूजा शकुन पांडे ने अपने कार्यालय में विवादित पोस्टर भी लगाए। पूजा शकुन पांडे ने देश में पुराने समय से लेकर आज तक होने वाली घटनाओं में जुमे की नमाज के बाद होने वाली तकरीर को जिम्मेदार ठहराया है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने कटुता फैलाने वालों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
पूजा शकुन पांडे ने कहा कि कानपुर में हुई घटना ने हमारी सहनशक्ति को तोड़ दिया है। चाहें आजादी से पहले की बात हो या फिर आजादी के बाद की। इतिहास इस बात का गवाह है। देश में हिंदुओं के हो रहे नुकसान को ध्यान में रखते हुए तत्काल जुमे की नमाज पर रोक लगनी चाहिए। साथ में, कहा कि छोटी मस्जिदों में 10 और बड़ी में 25 लोगों से ज्यादा एकत्रित होने पर रोक लगाई जाए। एसीएम के पी सिंह ने बताया कि हिंदू महासभा ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है, ज्ञापन को जिला अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर राजीव भोला, जय वीर शर्मा, अनिल वर्मा, अभिषेक गुप्ता, हरिशंकर शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
ज्ञापन में इन घटनाओं का दिया गया उदाहरण
ज्ञापन में उदाहरण के तौर पर 16 अगस्त 1946 को मुस्लिम लीग के नेता सोहरावर्दी द्वारा कत्लेआम की घोषणा। 11 अक्तूबर सन 1946 को नोआखाली में घटना। 25 अक्तूबर 1946 को बिहार के मुंगेर की घटना। 25 अक्तूबर 1989 को भागलपुर बिहार में घटना। 19 जनवरी 1990 कश्मीर में घटना। 02 मई 2003 में केरल के काशीपुर में घटना। 7 सितंबर 2012 को मुंबई के आजाद मैदान में घटना। 2013 में मुजफ्फरनगर कांड। 11 अप्रैल 2017 को अलीगढ़ में और अब कानपुर में हुई घटना।