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Aligarh News: जिमबाज सावधान, जानलेवा है स्टेरॉयड और गैरजरूरी व्यायाम
Thu, 22 Sep 2022 01:33 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 22 Sep 2022 01:33 AM IST
सार
बाजार पर गौर करें तो आज कल जिम व हेल्थ क्लबों में फूड सप्लीमेंट्स का धंधा जोरों पर चल रहा है। बिना किसी मानक व लाइसेंस के जिम में व्यायाम करने वाले युवाओं को सुंदर व बलिष्ठ मांसपेशियों का प्रलोभन देकर जिम संचालक युवाओं को गुमराह कर महंगे दामों पर जहर रूपी फूड सप्लीमेंट्स का ऑफर करते हैं या बेचते हैं।
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मेलरोज बाइपास स्थित जिम मे अभ्यास करता शख्स
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव के जिम में ट्रेडमिल पर दौड़ते-दौड़ते गिरने और जान जाने से जिम में गैर जरूरी व्यायाम व फूड सप्लीमेंट की आड़ में दिए जा रहे स्टेरॉयड चर्चाओं में हैं। अपने शहर में पिछले एक दशक में इस तरह की एक दर्जन मौतों का दावा जिम कोच और उनके जानकार कर रहे हैं। साफ कहा जा रहा है कि बलिष्ठ मांसपेशियों का प्रलोभन देकर अप्रशिक्षित जिम संचालक युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे में जरूरत है सावधानी की।
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बाजार पर गौर करें तो आज कल जिम व हेल्थ क्लबों में फूड सप्लीमेंट्स का धंधा जोरों पर चल रहा है। बिना किसी मानक व लाइसेंस के जिम में व्यायाम करने वाले युवाओं को सुंदर व बलिष्ठ मांसपेशियों का प्रलोभन देकर जिम संचालक युवाओं को गुमराह कर महंगे दामों पर जहर रूपी फूड सप्लीमेंट्स का ऑफर करते हैं या बेचते हैं। युवा उसके फेर में फंसकर एक तरह से नशे के आदि हो जाते हैं। आगे चलकर वे प्रतिबंधित शक्तिवर्धक दवाओं (स्ट्राइड) का सेवन कर नपुंसकता, हृदय रोग, किडनी ,हड्डियों को कमजोर होना आदि बीमारियों के गिरफ्त में आ जाते हैं। इस दौरान स्टेरॉयड खाकर ये युवा गैर जरूरी व्यायाम पर भी जोर देने लगते हैं।
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ये सब हरकतें बीमारी का घर शरीर में बना लेती हैं। जिम में व्यायाम करते समय बेहोश हो जाना या हृदय गति रुक जाना तक होता है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जिम्नेज़ियम के प्रशिक्षक एवं बॉडीबिल्डिंग टीम के भारतीय टीम के कोच रहे मजहर उल कमर का कहना है कि 85 के दशक में पदम श्री प्रेमचंद डेगरा जिन्होंने मिस्टर यूनिवर्स का खिताब जीता और 60 के दशक में भारत के मंतोष राय मिस्टर यूनिवर्स बने । 90 के दशक के बाद भारत में फूड सप्लीमेंट रूपी शरीर बनाने वाले डिब्बे का प्रचलन शुरू हुआ।
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90 के दशक से लेकर अब तक कोई भी भारतीय मिस्टर यूनिवर्स का खिताब नहीं जीता । इससे पता चलता है की फूड सप्लीमेंट या प्रतिबंधित दवाओं से सुंदर एवं बलिष्ठ मांसपेशियों का निर्माण नहीं होता । उनकी जानकारी में अलीगढ़ के 1 दर्जन से अधिक युवा जिमों में व्यायाम करने वालों की एकाएक हृदय गति रुकने से मौत हो चुकी है। यह एक दशक का आंकड़ा है। अगर उसकी जांच होती तो सच्चाई सामने आती।
-बाहरी हाव भाव को देखकर मैं प्राइवेट जिमों में व्यायाम करने गया तो वहां पर ट्रेनर व्यायाम पर नहीं, बल्कि बंद डिब्बा खरीदने हेतु दबाव बनाते हैं । मैं प्राइवेट जिम छोड़ कर एएमयू के जिम में व्यायाम करता हूं ।-प्रदीप उपाध्याय जिम सदस्य एएमयू
-मैंने जिम में बिकने वाले डिब्बे को दो बार प्रयोग किया है । उसके खाने के बाद हल्का नशा सा हो जाता है और दिल कहता है व्यायाम करते रहो।-मोहम्मद रिजवान बॉडीबिल्डर