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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   There was no witness on the spot ... now scientific evidence will testify

मौके पर न था कोई साक्षी... अब वैज्ञानिक साक्ष्य देंगे गवाही

Fri, 01 Jan 2021 11:29 PM IST
राजेश सिंह क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: राजेश सिंह Updated Fri, 01 Jan 2021 11:29 PM IST
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शीशियापाड़ा के प्रसिद्ध फर्नेश कारोबारी सुरेश कुमार जिंदल को दिनदहाड़े अगवा कर 6 लाख रुपये की फिरौती वसूलकर छोड़ने की घटना किसी से छिपी नहीं है। मगर, खास बात ये है कि इस घटना में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस आज भी एड़ी चोटी का जोर लगाए है। मौका-ए-वारदात का कोई गवाह न होने और सीसीटीवी फुटेज में किसी तरह की वारदात कैद न होने के कारण पुलिस इस घटना के आरोपियों के खिलाफ वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित करने में जुटी है। बदमाशों के डीएनए सैंपल मिलान से लेकर फिंगर प्रिंट और वॉइस मिलान पर काम किया जा रहा है।
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ये था घटनाक्रम
वाकया 16 जून की सुबह का है, शीशियापाड़ा से कारोबारी अपनी कार से इगलास क्षेत्र के गांव भौरा गौरवा स्थित अपनी फर्नेश फैक्टरी में जा रहे थे। रास्ते से ही उन्हें स्कार्पियो सवार वर्दीधारी बदमाश यह कहकर अगवा कर ले गए कि उनके पुलिस थाने में वारंट हैं। थाने ले जाकर पूछताछ करनी है। बाद में उन्हीं के फोन से उनकी बीवी से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी और घंटों घुमाने के बाद 6 लाख रुपये फिरौती वसूलकर उन्हें छोड़ गए थे। इस पूरी वारदात की जांच में पुलिस को उठाने से लेकर छोड़ने तक के समय का कोई गवाह नहीं मिला और न कहीं सीसीटीवी फुटेज मिले।
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कुख्यात विनोद जाट और गैंग ने की वारदात
25 दिन के प्रयास के बाद पुलिस की जांच में उजागर हुआ कि इस वारदात को हाथरस जनपद के मुरसान क्षेत्र के पुलिस के बर्खास्त सिपाही कुख्यात अपराधी विनोद जाट व उसके साथी विनोद पथैना के गैंग ने अंजाम दिया है। इस गैंग के कुछ साथी पकड़कर जेल भेजे गए। बाद में विनोद जाट व विनोद पथैना पर इनाम घोषित हुआ। पुलिस पीछे लगी तो विनोद जाट ने आगरा में पुराने मुकदमे में न्यायालय में सरेंडर कर दिया, जबकि विनोद पथैना आज तक फरार है। जिसकी तलाश लगातार पुलिस टीम कर रही है।
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ऐसे संकलित किए जा रहे साक्ष्य
इस वारदात में कोई स्वतंत्र साक्षी न होने के कारण पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों पर काम शुरू किया। पुलिस ने उस कार से बदमाशों के बाल, फिंगर प्रिंट आदि संकलित कर लिए थे, जिसमें कारोबारी को ले जाया गया था। वह कार कारोबारी की ही थी। जब बदमाश पकड़े और विनोद रिमांड पर लिया गया तो उसके डीएनए व फिंगर प्रिंट सैंपल लिए गए। इनका मिलान होना बदमाशों के खिलाफ ठोस साक्ष्य होगा। इसके अलावा अपहरण के समय सुरेंद्र की पत्नी को उसी के नंबर से बदमाश कॉल कर रहे थे। उस कॉल को महिला रिकार्ड कर रही थी। उस कॉल में रिकार्ड आवाज को विनोद जाट व उसके दो साथियों जयपाल व संतोष की आवाज से मिलान के लिए वॉइस सैंपल भी संकलित कराए जा रहे हैं। इसे लेकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ से जिला पुलिस ने तारीख मांगी है कि इन तीनों अपराधियों को किस दिन वॉइस सैंपल मिलान के लिए लाया जाए। वहां से तारीख मिलने पर तीनों को लखनऊ ले जाया जाएगा। अगर आवाज का मिलान होता है तो वह इनके खिलाफ ठोस साक्ष्य होगा।


- इस अपहरण कांड के आरोपियों के खिलाफ वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन का काम किया गया है। जिसके तहत अब तक डीएनए सैंपल लिए गए और फिंगर प्रिंट लिए गए। अब वाइस सैंपल भी कराए जाने की कवायद चल रही है। इसके लिए तीनों को लखनऊ ले जाया जाएगा। इसके लिए लखनऊ से तारीख मांगी गई है। यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी होगी। इसके बाद जल्द से जल्द ट्रायल शुरू कराया जाएगा।-मुनिराज जी एसएसपी
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