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महिला-बच्चे करते गाय चोरी..फिर होती गोकशी
अमर उजाला/ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Aug 2016 01:58 AM IST
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महानगर व उससे सटे इलाके में अब बच्चों व महिलाओं की मदद से गोकशी का धंधा चल रहा है। ताकि किसी को शक भी न हो। बीते सप्ताह ओजोन सिटी के पास हुई गोकशी की घटना का खुलासा करते हुए क्वार्सी पुलिस इस गोकश रैकेट का भंड़ाफोड़ा है और महिला व तीन बच्चों सहित पांच लोग गिरफ्तार किए हैं। हालांकि अभी गैंग के सरगना सहित पांच लोग फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
सीओ तृतीय राजीव सिंह ने बताया कि 11 अगस्त को हुई गोकशी के खुलासे को लगी पुलिस टीम को मंगलवार सुबह मुखबिर की सूचना के आधार पर सफलता हाथ लगी। महुआ खेड़ा के पास टीम गोवंश की कट्टी के लिए एकत्रित थी।
तभी उन्हें दबोच लिया गया। उनके पास से एक गाय, दो गोवंश सांड़, आधा दर्जन छुरा, दस रस्सा आदि बरामद हुए। दबोचे गए लोगों में सलमान निवासी जीवनगढ़ गली नंबर एक, भूरा निवासी अली नगर कमालपुर रोड, गैंग के सरगना तोफीक पहलवान की पत्नी बिस्मिल्लाह निवासी मक्खी मोहल्ला क्वार्टर देहली गेट के अलावा तीन बच्चे शामिल हैं। तीनों बच्चे दस-बारह साल उम्र के हैं जो गांधीपार्क की मलिन व दलित बस्तियों के रहने वाले हैं।
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पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि तोफीक पहलवान काली मसजिद अब्दुल्ला गेट अमीर निशा सिविल लाइंस गैंग का सरगना है। बिस्मिल्लाह उसकी दूसरी पत्नी है। बिस्मिल्लाह इलाके में घूमकर कूड़ा बीनने या मजदूरी करने वाले बच्चों को चंद रुपयों का लालच देकर शाम होते ही गोवंश की चोरी कराती। यह बच्चे गोवंश चोरी कर किसी जंगल में उन्हें बांधकर महिला के पास आ जाते।
फिर तोफीक व उसके अन्य साथी वहां जाकर उनकी कट्टी करते और माल टैंपो या लोडर में लाद आते। इसके बाद महिला उन्हीं बच्चों के साथ टेंपो में माल लादकर बताए गए ठिकाने पर पहुंचाती। रास्ते में कोई इसलिए उन पर शक भी नहीं करता कि वाहन में महिला व बच्चे बैठे हैं। इस गैंग ने एक जुलाई और 11 अगस्त को क्वार्सी इलाके की गोकशी की दोनों घटनाएं स्वीकारी हैं।
तोफीक पर जवां में भी पहले से गोकशी का मुकदमा दर्ज है। सीओ के अनुसार अभी इस गैंग के सरगना तोफीक सहित मुबारक निवासी नीवरी मोड़ देहली गेट, शकील कुरैशी व उसका भाई अकील कुरैशी निवासी छोटी चौक सराय रहमान बन्नादेवी, राहत कुरैशी निवासी गोश्त वाली गली दोदपुर सिविल लाइंस फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। इनमें शकील, अकील व राहत की दुकान पर माल बिकता है। यह तीनों ही पूरे गैंग को खर्चा व माल की कीमत देते हैं। इस खुलासा टीम में एसओ क्वार्सी विनोद यादव व उनकी टीम की भूमिका सराहनीय रही है ।
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सीओ तृतीय राजीव सिंह ने बताया कि 11 अगस्त को हुई गोकशी के खुलासे को लगी पुलिस टीम को मंगलवार सुबह मुखबिर की सूचना के आधार पर सफलता हाथ लगी। महुआ खेड़ा के पास टीम गोवंश की कट्टी के लिए एकत्रित थी।
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तभी उन्हें दबोच लिया गया। उनके पास से एक गाय, दो गोवंश सांड़, आधा दर्जन छुरा, दस रस्सा आदि बरामद हुए। दबोचे गए लोगों में सलमान निवासी जीवनगढ़ गली नंबर एक, भूरा निवासी अली नगर कमालपुर रोड, गैंग के सरगना तोफीक पहलवान की पत्नी बिस्मिल्लाह निवासी मक्खी मोहल्ला क्वार्टर देहली गेट के अलावा तीन बच्चे शामिल हैं। तीनों बच्चे दस-बारह साल उम्र के हैं जो गांधीपार्क की मलिन व दलित बस्तियों के रहने वाले हैं।
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पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि तोफीक पहलवान काली मसजिद अब्दुल्ला गेट अमीर निशा सिविल लाइंस गैंग का सरगना है। बिस्मिल्लाह उसकी दूसरी पत्नी है। बिस्मिल्लाह इलाके में घूमकर कूड़ा बीनने या मजदूरी करने वाले बच्चों को चंद रुपयों का लालच देकर शाम होते ही गोवंश की चोरी कराती। यह बच्चे गोवंश चोरी कर किसी जंगल में उन्हें बांधकर महिला के पास आ जाते।
फिर तोफीक व उसके अन्य साथी वहां जाकर उनकी कट्टी करते और माल टैंपो या लोडर में लाद आते। इसके बाद महिला उन्हीं बच्चों के साथ टेंपो में माल लादकर बताए गए ठिकाने पर पहुंचाती। रास्ते में कोई इसलिए उन पर शक भी नहीं करता कि वाहन में महिला व बच्चे बैठे हैं। इस गैंग ने एक जुलाई और 11 अगस्त को क्वार्सी इलाके की गोकशी की दोनों घटनाएं स्वीकारी हैं।
तोफीक पर जवां में भी पहले से गोकशी का मुकदमा दर्ज है। सीओ के अनुसार अभी इस गैंग के सरगना तोफीक सहित मुबारक निवासी नीवरी मोड़ देहली गेट, शकील कुरैशी व उसका भाई अकील कुरैशी निवासी छोटी चौक सराय रहमान बन्नादेवी, राहत कुरैशी निवासी गोश्त वाली गली दोदपुर सिविल लाइंस फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। इनमें शकील, अकील व राहत की दुकान पर माल बिकता है। यह तीनों ही पूरे गैंग को खर्चा व माल की कीमत देते हैं। इस खुलासा टीम में एसओ क्वार्सी विनोद यादव व उनकी टीम की भूमिका सराहनीय रही है ।