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खुलासा : पहली पत्नी ने कराई दिल्ली के बिल्डर की हत्या
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Fri, 17 Nov 2017 02:10 AM IST
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रिजवान की हत्या का खुलासा करते एसएसपी राजेश पांडेय
- फोटो : Amar Ujala
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हरदुआगंज क्षेत्र में पनैठी-साधु आश्रम लिंक रोड पर स्कोडा कार सहित जलाए गए दिल्ली के बिल्डर रिजवान की हत्या उसकी पहली पत्नी नाजरीन ने ही प्रापर्टी और प्रेमी को पाने के लिए कराई थी। गुरुवार को यह खुलासा करते हुए पुलिस ने नाजरीन, उसके प्रेमी व भाई सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। चारों को शाम को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद जेल भेज दिया गया। अभी अलीगढ़ जिले का निवासी एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश चल रही है।
एसएसपी राजेश पांडेय ने पुलिस लाइन सभागार में गुरुवार को प्रेसवार्ता में बताया कि 10/11 नवंबर की रात हुई रिजवान निवासी ओखला दिल्ली (हाल निवासी न्यू अशोक नगर दिल्ली) की हत्या कर कार सहित लाश जलाने की घटना की जांच में सर्विलांस डिटेल और पूछताछ में पता चला कि रिजवान की पहली पत्नी नाजरीन का सोनू नाम के युवक से संबंध हैं। रिजवान की दूसरी पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में 26 अक्तूबर को रिहाई के बाद नाजरीन ने फिर से साथ रहने व सब कुछ भुलाने का भरोसा दिया। इस पर वह नाजरीन के साथ रहने लगा। मगर नाजरीन व सोनू ने रिजवान की संपत्ति हड़पने के लिए उसकी हत्या की सीजिश रच डाली।
इसी साजिश के तहत घटना वाली सुबह रिजवान की कार सोनू ने अपने परिचित के वर्कशॉप पर सर्विस के लिए भिजवाई। इसके बाद शाम को उसे यह कहकर फोन किया कि गाड़ी भी ले जाए। उसने रिजवान को कालगर्ल का लालच भी दिया। इसमें रिजवान फंस गया। वहां से रिजवान की गाड़ी और सोनू द्वारा भाड़े पर ली गई टैक्सी में रिजवान, सोनू, उसके दोस्त आफरोज व आशू उर्फ आस मोहम्मद, नाजरीन का भाई शाहरुख व एक कालगर्ल सहित कुल 6 लोग दिल्ली से शाम करीब साढ़े सात बजे घूमने के बहाने निकले। यहां से निकलते ही शराब शुरू हो गई।
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रिजवान को जानबूझकर कॉकटेल कराया गया, जिससे वह बेसुध हो गया। बेसुध होते ही कालगर्ल को बुलंदशहर से वापस भेज बाकी लोग दोनों गाड़ियों से आगे बढ़े। इस दौरान गाड़ी आफरोज चला रहा था और रिजवान ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठा था। पीछे आशू व सोनू बैठे थे। जीटी रोड के टोल से बचने के लिए अनूपशहर के रास्ते अलीगढ़ लाया गया।
घटनास्थल पर उसकी सीट के पीछे बैठे सोनू ने रस्सी से गला घोंटकर रिजवान की हत्या की। लाश ड्राइविंग सीट पर रखकर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी गई। इस दौरान लाइटर से आग लगाते समय सोनू का दायां हाथ बुरी तरह झुलस गया। बाद में इसका इलाज भी कराया। इस मौके पर एसपी देहात डॉ. यशवीर सिंह, एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
एक फोन कॉल और कॉल डिटेल ने खोला भेद
