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थाना बन्नादेवी में दलित भाजपा कार्यकर्ता को पीटा, निलंबन तय
Updated Fri, 25 May 2018 02:16 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के नगला कलार क्षेत्र के दो पक्षों में आपस में झगड़ा होने के बाद उसमें समझौता कराने गए भाजपा के दलित कार्यकर्ता को थाना बन्नादेवी में गुरुवार की रात एक दरोगा सहित पांच पुलिस कर्मियों ने जमकर अभद्रता की और मारपीट कर बुरी तरह घायल कर दिया।
सुबह जब घटना की जानकारी भाजपा नेताओं को हुई तो उन्होंने थाने का घेराव किया और दोषी पुलिस कर्मियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की। मौके पर सीओ द्वितीय पहुंचे और आश्वासन दिया है कि 26 मई तक का समय दें। इसमें मुकदमा भी दर्ज होगा और निलंबन भी होगा।
बन्ना देवी लच्छिम पुर क्षेत्र में पार्टी के वार्ड एक के सेक्टर प्रभारी महेश माहौर हैं जो कि पार्षद पद का चुनाव भी लड़ चुके हैं। बुधवार रात मोहल्ले में दो पक्ष आपस में झगड़ रहे थे। इसके बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई।
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दोनों पक्षों की ओर से जब महेश माहौर से संपर्क किया गया तो उसने रात को डेढ़ बजे विधायक संजीव राजा को फोन किया और कहा कि दोनों पक्ष अब समझौता करना चाहते हैं। वह थाने पर फोन कर दें। मैं थोड़ी देर में थाने पहुंच कर समझौता करा रहा हूं। इसके बाद विधायक ने थाने पर फोन भी कर दिया।
रात में करीब दो बजे महेश माहौर थाने पहुंचे। वहां पर वह रात में दरोगा पारस सिंह के पास पहुंचे। बताया गया है कि पारस सिंह अपनी बदतमीजी के लिए पहले भी चर्चा में रह चुका है।
पारस सिंह के पास सिपाही अजय यादव और तीन अन्य सिपाही थे। महेश माहौर के परिचय देने और मामले में समझौता कराने की बात कहने पर दरोगा भड़क गया। मामला तूल पकड़ा तो पांचों पुलिस कर्मियों ने भाजपा कार्यकर्ता को जमकर पीटा। इस हमले में उसका चेहरा जख्मी हो गया।
बाद में पुलिस कर्मियों को कुछ अहसास होने पर सुबह साढ़े तीन बजे उसे छोड़ दिया गया। जब महेश माहौर ने गुरुवार की सुबह यह बात अन्य भाजपा नेताओं को बताई तो सुबह 11 बजे मानव महाजन, शकुंतला भारती, राजीव अग्रवाल, नगर निगम कार्यकारिणी के उप सभापति ठा. पुष्पेंद्र सिंह जादौन, दिनेश गुप्ता, सुरेंद्र पचौरी, पूरन सिंह दिवाकर, राजेंद्र माहौर, हेमंत गुप्ता, दिनेश जादौन, नरेंद्र सिंह, सूरज माहौर, नरेंद्र सैनी आदि थाने पहुंच पहुंच गए।
यहां पर भाजपाइयों ने थाना घेरा और जमकर हंगामा किया। भाजपा नेताओं की मांग थी कि सभी दोषी पुलिस कर्मी निलंबित हों। थाने के सीसीटीवी चेक हों। मामले में मुकदमा भी दर्ज हो। करीब डेढ़ से दो घंटे तक हंगामा चलता रहा। मौके पर सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव पहुंचे। इन्होंने भाजपाइयों को आश्वासन दिया कि वह 26 मई तक का समय दें।
मामले की जांच करने दें। इसके बाद दोषी पुलिस कर्मियों का निलंबन भी होगा और मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। इसके बाद ही मामला शांत हुआ। सीओ द्वितीय ने बताया कि प्रकरण में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट संस्तुति सहित उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। वहीं तहरीर पर जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- रात में एक आदमी को पुलिसकर्मी पकड़ कर ले गए थे। उसी मामले में भाजपा कार्यकर्ता थाने में गया था। उसने मुंशी से क्रास एफआईआर कराने के लिए कागज मांगे तो बदसलूकी कर थाने से निकाल दिया गया। इसी बीच दरोगा पहुंच गये और उन्होंने हमारे भाजपा कार्यकर्ता को थाने में बंद कर पिटाई की। दरोगा ने जाति पूछकर मुंह में पेशाब करने की बात कही। दरोगा व मुंशी ने दुर्व्यवहार की सारी सीमाएं लांघ दी। जब इसकी सूचना कार्यकर्ताओं को मिली तो थाने का घेराव किया और पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई के बाद शांत हुए। पुलिसकर्मी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर लें। कार्यकर्ताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
