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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना : घोटाले की डीडी समाज कल्याण करेंगे जांच, यह है मामला
Sun, 23 Mar 2025 01:45 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 23 Mar 2025 01:45 AM IST
सार
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सात दिसंबर को 38 जोड़ों की शादी इगलास स्थित एक फार्म हाउस में हुई थी। इनमें से 32 ने सात फेरे लिए तो छह का निकाह हुआ था। इसकी जांच उप निदेशक कार्यालय से जांच हुई। इनमें नौ जोड़े संदिग्ध मिले।
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सामूहिक विवाह
- फोटो : प्रतीकात्मक
विस्तार
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में घोटाला सामने आने के बाद 22 मार्च को प्रशासन में खलबली मच गई। मंडलायुक्त ने भरी बैठक में अमर उजाला की खबर पढ़कर सुनाई। उन्होंने उपनिदेशक समाज कल्याण से कहा कि इसकी तह तक जाकर जांच करें। सप्ताह भर में इसकी जांच रिपोर्ट सौंपें।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सात दिसंबर को 38 जोड़ों की शादी इगलास स्थित एक फार्म हाउस में हुई थी। इनमें से 32 ने सात फेरे लिए तो छह का निकाह हुआ था। इसकी जांच उप निदेशक कार्यालय से जांच हुई। इनमें नौ जोड़े संदिग्ध मिले। इसकी जानकारी अधिकारियों को हुई तो उनके हाथ पांव फूल गए। थे।
इस खबर को अमर उजाला ने 22 मार्च के अंक में प्रकाशित किया। इस खबर के बाद शनिवार सुबह से ही प्रशासन में हड़कंप मचा रहा। डीडीओ आलोक आर्य ने समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल तलब कर जांच के आदेश दिए। पूरे दिन समाज कल्याण विभाग के अधिकारी व कर्मचारी इसी में उलझे रहे।
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कई और भी हैं मामले
सीएम सामूहिक विवाह योजना में कराई गई शादियों में फर्जीवाड़े के अभी कई और मामले सामने आ सकते हैं। समाज कल्याण विभाग अब तक हुई शादियों की जांच कराने में जुट गया है। गौरतलब है कि सामूहिक विवाह योजना में सरकार प्रत्येक शादी पर 51,000 रुपये खर्च करती है। इसमें से 35,000 रुपये कन्या के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं, जबकि बाकी की राशि घरेलू सामान और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च की जाती है।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सात दिसंबर को 38 जोड़ों की शादी इगलास स्थित एक फार्म हाउस में हुई थी। इनमें से 32 ने सात फेरे लिए तो छह का निकाह हुआ था। इसकी जांच उप निदेशक कार्यालय से जांच हुई। इनमें नौ जोड़े संदिग्ध मिले। इसकी जानकारी अधिकारियों को हुई तो उनके हाथ पांव फूल गए। थे।
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इस खबर को अमर उजाला ने 22 मार्च के अंक में प्रकाशित किया। इस खबर के बाद शनिवार सुबह से ही प्रशासन में हड़कंप मचा रहा। डीडीओ आलोक आर्य ने समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल तलब कर जांच के आदेश दिए। पूरे दिन समाज कल्याण विभाग के अधिकारी व कर्मचारी इसी में उलझे रहे।
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सामूहिक विवाह योजना में कराई गई शादियों में घोटाले की जांच डीडी समाज कल्याण को सौंपी गई है। सप्ताह भर में रिपोर्ट मांगी गई है।-संगीता सिंह, मंडलायुक्त
कई और भी हैं मामले
सीएम सामूहिक विवाह योजना में कराई गई शादियों में फर्जीवाड़े के अभी कई और मामले सामने आ सकते हैं। समाज कल्याण विभाग अब तक हुई शादियों की जांच कराने में जुट गया है। गौरतलब है कि सामूहिक विवाह योजना में सरकार प्रत्येक शादी पर 51,000 रुपये खर्च करती है। इसमें से 35,000 रुपये कन्या के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं, जबकि बाकी की राशि घरेलू सामान और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च की जाती है।