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33 फीसदी वोटों से भाजपा जीती थी मेयर का चुनाव
Updated Sun, 15 Oct 2017 02:03 AM IST
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33 फीसदी वोटों से भाजपा जीती थी मेयर का चुनाव
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
पिछले 22 वर्षों से नगर निगम के मेयर की सीट पर भाजपा का परचम ही फहराता रहा है। वर्ष 2012 में पिछड़ी जाति महिला सीट पर रिकार्ड तोड़ जीत हासिल करने वाली शकुंतला भारती ने कुल वोटों में से 33 फीसदी वोट हासिल कर परचम लहराया था।
उनकी जीत के महत्व का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके आठ प्रतिद्वंद्वियों ने कुल मिलाकर 1 लाख 18 हजार 174 वोट मिले थे तो अकेले भाजपा नेत्री के खाते में 1 लाख 11 हजार 782 वोट आए थे। यानी कि कुल प्रत्याशियों के वोटों से महज 6 हजार 392 वोट कम। हालात इस कदर उनके पक्ष में थे कि उनकी आठ प्रतिद्वंद्वियों में से दूसरे नंबर पर रही बसपा प्रत्याशी रजिया खान की ही जमानत बच सकी।
कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी शबाना खातून समेत अन्य सभी प्रतिद्वंद्वियों की जमानत जब्त हो गई। हालांकि उनकी जीत का बड़ा कारण मुसलिम वोटों का बंटाना बताया जाता रहा। क्योंकि कुल 2 लाख 29 हजार 956 वोटों में से 1 लाख 90 हजार मुस्लिम वोट छह मुस्लिम प्रत्याशियों में बंट गए थे। वर्ष 2017 में क्या होगा..? यह तो वक्त की बताएगा।
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मेयर चुनाव 2012 का परिणाम
-भाजपा प्रत्याशी शकुंतला भारती-1 लाख 11 हजार 782 वोट
-बसपा समर्थित प्रत्याशी रजिया खान-69 हजार 948 वोट
-कांग्र्रेस समर्थित प्रत्याशी शबाना खातून-13 हजार 800 वोट
-आयशा चौधरी-6 हजार 844 वोट
-गुड़िया बेगम-12 हजार 70 वोट
-गुलिस्ताना-1426 वोट
-मायादेवी-1732 वोट
-रजनी-3183 वोट
-सबीहा नदीम-9171 वोट
चार मेयर प्रत्याशियों की जीत का अंतर
-वर्ष 2012 में मेयर शकुंतला भारती-निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा समर्थित रजिया खान 41 हजार 834 वोटों के अंतर से हराया
-वर्ष 2006 में मेयर आशुतोष वार्ष्णेय-निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के जमीरउल्लाह-20 हजार वोटों के अंतर से हराया
-वर्ष 2000 में मेयर सावित्री वार्ष्णेय-निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा की रजिया खान-15 हजार वोटों के अंतर से हराया
-वर्ष 1995 में मेयर आशुतोष वार्ष्णेय-निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के विद्रोही प्रत्याशी मुकुंद हरि सिंघल-7 हजार 772 वोटों से हराया
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
पिछले 22 वर्षों से नगर निगम के मेयर की सीट पर भाजपा का परचम ही फहराता रहा है। वर्ष 2012 में पिछड़ी जाति महिला सीट पर रिकार्ड तोड़ जीत हासिल करने वाली शकुंतला भारती ने कुल वोटों में से 33 फीसदी वोट हासिल कर परचम लहराया था।
उनकी जीत के महत्व का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके आठ प्रतिद्वंद्वियों ने कुल मिलाकर 1 लाख 18 हजार 174 वोट मिले थे तो अकेले भाजपा नेत्री के खाते में 1 लाख 11 हजार 782 वोट आए थे। यानी कि कुल प्रत्याशियों के वोटों से महज 6 हजार 392 वोट कम। हालात इस कदर उनके पक्ष में थे कि उनकी आठ प्रतिद्वंद्वियों में से दूसरे नंबर पर रही बसपा प्रत्याशी रजिया खान की ही जमानत बच सकी।
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कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी शबाना खातून समेत अन्य सभी प्रतिद्वंद्वियों की जमानत जब्त हो गई। हालांकि उनकी जीत का बड़ा कारण मुसलिम वोटों का बंटाना बताया जाता रहा। क्योंकि कुल 2 लाख 29 हजार 956 वोटों में से 1 लाख 90 हजार मुस्लिम वोट छह मुस्लिम प्रत्याशियों में बंट गए थे। वर्ष 2017 में क्या होगा..? यह तो वक्त की बताएगा।
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मेयर चुनाव 2012 का परिणाम
-भाजपा प्रत्याशी शकुंतला भारती-1 लाख 11 हजार 782 वोट
-बसपा समर्थित प्रत्याशी रजिया खान-69 हजार 948 वोट
-कांग्र्रेस समर्थित प्रत्याशी शबाना खातून-13 हजार 800 वोट
-आयशा चौधरी-6 हजार 844 वोट
-गुड़िया बेगम-12 हजार 70 वोट
-गुलिस्ताना-1426 वोट
-मायादेवी-1732 वोट
-रजनी-3183 वोट
-सबीहा नदीम-9171 वोट
चार मेयर प्रत्याशियों की जीत का अंतर
-वर्ष 2012 में मेयर शकुंतला भारती-निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा समर्थित रजिया खान 41 हजार 834 वोटों के अंतर से हराया
-वर्ष 2006 में मेयर आशुतोष वार्ष्णेय-निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के जमीरउल्लाह-20 हजार वोटों के अंतर से हराया
-वर्ष 2000 में मेयर सावित्री वार्ष्णेय-निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा की रजिया खान-15 हजार वोटों के अंतर से हराया
-वर्ष 1995 में मेयर आशुतोष वार्ष्णेय-निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के विद्रोही प्रत्याशी मुकुंद हरि सिंघल-7 हजार 772 वोटों से हराया