Aligarh: साइबर कैफे संचालक ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में बताई जान देने की वजह
साइबर कैफे संचालक धर्मेंद्र मनुजा ने आर्थिक तंगी के चलते 16 जून देर रात कैफे के अंदर फंदे पर लटक कर खुदकुशी कर ली। उनके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उन्होंने अपने ऊपर अधिक कर्ज का दबाव होना बताया है।
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अलीगढ़ महानगर के सिविल लाइंस क्षेत्र के स्टेशन रोड के कई दशक पुराने साइबर कैफे में उसके संचालक ने आत्महत्या कर ली। 16 जून देर शाम हुए घटनाक्रम पर इलाके में अफरा-तफरी मच गई। खबर पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस को मौके से एक टाइपशुदा सुसाइड नोट मिला है। जिसमें कर्ज और आर्थिक कारणों से आत्महत्या करने का उल्लेख है। पुलिस फिलहाल जांच में जुटी है। परिवार की ओर से भी किसी तरह का आरोप सामने नहीं आया है।
मूल रूप से चंदनिया हाउस महावीर पार्क निवासी 55 वर्षीय धर्मेंद्र मनूजा उर्फ मोंटी का अपना करीब तीन दशक पुराना साइबर कैफे है। सेंटर प्वाइंट से स्टेशन रोड पर किराये की बिल्डिंग में यह कैफे संचालित होता है। परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा हर्षित भी है। जो इंजीनियरिंग कर रहा है। रोजाना की तरह रविवार को मोंटी कैफे में मौजूद थे। शाम को कुछ देर पहले उन्हें लोगों ने दुकान के बाहर टहलते देखा। मगर कुछ ही देर बाद वे कैफे में अंदर चले गए। इसी दौरान कोई ग्राहक कैफे में आया तो उसने मोंटी का शव फंदे पर दुकान के अंदर झूलता देखा।
उसने पड़ोसियों को बताया तो खबर देकर परिजन बुलाए गए। बेटे ने आकर देखा तो सभी दंग रह गए। परिवार ने शव को नीचे उतारकर सोफे पर लिटाया। इसी बीच खबर पर सीओ तृतीय, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस, फॉरेंसिक टीम आदि आ गई। मौके पर जांच पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए गए। इसी दौरान मौके पर एक अंग्रेजी में कंप्यूटर टाइपशुदा सुसाइड नोट मिला, जिस पर काफी विवरण खुद ही आत्महत्या करने का लिखा है।
अपने आर्थिक हालात व कुछ रुपयों के लेनदेन का विवरण लिखा है। कर्ज का भी उल्लेख है। उसे वापस करने के विषय में लिखा है। साथ में बेटे का ध्यान रखें, इस बात का उल्लेख अपने कुछ करीबियों के लिए लिखा है और नीचे हस्ताक्षर हो रहे हैं। इसे पुलिस ने जब्त कर लिया। परिवार ने भी आर्थिक कारणों की ओर इशारा किया। फिलहाल पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है। सीओ तृतीय अमृत जैन ने बताया कि आत्महत्या के बाद सुसाइड नोट मिला है। साथ में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। मौके से वह रस्सी भी मिली है, जिससे आत्महत्या की गई।
आंखों को दान करने की जताई इच्छा
सुसाइड नोट में मोंटी की ओर से मृत्यु के बाद आंखों को दान करने की इच्छा भी व्यक्त की गई है। कहा है कि परिजन उसकी आंखों को दान कर दें।
दस दिन पहले भी लिए घूम रहे थे रस्सी
आसपास के लोगों का कहना है कि मोंटी दस दिन पहले भी रस्सी लिए घूम रहे थे। तभी उन्हें टोका गया था कि वे क्यों लिए घूम रहे हैं। मगर उस समय इस तरफ किसी का ध्यान नहीं गया था।