नाजरीन और सोनू ने रिजवान की हत्या के लिए बेहद फूल प्रूफ प्लानिंग बनाई थी। मगर गच्चा खा गए। एक फोन कॉल और कॉल डिटेल ने पुलिस के सामने जो सबूत पेश किए। उनके आधार पर पुलिस ने गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाने में आर्म्स एक्ट में अपनी गिरफ्तारी दे चुके सोनू व अफरोज को जेल जाने से रुकवा लिया। इसके बाद पूछताछ में परतें खुलती गईं। जब उनके सामने नाजरीन को पेश किया गया, तो वह भी सच न छिपा सकी।
पुलिस ने नाजरीन सहित अन्य परिजनों के नंबरों की कॉल डिटेल निकलवाई तो पाया कि घटना वाली रात 10.30 बजे तक रिजवान का नंबर चालू था। उसका फोन बुलंदशहर में बंद हुआ। इसके बाद भी नाजरीन की किसी अन्य नंबर पर लगातार बात हो रही थी। यह नंबर सोनू का था। नाजरीन के मोबाइल में काल रिकार्ड भी मिल गया। पता चला कि सोनू व अफरोज ने गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाने के दो सिपाहियों की मदद से आर्म्स एक्ट में गिरफ्तारी दिखा जेल जाने की तैयारी में हैं। एसएसपी अलीगढ़ ने गाजियाबाद एसएसपी से वार्ता कर उनका जेल जाना रुकवाया और निजी मुचलके पर जमानत दिलाकर अलीगढ़ पुलिस के सुपुर्द कराया। पूछताछ में सभी नाम सामने आए, जिनमें से आशू छोड़कर बाकी की गिरफ्तारी हुई है।
सिम को लेकर शुरू हुआ था प्यार
नाजरीन ने संपत्ति के लालच में अपने 10 साल पुराने प्यार का गला घोंट दिया। नाजरीन की मानें तो एक सिम से उसके और रिजवान के प्रेम संबंधों की शुरुआत हुई। अब रिजवान का परिवार नाजरीन से पैदा उसकी सात साल की बेटी को अपने पास रखने की कवायद में जुट गया है। पुलिस ने नाजरीन को बातों में लेकर दो दिन से रोके रखा था। गिरफ्तारी के बाद हरदुआगंज थाने में मौजूद नाजरीन ने बताया कि दस साल पहले वह एक निजी कंपनी में काम करती थी, जबकि रिजवान मोबाइल कंपनी के पोस्टपेड कनेक्शन देने का काम करता था। एक दिन जब वह कंपनी में सिम देने आया, तभी दोनों की पहली मुलाकात हुई। रिजवान के परिजनों की सहमति से दोनों ने शादी कर ली। कुछ समय तक सब ठीक रहा, बाद में दोनों में कहासुनी होने लगी। जब रिजवान ने कई बार घर से बाहर जाने का नाजरीन का झूठ पकड़ा, तो विवाद के बाद तलाक दे दिया।
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एसएसपी राजेश पांडेय ने पुलिस लाइन सभागार में गुरुवार को प्रेसवार्ता में बताया कि 10/11 नवंबर की रात हुई रिजवान निवासी ओखला दिल्ली (हाल निवासी न्यू अशोक नगर दिल्ली) की हत्या कर कार सहित लाश जलाने की घटना की जांच में सर्विलांस डिटेल और पूछताछ में पता चला कि रिजवान की पहली पत्नी नाजरीन का सोनू नाम के युवक से संबंध हैं। रिजवान की दूसरी पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में 26 अक्तूबर को रिहाई के बाद नाजरीन ने फिर से साथ रहने व सब कुछ भुलाने का भरोसा दिया। इस पर वह नाजरीन के साथ रहने लगा। मगर नाजरीन व सोनू ने रिजवान की संपत्ति हड़पने के लिए उसकी हत्या की सीजिश रच डाली।
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इसी साजिश के तहत घटना वाली सुबह रिजवान की कार सोनू ने अपने परिचित के वर्कशॉप पर सर्विस के लिए भिजवाई। इसके बाद शाम को उसे यह कहकर फोन किया कि गाड़ी भी ले जाए। उसने रिजवान को कालगर्ल का लालच भी दिया। इसमें रिजवान फंस गया। वहां से रिजवान की गाड़ी और सोनू द्वारा भाड़े पर ली गई टैक्सी में रिजवान, सोनू, उसके दोस्त आफरोज व आशू उर्फ आस मोहम्मद, नाजरीन का भाई शाहरुख व एक कालगर्ल सहित कुल 6 लोग दिल्ली से शाम करीब साढ़े सात बजे घूमने के बहाने निकले। यहां से निकलते ही शराब शुरू हो गई।
