Cyber Crime: आठ माह में अलीगढ़-हाथरस के 3300 लोगों को साइबर अपराधियों ने ठगा, मुकदमा दर्ज होना शुरू
साइबर ठगी में लोग दो तरह से शिकायत कर सकते हैं। एक तो वे सीधे थाने, जिला साइबर सेल या साइबर थाने पहुंचकर। दूसरे तरीके में ऑनलाइन साइबर पोर्टल पर शिकायत की जा सकती है। जिसे साइबर पोर्टल पर शुरुआती प्रक्रिया में जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई के लिए संबंधित जिले को भेजा जाता है।
विस्तार
साइबर ठगी का जाल लगातार विकराल हो रहा है। अपने मंडल के अलीगढ़-हाथरस जनपद में पिछले आठ (जनवरी से अगस्त) माह में 3300 लोगों संग साइबर ठगी हुई है। जिनमें अलीगढ़ के 2200 और हाथरस की 1200 लोग हैं। ये वे शिकायतें हैं, जिन्हें सिर्फ साइबर पोर्टल पर दर्ज कराया गया है। पुलिस के पास पहुंचकर की गईं शिकायतों का आंकड़ा अलग है। अलीगढ़ पुलिस ने नया प्रयोग करते हुए अब इन शिकायतों को सूचीबद्ध कर मुकदमे दर्ज कराना शुरू कर दिया है।
साइबर ठगी में लोग दो तरह से शिकायत कर सकते हैं। एक तो वे सीधे थाने, जिला साइबर सेल या साइबर थाने पहुंचकर। दूसरे तरीके में ऑनलाइन साइबर पोर्टल पर शिकायत की जा सकती है। जिसे साइबर पोर्टल पर शुरुआती प्रक्रिया में जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई के लिए संबंधित जिले को भेजा जाता है। अलीगढ़-हाथरस जनपद में एक जनवरी 2025 से 20 अगस्त 2025 तक जो शिकायतें साइबर पोर्टल के जरिये मिली हैं। उनमें अलीगढ़ की 2200 व हाथरस की 1200 शिकायते हैं। मतलब साफ है कि दोनों जिलों में 3400 से अधिक लोगों के साथ साइबर ठगों ने ठगी को अंजाम दिया है।
यह बेहद जागरूकता व तगड़ी कार्रवाई का विषय है। इसीलिए हमने जिले में साइबर पोर्टल से आने वाली शिकायतों की श्रेणी बनाकर उनमें मुकदमे कराना तय किया है। इससे अपराधियों के नंबर, लोकेशन, खाते आदि की जानकारी जुटाएंगे। पीडि़त को रुपये वापस देने के साथ-साथ ठगों को चिह्नित कर उनको जेल भेजना व चार्जशीट की कार्रवाई होगी।-संजीव सुमन, एसएसपी
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अलीगढ़ में 20 अगस्त तक शिकायतों का आंकड़ा
- 1100 लोगों से हुई 5 हजार रुपये तक की साइबर ठगी
- 750 लोगों से हुई 50 हजार रुपये तक की साइबर ठगी
- 250 लोगों से हुई 50 हजार रुपये से अधिक की साइबर ठगी
हाथरस में अगस्त तक शिकायतों का आंकड़ा
- 1200 शिकायतें हाथरस जिले में साइबर ठगी में दर्ज
- 400 मामलों में पुलिस ने कार्रवाई कर रुपये वापस कराए
अलीगढ़ में हर साल बढ़ा अपराध
- 322 शिकायतें 2020 में दर्ज
- 400 शिकायतें 2021 में दर्ज
- 3000 शिकायतें 2022 में दर्ज
- 4200 शिकायतें 2023 में दर्ज
- 5600 शिकायतें 2024 में दर्ज
अलीगढ़ पुलिस करा रही मुकदमे
अलीगढ़ जिला पुलिस ने इस वर्ष राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर जिले से संबंधित दर्ज हुईं शिकायतों को सूचीबद्ध करना शुरू कर दिया है। अब तक होता ये था कि जिन मामलों में पीडि़त मुकदमे के लिए प्रयास करता था। उन्हीं में मुकदमे लिखे जाते थे। या फिर बड़ी रकम की ठगी में मुकदमे लिखे जाते थे। मगर अब एसएसपी संजीव सुमन ने बढ़ते आंकड़ों को ध्यान में रखकर तय किया है कि साइबर पोर्टल से आ रही शिकायतों के मामलों में 50 हजार से अधिक की ठगी के मुकदमे संबंधित थाने में व 1 लाख से अधिक की ठगी के मुकदमे साइबर थाने में दर्ज किए जाएं। 5 हजार व 50 हजार तक की ठगी के मुकदमों में साइबर सेल मोबाइल नंबरों व लोकेशन के आधार पर जांच करते हुए कार्रवाई करेगी। इसी क्रम में पिछले एक सप्ताह में साइबर थाने में 9 व जिले के अन्य थानों में 90 से अधिक मुकदमे लिखे गए हैं। वहीं अभी 150 मुकदमे जल्द लिखे जाने की तैयारी है। अब तक 100 मुकदमे जिले के अधिकांश थानों में लिखवाए गए हैं।
ठगों के जिलों में भी जाएगी सूचना
मुकदमे दर्ज किए जाने के पीछे की मंशा ये भी है कि थाने में विवेचना करते हुए दरोगा आरोपियों के प्रयोग होने वाले खाते, मोबाइल नंबर व लोकेशन पता लगाकर उनके जिलों की पुलिस को बताए जाएंगे। ताकि वहां उन पर कार्रवाई के साथ नंबरों को बंद कराया जा सके।
साइबर थाने में दर्ज 9 मुकदमे
- टप्पल ब्लाक में कार्यरत विक्रम धाकड़ संग 1.5 लाख की ठगी।
- क्वार्सी की विक्रम कालोनी के देवेंद्र कुमार संग 5.42 लाख की ठगी।
- सूतमिल देवनगर के नेम सिंह संग 1.30 लाख की ठगी।
- सराय हकीम की रेखा वार्ष्णेय संग 1.65 लाख की ठगी।
- गोंडा बादवामनी के रनवीर सिंह संग 1.7 लाख की ठगी।
- प्रतिभा कालोनी के जितेंद्र मित्तल संग 4.50 लाख की ठगी।
- हमदर्द नगर के इमरान संग 1.40 लाख की ठगी।
- संजय गांधी कालोनी के निष्कर्ष मित्तल संग 1.7 लाख की ठगी।
- उटवारा के अवनीश कुमार सिंह संग 1.45 लाख की ठगी।