{"_id":"604e709a8ebc3e591351d6e8","slug":"cyber-crime-city-office-news-ali258635970","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीमा पॉलिसी और नौकरी के नाम पर ठगी, चार गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीमा पॉलिसी और नौकरी के नाम पर ठगी, चार गिरफ्तार
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्तार में शातिर।
- फोटो : CITY OFFICE
अब आनलाइन बीमा किस्त जमा करने वाले ऑनलाइन प्लेटफार्म पर भी ठगी हो रही है। क्वार्सी पुलिस ने ऐसे ही गिरोह को साइबर सेल की मदद से नोएडा से गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का सरगना भागने में सफल रहा। मगर गिरोह के चार सदस्य हत्थे चढ़ गए। इस सरगना ने बंगलूरू के एक एकाउंट में अब तक कई करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए हैं। पुलिस अब सरगना की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है। पकड़े गए चारों सदस्यों को जेल भेजा गया है।
एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत के अनुसार, क्वार्सी थाने में पिछले वर्ष किशन पुर निवासी व्यक्ति ने खुद के साथ हुई ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें उल्लेख था कि उन्होंने बीमा की प्रीमियम जमा करने के लिए आनलाइन प्लेटफार्म पर सर्च किया। इस दौरान उनकी बीमा कंपनी से मिलते जुलते कई प्लेटफार्म सामने आ गए। उन्होंने अनजाने में गलत प्लेटफार्म में अपनी डिटेल भर दी और 35 व 36 हजार रुपये की दो किस्त ऑनलाइन जमा कर दीं। मगर उसके बाद उन्हें कोई रिसीविंग नहीं मिली। इस पर संदेह हुआ तो उस प्लेटफार्म पर अंकित नंबरों पर भी कॉल की। मगर, संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बाद में बीमा कंपनी के स्थानीय दफ्तर में संपर्क किया तो स्पष्ट हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गए। इस मामले में क्वार्सी पुलिस ने साइबर सेल की मदद से जब जांच शुरू की तो छलैरा सेक्टर 44 थाना 39 नोएडा का ठिकाना रडार पर आया।
एसपी सिटी के अनुसार यहां पुलिस ने दबिश देकर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया और मौके से काफी मात्रा में इलेक्ट्रानिक उपकरण आदि बरामद हुए। पकड़े गए लोगों ने अपने नाम किरण चौहान निवासी छलैरा नोएडा, ऋषभ निवासी पुरदिलनगर सिकंदराराऊ हाथरस हाल पता सदरपुर नोएडा, दीपक निवासी फिरोजपुर कासगंज हाल पता सदरपुर नोएडा व वर्षा निवासी नगला तिकौना क्वार्सी, हाल पता सदरपुर नोएडा बताए। सभी पर धोखाधड़ी व आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है। इस मौके पर सीओ तृतीय अनिल समानिया, इंस्पेक्टर छोटेलाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
ये हुआ बरामद:- 1 लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, 1 जीएसएम फिक्स वायरलेस फोन, 1 अंगूठा लगाने की मशीन, 33 सिम, 9 फर्जी आधार कार्ड, 15 एटीएम कार्ड, 2 लाख 90 हजार रुपये नकद।
ऐसे करते थे ठगी
पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने स्वीकारा कि यह गोरखधंधा एक कॉल सेंटर के रूप में लोनी, गाजियाबाद का मनीष चलाता है। वह मौके पर पुलिस को नहीं मिला। उसने बंगलूरू के आरबीएल बैंक में एकाउंट खोल रखा है। उसी एकाउंट में ठगी के रुपये ट्रांसफर किए जाते थे। पहले तो पकड़े गए चारों कर्मचारी बेरोजगार युवकों को बीमा कंपनी में नौकरी दिलाने से लेकर उनकी किस्त आदि जमा करने के नाम पर कॉल करते हैं। फिर उनसे किसत या प्रोसेसिंग फीस फर्जी नाम से वॉलेट एकाउंट में ट्रासंफर कराते हैं और फिर वॉलेट से बंगलूरू के एकाउंट में रुपये ट्रांसफर होते हैं। पिछले कुछ समय में इस खाते में कई करोड़ रुपये का आदान प्रदान हुआ है।
