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पुलिस भर्तीः जांच में पकड़े दो मुन्नाभाई
ब्यूूराे अमर उजाला/ अलीगढ़
Updated Tue, 23 Aug 2016 01:35 AM IST
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सिविल लाइंस थाने में मुन्नाभाई।
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी पुलिस की भर्ती प्रक्रिया के तहत चल रही फिटनेस और प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान दो मुन्नाभाई पकड़े गए हैं। यह दोनों किसी अन्य के स्थान पर यहां फिटनेस में शामिल होने और प्रमाण पत्रों की जांच कराने पहुंचे थे। जब बायोमीट्रिक प्रणाली के तहत उनकी अंगूठा निशानी नहीं मिली तो भर्ती बोर्ड में शामिल अधिकारियों को शक हुआ। बाद में प्रमाण पत्र देखने पर भेद खुल गया। दोनों पर सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज किया गया है।
यूपी पुलिस की 2016 की भर्ती के लिए फरवरी-मार्च माह में आगरा में दौड़ हुई थी। उस समय सभी के फोटो, अंगूठा निशानी ऑनलाइन ले लिए गए थे और उनका डाटाबेस भी सुरक्षित कर लिया गया था। वही अभ्यर्थी अब जिलेवार फिटनेस जांच के लिए भर्ती बोर्ड के समक्ष भेजे जा रहे हैं। यहां 28 अगस्त तक फिटनेस जांच होनी है। सोमवार सुबह यहां संजीव पुत्र नवाब सिंह निवासी मुड़िया गोंडा जब सीना चौड़ाई, लंबाई नाप के लिए बोर्ड के समक्ष खड़ा हुआ और उसकी अंगूठा निशानी ली गई तो मिलान न होने पर शक हुआ।
इस पर उसे पहले वहीं बैठा लिया गया और उससे प्रमाण पत्र दिखाने को कहा गया। जब प्रमाण पत्र देखे तो वह किसी प्रशांत निवासी बरौठ नौझील मथुरा के नाम से थे। उसने पूछताछ में बताया कि भर्ती खुद उसे होना था। मगर उसने उस समय अपने मौसेरे भाई प्रशांत को दौड़ में भेज दिया था। मगर बाद में पता चला कि प्रशांत के ही दस्तावेज हैं। इसलिए वह रुपये लेकर यहां फिटनेस में शामिल होने आया था। इसी तरह पुष्पेंद्र के स्थान पर फिटनेस में शामिल होने आए विजय कुमार निवासी उदर थाना मांट मथुरा को भी दबोचा गया है। पुलिस भर्ती के नोडल अफसर एसपी यातायात के अनुसार दोनों पर सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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यूपी पुलिस की 2016 की भर्ती के लिए फरवरी-मार्च माह में आगरा में दौड़ हुई थी। उस समय सभी के फोटो, अंगूठा निशानी ऑनलाइन ले लिए गए थे और उनका डाटाबेस भी सुरक्षित कर लिया गया था। वही अभ्यर्थी अब जिलेवार फिटनेस जांच के लिए भर्ती बोर्ड के समक्ष भेजे जा रहे हैं। यहां 28 अगस्त तक फिटनेस जांच होनी है। सोमवार सुबह यहां संजीव पुत्र नवाब सिंह निवासी मुड़िया गोंडा जब सीना चौड़ाई, लंबाई नाप के लिए बोर्ड के समक्ष खड़ा हुआ और उसकी अंगूठा निशानी ली गई तो मिलान न होने पर शक हुआ।
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इस पर उसे पहले वहीं बैठा लिया गया और उससे प्रमाण पत्र दिखाने को कहा गया। जब प्रमाण पत्र देखे तो वह किसी प्रशांत निवासी बरौठ नौझील मथुरा के नाम से थे। उसने पूछताछ में बताया कि भर्ती खुद उसे होना था। मगर उसने उस समय अपने मौसेरे भाई प्रशांत को दौड़ में भेज दिया था। मगर बाद में पता चला कि प्रशांत के ही दस्तावेज हैं। इसलिए वह रुपये लेकर यहां फिटनेस में शामिल होने आया था। इसी तरह पुष्पेंद्र के स्थान पर फिटनेस में शामिल होने आए विजय कुमार निवासी उदर थाना मांट मथुरा को भी दबोचा गया है। पुलिस भर्ती के नोडल अफसर एसपी यातायात के अनुसार दोनों पर सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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