{"_id":"6a35acac5b528412b00f0a89","slug":"darshan-of-maa-shitala-maa-kaila-with-maa-gambhir-aligarh-news-c-2-1-ali1010-1000795-2026-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: मां गंभीरा संग मां शीतला, मां कैला के भी दर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: मां गंभीरा संग मां शीतला, मां कैला के भी दर्शन
Sat, 20 Jun 2026 02:25 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Sat, 20 Jun 2026 02:25 AM IST
विज्ञापन
तीन मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व निकाली गई कलश यात्रा। संवाद
- फोटो : samvad
सिद्धेश्वरी मां गंभीरा देवी के साथ ही अब भक्तों को माता शीतला और मां कैला देवी के भी दर्शन होंगे। भगवान श्रीलक्ष्मीनारायण भी शुक्रवार को वैदिक विधि-विधान के साथ इस प्राचीन मंदिर में विराजमान हो गए हैं।
मंदिर के वार्षिकोत्सव पर शुक्रवार को देवियों और भगवान की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा हुई। दो दिन पहले से इसके लिए धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे डाकखाना वाली गली मोहल्ला अग्रवालान से पीत वस्त्रों में सिर पर कलश धारण कर महिलाएं निकलीं।
सेठ गिर्राज किशोर पारूआ ने कलश यात्रा में शामिल सभी भक्ताें के माथे पर चंदन का लेप लगाया और पटका पहनाकर स्वागत किया। बैंड-बाजों के साथ कलश यात्रा कस्बे मुख्य बाजार होते हुए गलियों में घूमी। भजनों पर भक्त थिरकते हुए चल रहे थे। जगह-जगह पुष्प वर्षा के साथ शरबत आदि शीतल पेय पदार्थ लोगों ने वितरित किए।
विज्ञापन
सभी 21 मंदिरों में हुआ पंचामृत अभिषेक
महंत पं. रनवीर शर्मा की देखरेख में आचार्य लव भारद्वाज, पंडित गौरव कृष्ण शास्त्री ने पूजा कराई। सुबह करीब 11 बजे हरीश पारुआ और वंदना पारुआ ने भक्तों के साथ मिलकर रुद्राभिषेक किया। परिसर में स्थापित सभी 21 मंदिरों में ललित पारुआ, कुसुमलता, विशाल पारुआ और प्रभा ने पंचामृत अभिषेक करने के साथ पोशाक अर्पण की। हवन के उपरांत दोपहर एक बजे कन्या और ब्राह्मण भोज के उपरांत भंडारे का आयोजन शुरू हुआ। दक्ष, लक्ष्मी, मनोज, कुसुम, गीतांजलि, विक्रांत कुमार, ममता, अंश मानसी, चिंकी, मृदुल आदि मौजूद रहे
विज्ञापन
मंदिर के वार्षिकोत्सव पर शुक्रवार को देवियों और भगवान की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा हुई। दो दिन पहले से इसके लिए धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे डाकखाना वाली गली मोहल्ला अग्रवालान से पीत वस्त्रों में सिर पर कलश धारण कर महिलाएं निकलीं।
विज्ञापन
सेठ गिर्राज किशोर पारूआ ने कलश यात्रा में शामिल सभी भक्ताें के माथे पर चंदन का लेप लगाया और पटका पहनाकर स्वागत किया। बैंड-बाजों के साथ कलश यात्रा कस्बे मुख्य बाजार होते हुए गलियों में घूमी। भजनों पर भक्त थिरकते हुए चल रहे थे। जगह-जगह पुष्प वर्षा के साथ शरबत आदि शीतल पेय पदार्थ लोगों ने वितरित किए।
विज्ञापन
सभी 21 मंदिरों में हुआ पंचामृत अभिषेक
महंत पं. रनवीर शर्मा की देखरेख में आचार्य लव भारद्वाज, पंडित गौरव कृष्ण शास्त्री ने पूजा कराई। सुबह करीब 11 बजे हरीश पारुआ और वंदना पारुआ ने भक्तों के साथ मिलकर रुद्राभिषेक किया। परिसर में स्थापित सभी 21 मंदिरों में ललित पारुआ, कुसुमलता, विशाल पारुआ और प्रभा ने पंचामृत अभिषेक करने के साथ पोशाक अर्पण की। हवन के उपरांत दोपहर एक बजे कन्या और ब्राह्मण भोज के उपरांत भंडारे का आयोजन शुरू हुआ। दक्ष, लक्ष्मी, मनोज, कुसुम, गीतांजलि, विक्रांत कुमार, ममता, अंश मानसी, चिंकी, मृदुल आदि मौजूद रहे