साहूकार भाई-बहन की हत्या
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इलाके के गांव चाऊपुर से लापता साहूकार भाई-बहन महेंद्री देवी (53), श्याम सिंह (38) की हत्या कर उनके शव सिखरना के पास काली नदी में फेंक दिए गए। दोनों शुक्रवार देर शाम क्षेत्र में तगादे पर निकले थे, शनिवार सुबह उनकी लाशें मिलने पर इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। दोनों को गला घोंटकर बेरहमी से मारा गया। हत्या के मूल में रुपयों का विवाद ही समझ में आ रहा है।
श्याम सिंह की अविवाहित बहन महेंद्री देवी उसके साथ ही रहती थी और दोनों साहूकारी का काम करते थे। श्याम सिंह की पत्नी खुशबू के अनुसार शुक्रवार शाम करीब छह बजे महेंद्री के मोबाइल पर किसी का फोन आया और यह कहते हुए घर से निकली कि उससे आठ लाख रुपये लाने हैं। फोन पर उसने श्याम सिंह को भी बुला लिया। इसके बाद दोनों घर नहीं लौटे और फोन भी बंद हो गए। देर रात तक वापसी न होने पर परिजनों ने तलाश शुरू कर दी, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला।
सुबह करीब 10 बजे गोधा स्टेशन के पास सिखरना रोड पर मानपुर बाग के पास सड़क पर श्याम सिंह की साइकिल मिली। पास में पुल के नीचे दोनों की लाश काली नदी में पत्थरों पर पड़ी मिलीं। इस सूचना पर एसपी सिटी डॉ.ब्रजेश सिंह, सीओ तृतीय राजीव सिंह, एसओ जवां छोटेलाल, एसओ अतरौली, फील्ड यूनिट, डॉग स्क्वायड आदि पहुंच गए। मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। रोते-बिलखते परिजन भी एकत्रित हो गए।
जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव वहां से हटवा दिए। एसओ के अनुसार अभी श्याम सिंह के बड़े भाई के बेटे महाराज सिंह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा लिखा गया है। कारण रुपयों का विवाद ही समझ में आ रहा है। जिस व्यक्ति ने महेंद्री को फोन किया था, उसकी सर्विलांस की मदद से खोज की जा रही है। जहां शव मिले हैं, वहां हत्या नहीं हुई। हत्या निश्चित तौर पर किसी अन्य स्थान पर हुई होगी। यह खुलासे के बाद साफ होगा।