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रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया पशुपालन विभाग का बाबू
Fri, 11 Jan 2019 02:10 AM IST
राजेश सिंह
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Fri, 11 Jan 2019 02:10 AM IST
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बाबू उपेंद्र कुमार
- फोटो : Rupesh
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एंटी करप्शन आगरा की टीम ने गुरुवार को हाथरस अड्डा स्थित फर्नीचर की दुकान से पशुपालन विभाग के कनिष्ठ सहायक को अपने ही विभाग के छह माह पूर्व सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। उसके पास से नेफ्थलीन पाउडर लगे तीन हजार रुपये बरामद हुए हैं। टीम के प्रभारी निरीक्षक ने आरोपी बाबू के खिलाफ थाना गांधी पार्क में मुकदमा दर्ज करा दिया है। अब उसे शुक्रवार आज एंटी करप्शन की मेरठ कोर्ट में पेश करने की तैयारी है।
पशुपालन विभाग के पिलखना अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कमलेश छह माह पहले सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी पेंशन किन्हीं कारणों से कोषागार में अटकी हुई है। कमलेश इस मामले में पशुपालन विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक उपेंद्र कुमार से मिले और अपनी समस्या बताई। आरोप है कि उपेंद्र कुमार ने पेंशन शुरू कराने के नाम पर कमलेश से दस हजार रुपये की मांग की। उसने सात हजार रुपये पहले ही दे दिये।
लेकिन जब काम नहीं हुआ तो इसकी शिकायत एंटी करप्शन विभाग से कर दी। गुरुवार को एंटी करप्शन आगरा की टीम प्रभारी निरीक्षक राजीव यादव के नेतृत्व में आ गई। सूचना मिलने पर डीएम ने दो कर्मचारी टीम के साथ भेज दिये। इस बीच कमलेश ने आरोपी बाबू उपेंद्र कुमार से बात की तो उसने सायं चार बजे कमलेश को अपने बेटे की हाथरस अड्डा स्थित फर्नीचर की दुकान पर शेष बचे तीन हजार रुपये लेकर आने को कहा।
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आश्वासन दिया कि वह स्वयं उसके साथ कोषागार जाएगा और काम करा देगा। तयशुदा समय पर कमलेश एंटी करप्शन टीम को सूचना देकर दुकान पर पहुंच गए। टीम के इशारे पर कमलेश ने नेफ्थलीन पाउडर लगे तीन हजार रुपये आरोपी बाबू उपेंद्र कुमार को दे दिये। रुपये देते ही टीम ने उसे दबोच लिया।
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक राजीव यादव ने स्वीकार किया कि पशु पालन विभाग का कनिष्ठ सहायक उपेंद्र कुमार तीन हजार रुपया रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा गया है। उसे शुक्रवार को विभाग की मेरठ कोर्ट में पेश किया जाएगा। जिला पशु चिकित्साधिकारी डा.केपी वार्ष्णेय ने स्वीकार किया कि उनके विभाग का बाबू उपेंद्र कुमार अपने ही विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी से पेंशन बंधवाने के नाम पर रिश्वत लेते पकड़ा गया है।
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पशुपालन विभाग के पिलखना अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कमलेश छह माह पहले सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी पेंशन किन्हीं कारणों से कोषागार में अटकी हुई है। कमलेश इस मामले में पशुपालन विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक उपेंद्र कुमार से मिले और अपनी समस्या बताई। आरोप है कि उपेंद्र कुमार ने पेंशन शुरू कराने के नाम पर कमलेश से दस हजार रुपये की मांग की। उसने सात हजार रुपये पहले ही दे दिये।
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लेकिन जब काम नहीं हुआ तो इसकी शिकायत एंटी करप्शन विभाग से कर दी। गुरुवार को एंटी करप्शन आगरा की टीम प्रभारी निरीक्षक राजीव यादव के नेतृत्व में आ गई। सूचना मिलने पर डीएम ने दो कर्मचारी टीम के साथ भेज दिये। इस बीच कमलेश ने आरोपी बाबू उपेंद्र कुमार से बात की तो उसने सायं चार बजे कमलेश को अपने बेटे की हाथरस अड्डा स्थित फर्नीचर की दुकान पर शेष बचे तीन हजार रुपये लेकर आने को कहा।
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आश्वासन दिया कि वह स्वयं उसके साथ कोषागार जाएगा और काम करा देगा। तयशुदा समय पर कमलेश एंटी करप्शन टीम को सूचना देकर दुकान पर पहुंच गए। टीम के इशारे पर कमलेश ने नेफ्थलीन पाउडर लगे तीन हजार रुपये आरोपी बाबू उपेंद्र कुमार को दे दिये। रुपये देते ही टीम ने उसे दबोच लिया।
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक राजीव यादव ने स्वीकार किया कि पशु पालन विभाग का कनिष्ठ सहायक उपेंद्र कुमार तीन हजार रुपया रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा गया है। उसे शुक्रवार को विभाग की मेरठ कोर्ट में पेश किया जाएगा। जिला पशु चिकित्साधिकारी डा.केपी वार्ष्णेय ने स्वीकार किया कि उनके विभाग का बाबू उपेंद्र कुमार अपने ही विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी से पेंशन बंधवाने के नाम पर रिश्वत लेते पकड़ा गया है।