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हाईकोर्ट का फर्जी अधिवक्ता बन रचाई शादी
Updated Sat, 24 Nov 2018 01:31 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
हाईकोर्ट का फर्जी अधिवक्ता बन सिकंदराराऊ के एक व्यक्ति पर थाना गांधी नगर क्षेत्र की एक महिला से दस वर्ष पूर्व शादी रचाने का आरोप लगा है। मामले के खुलासे के बाद युवक ने अपनी पत्नी और नौ वर्षीय बेटे को घर से निकाल दिया है।
महिला की शिकायत पर थाना गांधी पार्क पुलिस ने युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इधर, महिला का आरोप है कि पति ने शादी से पहले फर्जी अधिवक्ता ही नहीं, बल्कि पहले से शादीशुदा होने की बात भी छिपाई थी।
बीना शर्मा पुत्री मनोहर लाल निवासी वेदनगर, गांधी पार्क की शादी जनवरी 2008 में हाथरस के थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र के चांदगढ़ी निवासी धर्मेंद्र कुमार शर्मा के साथ हुई थी।
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महिला का आरोप है कि रिश्ते की बात के दौरान धर्मेंद्र ने खुद को हाईकोर्ट का अधिवक्ता बताया था। शादी के डेढ़ साल बाद एक बेटे का भी जन्म हो गया। मगर, शादी के कुछ साल बाद उसके फर्जी अधिवक्ता होने की बात का खुलासा हो गया।
इस बात को लेकर काई बार झगड़ा हुआ। इसके कुछ समय बाद धर्मेंद्र के शादी से पूर्व ही विवाहित होने की भी बात पता चली। इस बात को लेकर दोनों के बीच फिर से झगड़ा हुआ तो पति ने बेटे सहित घर से निकाल दिया।
अब वह मुझे अपनी पत्नी और नौ वर्षीय बेटे को भी अपना मानने से इंकार कर रहा है। इधर, पीड़िता ने इस बात की शिकायत थाना गांधी पार्क पुलिस से की है। पुलिस ने धर्मेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी और दहेज प्रताड़ना की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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हाईकोर्ट का फर्जी अधिवक्ता बन सिकंदराराऊ के एक व्यक्ति पर थाना गांधी नगर क्षेत्र की एक महिला से दस वर्ष पूर्व शादी रचाने का आरोप लगा है। मामले के खुलासे के बाद युवक ने अपनी पत्नी और नौ वर्षीय बेटे को घर से निकाल दिया है।
महिला की शिकायत पर थाना गांधी पार्क पुलिस ने युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इधर, महिला का आरोप है कि पति ने शादी से पहले फर्जी अधिवक्ता ही नहीं, बल्कि पहले से शादीशुदा होने की बात भी छिपाई थी।
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बीना शर्मा पुत्री मनोहर लाल निवासी वेदनगर, गांधी पार्क की शादी जनवरी 2008 में हाथरस के थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र के चांदगढ़ी निवासी धर्मेंद्र कुमार शर्मा के साथ हुई थी।
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महिला का आरोप है कि रिश्ते की बात के दौरान धर्मेंद्र ने खुद को हाईकोर्ट का अधिवक्ता बताया था। शादी के डेढ़ साल बाद एक बेटे का भी जन्म हो गया। मगर, शादी के कुछ साल बाद उसके फर्जी अधिवक्ता होने की बात का खुलासा हो गया।
इस बात को लेकर काई बार झगड़ा हुआ। इसके कुछ समय बाद धर्मेंद्र के शादी से पूर्व ही विवाहित होने की भी बात पता चली। इस बात को लेकर दोनों के बीच फिर से झगड़ा हुआ तो पति ने बेटे सहित घर से निकाल दिया।
अब वह मुझे अपनी पत्नी और नौ वर्षीय बेटे को भी अपना मानने से इंकार कर रहा है। इधर, पीड़िता ने इस बात की शिकायत थाना गांधी पार्क पुलिस से की है। पुलिस ने धर्मेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी और दहेज प्रताड़ना की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।