सिम मुहैया कराते थे, करने लगे नौकरी
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए किरण चौहान व ऋषभ ने बताया कि वे पहले मोबाइल सिम कंपनी में नौकरी करते थे। दोनों पहले मनीष को फर्जी आईडी पर सिम मुहैया कराते थे। लॉकडाउन काल में नौकरी छूट जाने के कारण मनीष ने उन्हें अपने यहां नौकरी दे दी। अलीगढ़ की युवती सहित चारों इन दिनों कॉल सेंटर में लोगों को कॉल करने व उनसे रुपये ऐंठने के धंधे में नौकरी कर रहे थे।
विज्ञापन
एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत के अनुसार, क्वार्सी थाने में पिछले वर्ष किशन पुर निवासी व्यक्ति ने खुद के साथ हुई ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें उल्लेख था कि उन्होंने बीमा की प्रीमियम जमा करने के लिए आनलाइन प्लेटफार्म पर सर्च किया। इस दौरान उनकी बीमा कंपनी से मिलते जुलते कई प्लेटफार्म सामने आ गए। उन्होंने अनजाने में गलत प्लेटफार्म में अपनी डिटेल भर दी और 35 व 36 हजार रुपये की दो किस्त ऑनलाइन जमा कर दीं। मगर उसके बाद उन्हें कोई रिसीविंग नहीं मिली। इस पर संदेह हुआ तो उस प्लेटफार्म पर अंकित नंबरों पर भी कॉल की। मगर, संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बाद में बीमा कंपनी के स्थानीय दफ्तर में संपर्क किया तो स्पष्ट हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गए। इस मामले में क्वार्सी पुलिस ने साइबर सेल की मदद से जब जांच शुरू की तो छलैरा सेक्टर 44 थाना 39 नोएडा का ठिकाना रडार पर आया।
विज्ञापन
एसपी सिटी के अनुसार यहां पुलिस ने दबिश देकर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया और मौके से काफी मात्रा में इलेक्ट्रानिक उपकरण आदि बरामद हुए। पकड़े गए लोगों ने अपने नाम किरण चौहान निवासी छलैरा नोएडा, ऋषभ निवासी पुरदिलनगर सिकंदराराऊ हाथरस हाल पता सदरपुर नोएडा, दीपक निवासी फिरोजपुर कासगंज हाल पता सदरपुर नोएडा व वर्षा निवासी नगला तिकौना क्वार्सी, हाल पता सदरपुर नोएडा बताए। सभी पर धोखाधड़ी व आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है। इस मौके पर सीओ तृतीय अनिल समानिया, इंस्पेक्टर छोटेलाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
ये हुआ बरामद:- 1 लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, 1 जीएसएम फिक्स वायरलेस फोन, 1 अंगूठा लगाने की मशीन, 33 सिम, 9 फर्जी आधार कार्ड, 15 एटीएम कार्ड, 2 लाख 90 हजार रुपये नकद।
ऐसे करते थे ठगी
पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने स्वीकारा कि यह गोरखधंधा एक कॉल सेंटर के रूप में लोनी, गाजियाबाद का मनीष चलाता है। वह मौके पर पुलिस को नहीं मिला। उसने बंगलूरू के आरबीएल बैंक में एकाउंट खोल रखा है। उसी एकाउंट में ठगी के रुपये ट्रांसफर किए जाते थे। पहले तो पकड़े गए चारों कर्मचारी बेरोजगार युवकों को बीमा कंपनी में नौकरी दिलाने से लेकर उनकी किस्त आदि जमा करने के नाम पर कॉल करते हैं। फिर उनसे किसत या प्रोसेसिंग फीस फर्जी नाम से वॉलेट एकाउंट में ट्रासंफर कराते हैं और फिर वॉलेट से बंगलूरू के एकाउंट में रुपये ट्रांसफर होते हैं। पिछले कुछ समय में इस खाते में कई करोड़ रुपये का आदान प्रदान हुआ है।
सिम मुहैया कराते थे, करने लगे नौकरी
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए किरण चौहान व ऋषभ ने बताया कि वे पहले मोबाइल सिम कंपनी में नौकरी करते थे। दोनों पहले मनीष को फर्जी आईडी पर सिम मुहैया कराते थे। लॉकडाउन काल में नौकरी छूट जाने के कारण मनीष ने उन्हें अपने यहां नौकरी दे दी। अलीगढ़ की युवती सहित चारों इन दिनों कॉल सेंटर में लोगों को कॉल करने व उनसे रुपये ऐंठने के धंधे में नौकरी कर रहे थे।