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भागे थे प्रेमी युगल, चली गई मासूम की जान

Fri, 15 Jun 2018 02:09 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Updated Fri, 15 Jun 2018 02:09 AM IST
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Ran the boyfriend couple, went away innocent
पकड़े गये हत्यारोपी के बारे में जानकारी देते एसएसपी अजय साहनी। - फोटो : Amar Ujala
घर से भागकर शादी करने के बाद अपनी नामजदगी से बौखलाए लड़के के बाप ने लड़की पक्ष को उल्टा फंसाने के लिए एक निर्दोष बच्चे का अपहरण कर हत्या कर दी। इस जुर्म का इल्जाम लड़की पक्ष पर रख दिया और बच्चे के अपहरण का मुकदमा भी दर्ज करा दिया। थाना अकराबाद पुलिस की जांच में जब बात खुली तो सभी हैरत में थे। इसके बाद अपहरण व हत्या के मुख्य आरोपी लड़का पक्ष के दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि पांच अभी फरार हैं। लड़की पक्ष ने नाबालिग को भगाने का मुकदमा दर्ज करा रखा था। 
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 एसएसपी अजय कुमार साहनी ने गुरुवार को अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता में बताया कि अकराबाद के गांव मिर्जा चांदपुर के रहने वाले एक ग्रामीण की बेटी अपने ही समुदाय के ही लईक पुत्र रहीश मोहम्मद के साथ चली गई थी। दोनों ने हाईकोर्ट में शादी भी कर ली। इस मामले में लड़की के पिता ने भगाने के आरोपी लईक, उसके चार भाई, इसराक, अनीस, संजय व मुशीर के साथ ही तालिब पुत्र जाहिद, सूरज पाल पुत्र मटरू और कलुवा पुत्र श्रीपाल के खिलाफ मुकदमा (धारा 363, 366 और 120 बी) दर्ज करा दिया था।
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लड़की के पिता का आरोप है कि उसकी बेटी की उम्र कम है और कागजों में हेराफेरी करके उम्र बढ़ी दिखाकर लईक ने उसकी बेटी से शादी कर ली। लड़की का पिता इस संबंध में हाईकोर्ट में शपथ पत्र देने की तैयारी कर रहा था। इस बात की भनक जब आरोपी लईक के परिवार को लगी तो बेटी के पिता को किसी झूठे केस में फंसाने की योजना बनाई, जिससे वह इसी में फंस जाए और हाईकोर्ट नहीं पहुंच सके। इस खुलासे में एसपी देहात डॉ.यशवीर सिंह व सीओ बरला अनुज कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसएसपी ने पुलिस टीम को 10 हजार के नकद इनाम से सम्मानित करने की घोषणा की है। खुलासा करने वाली टीम में थाना अकराबाद प्रभारी विनोद कुमार, सब इंस्पेक्टर शमीम अहमद, सचिन कुमार, सोहनवीर सिंह, अंकुर कुमार रहे।
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ऐसे बनी प्लानिंग
आरोपी लईक का राजकोट (गुजरात) में दरवाजे के हैंडल व कुंडे बनाने का कारखाना है। लईक के तहेरे भाई शमी हशीन का भी लईक के साथ राजकोट में दरवाजे के हत्थे व कुंडे बनाने का कारखाना है। इस कांड में सात वर्षीय बच्चा जितेंद्र जो हत्या का शिकार हुआ है, उसका बड़ा भाई कलुआ राजकोट में इनके कारखाने में मजदूरी करता है। यहां से इस कांड में राजकोट में कारखाना चला रहे शामी हसीन की एंट्री होती है। शामी हसीन ने लड़की के पिता को फंसाने के लिए गांव के ही पुराने अपराधी शरीफ पुत्र बशीर से बात की और राजकोट में ही काम करने वाले भोला पुत्र अहमद सईद निवासी चांदपुर मिर्जा को अपने साथ मिला लिया। 10-15 दिन से यह सभी लोग इसी योजना पर काम कर रहे थे। 