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रिजवान को जानबूझकर कॉकटेल कराया गया, जिससे वह बेसुध हो गया। बेसुध होते ही कालगर्ल को बुलंदशहर से वापस भेज बाकी लोग दोनों गाड़ियों से आगे बढ़े। इस दौरान गाड़ी आफरोज चला रहा था और रिजवान ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठा था। पीछे आशू व सोनू बैठे थे। जीटी रोड के टोल से बचने के लिए अनूपशहर के रास्ते अलीगढ़ लाया गया।
घटनास्थल पर उसकी सीट के पीछे बैठे सोनू ने रस्सी से गला घोंटकर रिजवान की हत्या की। लाश ड्राइविंग सीट पर रखकर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी गई। इस दौरान लाइटर से आग लगाते समय सोनू का दायां हाथ बुरी तरह झुलस गया। बाद में इसका इलाज भी कराया। इस मौके पर एसपी देहात डॉ. यशवीर सिंह, एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
एक फोन कॉल और कॉल डिटेल ने खोला भेद
नाजरीन और सोनू ने रिजवान की हत्या के लिए बेहद फूल प्रूफ प्लानिंग बनाई थी। मगर गच्चा खा गए। एक फोन कॉल और कॉल डिटेल ने पुलिस के सामने जो सबूत पेश किए। उनके आधार पर पुलिस ने गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाने में आर्म्स एक्ट में अपनी गिरफ्तारी दे चुके सोनू व अफरोज को जेल जाने से रुकवा लिया। इसके बाद पूछताछ में परतें खुलती गईं। जब उनके सामने नाजरीन को पेश किया गया, तो वह भी सच न छिपा सकी।
पुलिस ने नाजरीन सहित अन्य परिजनों के नंबरों की कॉल डिटेल निकलवाई तो पाया कि घटना वाली रात 10.30 बजे तक रिजवान का नंबर चालू था। उसका फोन बुलंदशहर में बंद हुआ। इसके बाद भी नाजरीन की किसी अन्य नंबर पर लगातार बात हो रही थी। यह नंबर सोनू का था। नाजरीन के मोबाइल में काल रिकार्ड भी मिल गया। पता चला कि सोनू व अफरोज ने गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाने के दो सिपाहियों की मदद से आर्म्स एक्ट में गिरफ्तारी दिखा जेल जाने की तैयारी में हैं। एसएसपी अलीगढ़ ने गाजियाबाद एसएसपी से वार्ता कर उनका जेल जाना रुकवाया और निजी मुचलके पर जमानत दिलाकर अलीगढ़ पुलिस के सुपुर्द कराया। पूछताछ में सभी नाम सामने आए, जिनमें से आशू छोड़कर बाकी की गिरफ्तारी हुई है।
सिम को लेकर शुरू हुआ था प्यार
नाजरीन ने संपत्ति के लालच में अपने 10 साल पुराने प्यार का गला घोंट दिया। नाजरीन की मानें तो एक सिम से उसके और रिजवान के प्रेम संबंधों की शुरुआत हुई। अब रिजवान का परिवार नाजरीन से पैदा उसकी सात साल की बेटी को अपने पास रखने की कवायद में जुट गया है। पुलिस ने नाजरीन को बातों में लेकर दो दिन से रोके रखा था। गिरफ्तारी के बाद हरदुआगंज थाने में मौजूद नाजरीन ने बताया कि दस साल पहले वह एक निजी कंपनी में काम करती थी, जबकि रिजवान मोबाइल कंपनी के पोस्टपेड कनेक्शन देने का काम करता था। एक दिन जब वह कंपनी में सिम देने आया, तभी दोनों की पहली मुलाकात हुई। रिजवान के परिजनों की सहमति से दोनों ने शादी कर ली। कुछ समय तक सब ठीक रहा, बाद में दोनों में कहासुनी होने लगी। जब रिजवान ने कई बार घर से बाहर जाने का नाजरीन का झूठ पकड़ा, तो विवाद के बाद तलाक दे दिया।