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ब्लैक वारंट ने किया सच उजागर: जेल में बर्तनों से बने हथियार रखते हैं अपराधी छिपाकर, कट्टन से होता वार

Thu, 27 Feb 2025 12:11 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 27 Feb 2025 12:11 PM IST
सार

जेल में भंडारा यानि भोजनालय में बर्तनों को गर्म कर उन्हें कट्टन बनाने के लिए ढाला जाता है। फिर उन्हें घिसकर छोटे व बड़े हथियार बनाए जाते हैं। यह प्राचीन चलन है। ये हथियार बंदियों द्वारा छिपाकर रखे जाते हैं।

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Criminals keep weapons made of utensils in jail
जेल प्रतीकात्मक - फोटो : istock

विस्तार

नेटफ्लिक्स पर जनवरी में आई वेबसीरीज ब्लैक वारंट में जेल का एक ऐसा सच उजागर किया है, जिसे कम ही लोग जानते होंगे। वो ये कि अपराधी जेल जाने के बाद भी अपराध-हथियारों से दूरी नहीं रख पाते। वे जेल के अंदर कट्टन (विशेष किस्म का धारदार चाकू) अपनी सुरक्षा और विरोधी पर हमले के लिए हमेशा छिपाकर रखते हैं। ऐसा नहीं कि ये कट्टन कहीं से खरीदकर लाया जाता है। बल्कि उसे जेल में ही बनाकर छिपाकर रखा जाता है। जरूरत पर इस्तेमाल किया जाता है। 

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ये बिल्कुल सही है कि बंदियों द्वारा कट्टन सरीखे हथियार बना लिए जाते हैं। उन्हें छिपाकर रखा जाता है। मगर जेल में सुबह व शाम तलाशी में ऐसे उत्पाद देखे जाते हैं। समय समय पर पकड़े भी जाते हैं। सलाद काटने के लिए अब प्लास्टिक की मशीनें जेल में लगवा दी गई हैं। अपने यहां 2010 के बाद से कोई विवाद भी सामने नहीं आया।-बृजेंद्र यादव, वरिष्ठ अधीक्षक

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जेल में भंडारा यानि भोजनालय में बर्तनों को गर्म कर उन्हें कट्टन बनाने के लिए ढाला जाता है। फिर उन्हें घिसकर छोटे व बड़े हथियार बनाए जाते हैं। यह प्राचीन चलन है। ये हथियार बंदियों द्वारा छिपाकर रखे जाते हैं।-हत्या में उम्रकैद काटकर रिहा हुए एक बुजुर्ग

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आईये जानते हैं कि किस तरह जेल में बनता व रखा जाता है ये हथियार

जेल नियमावली के अनुसार निरुद्ध बंदी व दोषी को खाने के लिए बर्तन मिलते हैं। हालांकि बर्तनों में चम्मच रखना प्रतिबंधित है। बावजूद इसके चोरी छिपे बंदी चम्मच या उससे मिलता जुलता उत्पाद रख लेते हैं। उसका एक हिस्सा खाने में प्रयोग होता है, जबकि दूसरा हिस्सा पत्थर पर रगडक़र बेहद नुकीला व धारदार बना लिया जाता है। जिसके वार से किसी को भी गंभीर घायल किया जा सकता है। इसके अलावा कई बार प्लेट को दो टुकड़ों में तोडक़र भी इस तरह की छुरी रूपी कट्टन बना ली जाती है। इसके अलावा खाने पीने के उत्पाद वाली बोतलों के ढक्कन के जरिये छोटी कट्टन बना ली जाती है।

2010 के उपद्रव में छिपे मिले थे कट्टन-छुरी
जिला कारागार में हाल फिलहाल तो बंदियों के बीच किसी तरह के झगड़े या एक दूसरे पर हमले की खबर नहीं आई। मगर 2010 में 31 दिसंबर को कारागार में बंदियों के बीच उपद्रव की घटना हुई थी। हालांकि झगड़े की खबर के कुछ देर में ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया था। पीएसी तक जेल में बुलाई गई। उस समय हुई तलाशी में 200 से अधिक कट्टन व बर्तनों से बनाई गईं छोटी छुरी जमीन में दबी बरामद की गई थीं।

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