प्लानिंग पर लिया इस तरह एक्शन
योजना के मुताबिक श्रीपाल के लड़के जितेंद्र (7 वर्ष) का अपहरण कर हत्या करने की बात तय हुई। यह मान लिया गया कि लड़की के पिता ने जितेंद्र के भाई कलुआ का नाम मुकदमे में लिखवाया है। जब जितेंद्र का अपहरण होगा तो उसका बाप स्वाभाविक रूप से लड़की के बाप को ही इसके लिए दोषी मानेगा और मुकदमा दर्ज कराएगा। इस काम के लिए श्रीपाल के साथ उठने बैठने वाले एक व्यक्ति मुजम्मिल पुत्र साहिल वेग को शामिल किया। यह श्रीपाल के साथ जाकर रिपोर्ट दर्ज कराएगा। क्योंकि श्रीपाल मुजम्मिल की बात मानता है। इस काम के लिए शमी मोहम्मद ने 2000 रुपये भी मुजम्मिल को दिये। बच्चे को उठाने के लिए श्रीपाल के पड़ोसी मंसूर पुत्र जागन बेग को अपने साथ मिलाया तथा मुजम्मिन ने 1000 रुपये मंसूर को दिये। शमी हशीन ने सहयोग के लिए अपने रिश्ते के फूफा आसिफ  मकसूल बेग निवासी चाँदपुर मिर्जा  को भी साथ मिलाया।


इस तरह अपहरण के बाद हत्या
4- 5 दिन पहले गांव के प्राइमरी स्कूल में सबकी मीटिंग हुई, जिसके अनुसार मंसूर ने अपना सबमर्सिबल पंप चलाकर  गली में पाइप चला दिया। जिससे गली के बच्चे नहाने आये। सभी बच्चे चले गये तो मंसूर ने जितेंद्र को बातों में लगाकर शमी हसीन को सूचना दी। शमी हसीन मोटर साइकिल से भोला के साथ आया और जितेंद्र को बैठाकर ले गया। शमी हसन के घर में ऊपर वाली मंजिल पर रखा। दिन में सब लोग श्रीपाल को इधर उधर टहलाते रहे और रात में मुजम्मिल व आसिफ  अन्य लोगों के साथ श्रीपाल को लेकर थाने गये। थाने पर आसिफ  ने तहरीर लिखी तथा दूसरे पक्ष से लड़की के दो चाचाओं को मुकदमे में नामजद कर दिया।  फोन कर मंसूर व शमी हसीन ने मुजम्मिल से पूछा कि रिपोर्ट किस किस के नाम हुई, जिसके बाद शमी हसीन लकड़ी के दोनों चाचाओं की नामजदगी पर आश्वस्त हो गए। इसके बाद घटना को अंजाम दिया गया। गांव में जाने पर रात में करीब तीन बजे शामी हसीन ने मुजम्मिल को गांव के  बाहर बुलाया। यहां पर शामी हसीन, भोला, शरीफ, मंसूर, आसिफ ने बताया कि उन्होंने जितेंद्र की हत्या करके शव नाले में फेंक दिया है। इस संबंध में थाना अकराबाद पर पहले धारा 364 में मुकदमा दर्ज हुआ जिसे बाद में 302 में तरमीम किया गया। 

यह गिरफ्तार
 1- मुजम्मिल पुत्र साहिल बेग,  2- मंसूर पुत्र जागन बेग निवासी चांदपुर मिर्जा थाना अकराबाद 
यह हैं फरार
1- शमी हसीन पुत्र अमीर मोहम्मद
2- शरीफ पुत्र बशीर
3- भोला पुत्र अहमद सईद
4- आसिफ पुत्र मकबूल बेग
5- लईक पुत्र रहीश मोहम्मद
 
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