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टशन में हत्या या वजह और, दो गिरफ्तार
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Mon, 16 Jul 2018 02:11 AM IST
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गिरफ्तार किए गए आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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महानगर के बन्नादेवी के अतिव्यस्त और घने पत्थर बाजार में गुरुवार देर रात हुई दलित युवक विकास उर्फ विक्की की हत्या टशन में हुए झगड़े का बदला लेने के लिए की गई। हत्याकांड के 48 घंटे में ही पुलिस ने इसका खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 4 अभी फरार हैं। मगर जिस अंदाज में आरोपियों ने उसे सात-सात गोलियां मारकर मौत के घाट उतारा, उससे लग नहीं रहा कि महज इतनी सी बात पर यह हत्या की गई होगी। वजह कुछ और भी हो सकती है। जो या तो पुलिस को बताई नहीं गई। या पुलिस बताने से बच रही है। फिलहाल पुलिस 4 अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि इस घटना के खुलासे में जुटी टीम ने दो दिन पहले यानि शुक्रवार रात में ही नामजद मुख्य आरोपी शिवम पुत्र श्याम निवासी शीशियापाड़ा गांधीपार्क व उसके साथी अजय पुत्र योगेन्द्र पाल निवासी विकास नगर एटा चुंगी गांधीपार्क को सासनी गेट चौराहे से दबोच लिया। विस्तृत पूछताछ में दोनों ने स्वीकारा कि शुभम पंडित हमारा दोस्त है, जो घटना वाली सुबह ही आगरा जेल से आर्म्स एक्ट के मुकदमे में छूटकर आया था। उसी दिन विकास का कैफे-99 में शुभम से झगड़ा हुआ था, जहां उसने शुभम संग मारपीट कर उसकी बेइज्जती कर दी थी। इसकी शिकायत शुभम ने हमसे की तो हम उसे शाम को दोपहर में पीटने गए। मगर उस समय विक्की ने अपने सारसौल के कुछ साथियों को बुलाकर एकत्रित कर लिया।
चूंकि उस समय हम संख्या में कम थे और वे ज्यादा थे। इसलिए झगड़ा टाल दिया गया। इसके बाद रात को हम लोग उसके घर उसे सबक सिखाने के इरादे से गए। तभी वहां शुभम ने अपनी 32 बोर रिवाल्वर से उसे 5 गोलियां मार दीं। पांच गोलियों के बाद भी वह नहीं मारा तो फिर तमंचे से खुद शिवम व अजय ने एक-एक गोली मारी। तब उसकी मौत से आश्वस्त होकर हम लोग वहां से भाग गए।
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हत्या के समय उनके साथ पकड़े गए दोनों के अलावा फरार शुभम, कान्हा पंडित, सुशांत व एक अन्य जो शुभम का दोस्त है घटनास्थल पर मौजूद थे। एक गोली कान्हा ने भी चलाई थी। एसपी सिटी के अनुसार पकड़ा गया शिवम पेशेवर अपराधी है। बाइकर्स अजय राज के साथ वह धीरा ठाकुर हत्याकांड में भी था। उसका भाई पेशेवर सटोरिया है। यह लोग इस तरह हत्या करने के आदि हैं। इन पर गैंगेस्टर व एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी। इधर, एसपी सिटी ने हत्या की वजह के सही सवाल पर यह भी कहा कि अन्य आरोपियों के पकड़े जाने पर भी उनसे पूछताछ में सही बात उजागर हो सकती है। इस मौके पर सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। दोनों से दो तमंचे भी बरामद हुए हैं। इस गिरफ्तारी टीम में इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह, एसएसआई पवन चौधरी, नरेश सिंह, अनुज सिंह आदि शामिल रहे।
विकास पर भी थे मुकदमे
एसपी सिटी के अनुसार मृत विकास भी इन्हीं की तरह आपराधिक घटनाओं में लिप्त रहता था। उसका भी इन लोगों के साथ उठना बैठना था। इसी तरह की टशन में यह लोग हत्या होना बता रहे हैं। विक्की पर बन्नादेवी व सिविल लाइंस में अब तक मुकदमे प्रकाश में आए हैं। बाकी तलाश किए जा रहे हैं।
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एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि इस घटना के खुलासे में जुटी टीम ने दो दिन पहले यानि शुक्रवार रात में ही नामजद मुख्य आरोपी शिवम पुत्र श्याम निवासी शीशियापाड़ा गांधीपार्क व उसके साथी अजय पुत्र योगेन्द्र पाल निवासी विकास नगर एटा चुंगी गांधीपार्क को सासनी गेट चौराहे से दबोच लिया। विस्तृत पूछताछ में दोनों ने स्वीकारा कि शुभम पंडित हमारा दोस्त है, जो घटना वाली सुबह ही आगरा जेल से आर्म्स एक्ट के मुकदमे में छूटकर आया था। उसी दिन विकास का कैफे-99 में शुभम से झगड़ा हुआ था, जहां उसने शुभम संग मारपीट कर उसकी बेइज्जती कर दी थी। इसकी शिकायत शुभम ने हमसे की तो हम उसे शाम को दोपहर में पीटने गए। मगर उस समय विक्की ने अपने सारसौल के कुछ साथियों को बुलाकर एकत्रित कर लिया।
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चूंकि उस समय हम संख्या में कम थे और वे ज्यादा थे। इसलिए झगड़ा टाल दिया गया। इसके बाद रात को हम लोग उसके घर उसे सबक सिखाने के इरादे से गए। तभी वहां शुभम ने अपनी 32 बोर रिवाल्वर से उसे 5 गोलियां मार दीं। पांच गोलियों के बाद भी वह नहीं मारा तो फिर तमंचे से खुद शिवम व अजय ने एक-एक गोली मारी। तब उसकी मौत से आश्वस्त होकर हम लोग वहां से भाग गए।
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हत्या के समय उनके साथ पकड़े गए दोनों के अलावा फरार शुभम, कान्हा पंडित, सुशांत व एक अन्य जो शुभम का दोस्त है घटनास्थल पर मौजूद थे। एक गोली कान्हा ने भी चलाई थी। एसपी सिटी के अनुसार पकड़ा गया शिवम पेशेवर अपराधी है। बाइकर्स अजय राज के साथ वह धीरा ठाकुर हत्याकांड में भी था। उसका भाई पेशेवर सटोरिया है। यह लोग इस तरह हत्या करने के आदि हैं। इन पर गैंगेस्टर व एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी। इधर, एसपी सिटी ने हत्या की वजह के सही सवाल पर यह भी कहा कि अन्य आरोपियों के पकड़े जाने पर भी उनसे पूछताछ में सही बात उजागर हो सकती है। इस मौके पर सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। दोनों से दो तमंचे भी बरामद हुए हैं। इस गिरफ्तारी टीम में इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह, एसएसआई पवन चौधरी, नरेश सिंह, अनुज सिंह आदि शामिल रहे।
विकास पर भी थे मुकदमे
एसपी सिटी के अनुसार मृत विकास भी इन्हीं की तरह आपराधिक घटनाओं में लिप्त रहता था। उसका भी इन लोगों के साथ उठना बैठना था। इसी तरह की टशन में यह लोग हत्या होना बता रहे हैं। विक्की पर बन्नादेवी व सिविल लाइंस में अब तक मुकदमे प्रकाश में आए हैं। बाकी तलाश किए जा रहे हैं।