- विवेक सारस्वत, महानगर अध्यक्ष भाजपा
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महानगर के नगला कलार क्षेत्र के दो पक्षों में आपस में झगड़ा होने के बाद उसमें समझौता कराने गए भाजपा के दलित कार्यकर्ता को थाना बन्नादेवी में गुरुवार की रात एक दरोगा सहित पांच पुलिस कर्मियों ने जमकर अभद्रता की और मारपीट कर बुरी तरह घायल कर दिया।
सुबह जब घटना की जानकारी भाजपा नेताओं को हुई तो उन्होंने थाने का घेराव किया और दोषी पुलिस कर्मियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की। मौके पर सीओ द्वितीय पहुंचे और आश्वासन दिया है कि 26 मई तक का समय दें। इसमें मुकदमा भी दर्ज होगा और निलंबन भी होगा।
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बन्ना देवी लच्छिम पुर क्षेत्र में पार्टी के वार्ड एक के सेक्टर प्रभारी महेश माहौर हैं जो कि पार्षद पद का चुनाव भी लड़ चुके हैं। बुधवार रात मोहल्ले में दो पक्ष आपस में झगड़ रहे थे। इसके बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई।
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दोनों पक्षों की ओर से जब महेश माहौर से संपर्क किया गया तो उसने रात को डेढ़ बजे विधायक संजीव राजा को फोन किया और कहा कि दोनों पक्ष अब समझौता करना चाहते हैं। वह थाने पर फोन कर दें। मैं थोड़ी देर में थाने पहुंच कर समझौता करा रहा हूं। इसके बाद विधायक ने थाने पर फोन भी कर दिया।
रात में करीब दो बजे महेश माहौर थाने पहुंचे। वहां पर वह रात में दरोगा पारस सिंह के पास पहुंचे। बताया गया है कि पारस सिंह अपनी बदतमीजी के लिए पहले भी चर्चा में रह चुका है।
पारस सिंह के पास सिपाही अजय यादव और तीन अन्य सिपाही थे। महेश माहौर के परिचय देने और मामले में समझौता कराने की बात कहने पर दरोगा भड़क गया। मामला तूल पकड़ा तो पांचों पुलिस कर्मियों ने भाजपा कार्यकर्ता को जमकर पीटा। इस हमले में उसका चेहरा जख्मी हो गया।
बाद में पुलिस कर्मियों को कुछ अहसास होने पर सुबह साढ़े तीन बजे उसे छोड़ दिया गया। जब महेश माहौर ने गुरुवार की सुबह यह बात अन्य भाजपा नेताओं को बताई तो सुबह 11 बजे मानव महाजन, शकुंतला भारती, राजीव अग्रवाल, नगर निगम कार्यकारिणी के उप सभापति ठा. पुष्पेंद्र सिंह जादौन, दिनेश गुप्ता, सुरेंद्र पचौरी, पूरन सिंह दिवाकर, राजेंद्र माहौर, हेमंत गुप्ता, दिनेश जादौन, नरेंद्र सिंह, सूरज माहौर, नरेंद्र सैनी आदि थाने पहुंच पहुंच गए।
यहां पर भाजपाइयों ने थाना घेरा और जमकर हंगामा किया। भाजपा नेताओं की मांग थी कि सभी दोषी पुलिस कर्मी निलंबित हों। थाने के सीसीटीवी चेक हों। मामले में मुकदमा भी दर्ज हो। करीब डेढ़ से दो घंटे तक हंगामा चलता रहा। मौके पर सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव पहुंचे। इन्होंने भाजपाइयों को आश्वासन दिया कि वह 26 मई तक का समय दें।
मामले की जांच करने दें। इसके बाद दोषी पुलिस कर्मियों का निलंबन भी होगा और मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। इसके बाद ही मामला शांत हुआ। सीओ द्वितीय ने बताया कि प्रकरण में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट संस्तुति सहित उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। वहीं तहरीर पर जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- रात में एक आदमी को पुलिसकर्मी पकड़ कर ले गए थे। उसी मामले में भाजपा कार्यकर्ता थाने में गया था। उसने मुंशी से क्रास एफआईआर कराने के लिए कागज मांगे तो बदसलूकी कर थाने से निकाल दिया गया। इसी बीच दरोगा पहुंच गये और उन्होंने हमारे भाजपा कार्यकर्ता को थाने में बंद कर पिटाई की। दरोगा ने जाति पूछकर मुंह में पेशाब करने की बात कही। दरोगा व मुंशी ने दुर्व्यवहार की सारी सीमाएं लांघ दी। जब इसकी सूचना कार्यकर्ताओं को मिली तो थाने का घेराव किया और पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई के बाद शांत हुए। पुलिसकर्मी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर लें। कार्यकर्ताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
- विवेक सारस्वत, महानगर अध्यक्ष भाजपा